Colgate-Palmolive का नाम आपने सुना ही होगा. कह सकते हैं कि भारतीय घरों का बाथरूम इनके प्रोडक्ट्स के बिना पूरा नहीं हो सकता. लेकिन क्या आपने Bombay Shaving Company का नाम सुना है? शायद इंस्टाग्राम की रील में इनके सीईओ Shantanu Deshpande को देखा होगा. बॉल्ड लुक वाले शांतनु रील में खूब नजर आते हैं. शेविंग प्रोडक्ट के लिए उनका यही लुक बढ़िया ब्रांडिंग का काम करता है. याद आया क्या?
कोलगेट-पामोलिव का धंधा अब Bombay Shaving Company चमकाएगी, कभी 14% हिस्सेदारी बेची थी
कोलगेट-पामोलिव इंडिया ने D2C स्टार्टअप 'बॉम्बे शेविंग कंपनी' के साथ पार्टनरशिप (Colgate Palmolive partnership with Bombay Shaving Company) की है. अब पर्सनल केयर ब्रांड 'पामोलिव' के D2C और ई-कॉमर्स बिज़नेस को आगे बढ़ाने का जिम्मा Bombay Shaving Company और शांतनु देशपांडे का होगा.

अब शायद आपको लगेगा कि पक्का बॉम्बे शेविंग कंपनी को कॉलगेट-पामोलिव ने खरीद लिया होगा या फिर हिस्सेदारी ली होगी. अरे भाईसाब वो तो साल 2018 में हो गया था.
दरअसल कोलगेट-पामोलिव इंडिया ने D2C स्टार्टअप 'बॉम्बे शेविंग कंपनी' के साथ पार्टनरशिप की है. अब पर्सनल केयर ब्रांड 'पामोलिव' के D2C और ई-कॉमर्स बिज़नेस को आगे बढ़ाने का जिम्मा शांतनु देशपांडे का होगा.
अभी तक तो ये होता था कि बड़े ब्रांड स्टार्टअप में पैसा लगाते, उनका अधिग्रहण करते या उनकी हेल्प करते. ऐसा हुआ भी जब कोलगेट-पामोलिव एशिया पैसिफिक ने 2018 में 18 करोड़ में बॉम्बे शेविंग कंपनी में 14 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. लेकिन इस बार उल्टी बयार चली है. इस पार्टनरशिप के तहत, बॉम्बे शेविंग कंपनी D2C और ई-कॉमर्स चैनलों पर पामोलिव के कंज्यूमर-फेसिंग विज्ञापन और कस्टमर रिलेशनशिप को मैनेज करेगी. कोलगेट-पामोलिव, पामोलिव के मॉडर्न और जनरल ट्रेड बिज़नेस, पारंपरिक विज्ञापन, प्रोडक्ट इनोवेशन, क्वालिटी और सप्लाई चेन की देखरेख करती रहेगी. मतलब कंपनी का कोर बेस नहीं बदलेगा लेकिन डिजिटल स्पेस में अब उसको फिर से खड़ा करने का काम बॉम्बे शेविंग कंपनी करेगी.

कोलगेट-पामोलिव इंडिया के पोर्टफोलियो में पामोलिव एक कमज़ोर कड़ी के तौर पर उभरा है. INC 42 से बातचीत में कोलगेट-पामोलिव इंडिया की MD और CEO प्रभा नरसिम्हन ने कहा कि वैसे तो प्रीमियम हैंडवॉश सेगमेंट में पामोलिव सबसे आगे है, लेकिन यह कैटेगरी अभी भी काफी छोटी है और इसमें ग्रोथ की काफी गुंजाइश है. उन्होंने आगे कहा, "हमने इसे खुद करने की कोशिश की थी और सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता कि हम इसमें सबसे बेहतर थे".
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स्टार्टअप, ई-कॉमर्स और डिजिटल प्रमोशन के दौर में इस कंपनी का रिकॉर्ड बहुत कुछ कहता है. साल 2016 में इसे डिजिटल फर्स्ट और D2C ब्रांड के तौर पर लॉन्च किया गया. माने कोई डीलर या चैनल पार्टनर नहीं. कंपनी अपना सामान सीधे ग्राहक को सेल करती है. बॉम्बे शेविंग कंपनी की पैरेंट कंपनी, विसेज लाइन्स पर्सनल केयर ने FY26 में एडजस्टेड EBITDA प्रॉफ़िटेबिलिटी का दावा किया. ऐसा इसलिए क्योंकि उसका ऑपरेटिंग रेवेन्यू 139 फीसदी बढ़कर 634.7 करोड़ रुपये हो गया है और नेट लॉस 97.4 फीसदी घटकर 9 करोड़ रह गया है. माने कंपनी अब मुनाफे में आने ही वाली है.
EBITDA मतलब Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization. माने बिजनेस से होने वाली कुल कमाई जिसमें सरकार को चुकाए जाने वाले इनकम टैक्स से पहले का मुनाफा और लोन वगैरा नहीं जुड़ा होता.
मजाक में ही सही लेकिन अनुपम खेर सही कहते हैं. THE FUTURE IS BALD. शांतनु भी इससे सहमत होंगे. खाकसार भी ऐसा ही मानते हैं.
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