Uber ने अपने कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 3,300 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है. ये कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 10 फीसदी हिस्सा है. कोरोना महामारी के बाद Uber में हुई ये सबसे बड़ी छंटनी है. दिलचस्प बात ये है कि कंपनी ऐसे वक्त में कर्मचारियों की संख्या घटा रही है, जब उसका कारोबार लगातार बढ़ रहा है.
Uber का बड़ा छंटनी प्लान, 3300 कर्मचारियों की नौकरी गई, सिर्फ एक फिसदी कर पाएंगे वर्क फ्रॉम होम
Uber Lays Off: उबर ने करीब 3,300 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है. कंपनी मैनेजमेंट की परतें कम करने, टीम स्ट्रक्चर आसान बनाने और robotaxi समेत भविष्य की टेक्नोलॉजी में ज्यादा निवेश की तैयारी कर रही है.

इस पूरी कहानी की जानकारी Al Jazeera ने 2 सितंबर को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में दी है. रिपोर्ट के मुताबिक Uber के CEO दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को भेजे मेमो में कहा कि कंपनी अब मैनेजमेंट की कई परतों को कम करके टीम स्ट्रक्चर को आसान बनाना चाहती है. उनका फोकस कंपनी को ज्यादा तेज बनाने और भविष्य की टेक्नोलॉजी, खासकर ऑटोनॉमस व्हीकल्स पर ज्यादा निवेश करने का है.
मैनेजरों की संख्या भी घटेगी
Uber के इस पुर्नगणन योजना (restructuring plan) में सिर्फ कुल कर्मचारियों की संख्या घटाना ही मकसद नहीं है. कंपनी मैनेजरों की संख्या करीब 20 फीसदी कम करेगी. कई मैनेजरों को मैनेजमेंट रोल से हटाकर निजी कॉन्ट्रीब्यूटर (individual contributor) की भूमिका में भेजा जा सकता है. कंपनी ने उन छोटी टीमों की संख्या भी आधी करने का फैसला किया है, जिनमें सिर्फ एक या दो कर्मचारी किसी मैनेजर को रिपोर्ट करते हैं.
खोसरोशाही के मुताबिक Uber के पिछले कुछ सालों के तेज विस्तार ने कंपनी को बड़ा तो बनाया, लेकिन उसके साथ काम करने का सिस्टम भी ज्यादा जटिल हो गया. अब कंपनी कम लेयर, साफ जिम्मेदारी और तेज फैसलों वाले मॉडल पर जाना चाहती है.
वर्क फ्रॉम होम पर भी बड़ा झटका
Uber के कर्मचारियों के लिए इस बदलाव का एक और बड़ा असर वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) को लेकर है. कंपनी के CEO ने कहा है कि आगे चलकर करीब 1 फीसदी कर्मचारी ही पूरी तरह रिमोट रहेंगे. यानी ज्यादातर कर्मचारियों को ऑफिस से काम करना होगा. कंपनी का तर्क है कि आमने सामने काम करने से टीमों के बीच कोऑर्डिनेशन बेहतर होगा और फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे.
कमाई बढ़ी, फिर भी छंटनी क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कारोबार बढ़ रहा है तो नौकरी क्यों जा रही है. Uber की 2025 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़कर 52 अरब डॉलर पहुंच गया था. वहीं 2026 की दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़कर 14.2 अरब डॉलर रहा. इस दौरान Uber के ट्रिप्स भी 18 फीसदी बढ़कर 3.9 अरब हो गए.
यानी मामला सिर्फ घाटे से बचने का नहीं है. Uber अब अपने पैसे और कर्मचारियों को उन क्षेत्रों में लगाने की तैयारी कर रहा है, जिन्हें कंपनी भविष्य के लिए सबसे अहम मानती है. इनमें रोबोटैक्सी (robotaxi) और ऑटोनामस ड्राइविंग (autonomous driving) सबसे ऊपर हैं. Uber इस क्षेत्र में 10 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश की योजना पर काम कर रहा है, जबकि Waymo और Tesla जैसी कंपनियों के साथ मुकाबला लगातार तेज हो रहा है.
ये भी पढ़ें: उबर ने AI के जरिए ड्राइवरों की नौकरी खा ली, अब भरना पड़ेगा 9000 करोड़ का जुर्माना!
टेक सेक्टर में छंटनी का दौर जारी
Uber की ताजा छंटनी ऐसे समय हुई है जब टेक इंडस्ट्री में कंपनियां AI, ऑटोमेशन और लागत घटाने के नाम पर अपने वर्कफोर्स को लगातार छोटा कर रही हैं. Layoffs.fyi के मुताबिक 2026 में अब तक टेक सेक्टर की करीब 290 कंपनियों में 1.23 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है. Uber का फैसला इसी बड़े बदलाव की अगली कड़ी माना जा रहा है.
वीडियो: खर्चा-पानी: 'भारत टैक्सी' से ओला और उबर पर खतरा?










