ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना 10% से 30% तक महंगा हो सकता है. जोमैटो की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने द हिंदू से बातचीत में कहा कि प्लास्टिक पैकेजिंग की जगह बायोडिग्रेडेबल मटेरियल्स (ऐसी चीजें जो टूटकर प्रकृति में मिल जाती हैं) इस्तेमाल करने से लोगों को ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना जेब पर भारी पड़ सकता है.
Zomato-Swiggy से ऑर्डर 30% तक महंगा होगा? ये पैकेजिंग पड़ेगी भारी
पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए फूड डिलीवरी कंपनियां बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग मटेरियल्स का इस्तेमाल करने की तरफ कदम बढ़ा रही हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल ज्यादातर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लास्टिक के डिब्बों या प्लास्टिक रैपिंग सामग्री में की जाती है. अभी फूड पैकेजिंग की लागत आमतौर पर खाने की कुल कीमत का लगभग 5% होती है. यह खर्च ग्राहकों को चुकाना होता है.
जोमैटो की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने कहा कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कंपनी बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग मटेरियल्स इस्तेमाल करने की तरफ कदम बढ़ा रही है.
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उनका कहना है कि प्लास्टिक पैकेजिंग को बायोडिग्रेडेबल मटेरियल्स से बदलने में सबसे बड़ी चुनौती इसकी लागत ग्राहकों से वसूलना है. उन्होंने कहा कि ग्राहक इको-फ्रेंडली पैकेजिंग के लिए इतनी अधिक कीमत चुकाने को तैयार नहीं हैं.
हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि जैसे-जैसे बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग मटेरियल्स का इस्तेमाल बढ़ता है, साथ ही बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होता है तो बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग सस्ती हो सकती है.
उन्होंने बताया कि जोमैटो फूड पैकेजिंग स्टार्टअप्स और रेस्टोरेंट पार्टनर्स को ऐसी पैकेजिंग तैयार करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिसकी कीमत लोग चुका सकें. साथ ही बेहतर मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए इसकी लागत कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
इसके लिए जोमैटो ने पैक स्विच (PackSwitch) नाम की एक वेबसाइट शुरू की है. इसके जरिये रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन और छोटे रेस्तरां मालिकों को उनके मेन्यू के हर आइटम के लिए टिकाऊ पैकेजिंग चुनने में मदद करना है.
उन्होंने आगे दावा किया कि जोमैटो ने अपने ऐप पर ‘Low-Plastic Packaging’ नाम का एक फिल्टर भी शुरू किया है. इसके जरिए ग्राहक ऐसे रेस्टोरेंट आसानी से खोज सकते हैं, जो कम प्लास्टिक वाली पैकेजिंग का इस्तेमाल करते हैं.
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