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हर शनिवार को छुट्टी दो वरना... बैंक कर्मचारियों ने सरकार को दे दी बड़ी चेतावनी

बैंक के कर्मचारी संगठनों की कई मांगे हैं. कर्मचारी चाहते हैं कि सभी शनिवार को छुट्टी रहे, लेकिन इस पर अभी तक बात आगे नहीं बढ़ी. इसलिए अब कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की बड़ी चेतावनी दे दी है.

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कर्मचारी 5 डे वर्किंग की मांग कर रहे हैं (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • यूनीटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कई लंबित मुद्दों पर कर लगभग 8 लाख बैंक कर्मचारियों की 11 सितंबर से चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
  • सरकार द्वारा कर्मचारियों के पुराने समझौतों को लागू करने में देरी के कारण बैंक कर्मचारी, जैसे 5 दिन कार्य सप्ताह और प्रोत्साहन योजना, के मुद्दों पर असंतोष जता रहे हैं।
  • हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान की संभावना है और यह आगे 28-30 सितंबर तक तीन दिवसीय तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में परिवर्तित हो सकती है।

अगले महीने करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं. इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कई लंबित मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. यह हड़ताल चरणबद्ध तरीके से होगी. यूएफबीयू की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि बैंक कर्मी 11 सितंबर को देशभर में हड़ताल करेंगे. इसी तरह से यूनियनों का कहना है कि 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी.

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बैंकों की हड़ताल की असली वजह

संगठन का दावा है कि सरकार कर्मचारियों के पुराने समझौतों को लागू करने में देरी कर रही है. इनमें बैंकों में 5 दिन वर्किंग, वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए काम के आधार पर नई प्रोत्साहन योजना और पेंशन संबंधी मुद्दे शामिल हैं.

यह कदम भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और बैंक यूनियनों के बीच हुए वेतन समझौते के दो साल से अधिक समय बाद उठाया गया है. कर्मचारियों के लिए 12वां द्विपक्षीय समझौता और अधिकारियों के लिए 9वां संयुक्त समझौता 8 मार्च 2024 को किया गया था. यह नवंबर 2022 से पांच साल के लिए लागू हुआ था. इस समझौते में वेतन और भत्तों में 17% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था. इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सालाना खर्च करीब 12 हजार 449 करोड़ रुपये होने का अनुमान था. इसमें लगभग आठ लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल थे.

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हफ्ते में दो दिन छुट्टी पर कहां तक बात पहुंची?

भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और बैंक यूनियनों ने 7 दिसंबर 2023 को एक समझौता किया था. इसमें बैंकिंग सेक्टर के लिए सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की सिफारिश की गई थी. 8 मार्च 2024 को हुए समझौते में यह कहा गया कि आईबीए ने सरकार से इस प्रस्ताव को इजाजत देने की सिफारिश कर दी है. संशोधित कार्य घंटे सरकार की मंजूरी के बाद लागू होंगे. इसके तहत बैंक सभी शनिवार को बंद रहेंगे. इसके साथ ही सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना का कामकाज लगभग 40 मिनट बढ़ जाएगा.

हालांकि दो साल का समय बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया गया. वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंकों में छुट्टी रहती है.

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