स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज एक बार फिर जंग का मैदान बन गया है. अमेरिका-ईरान के बीच हमले तेज़ हो गए हैं. 2 सितंबर को अमेरिका ने ईरान के एक शादी वाले घर पर मिसाइल दागी जिसमें एक बच्चे समेत 18 लोगों की मौत हो गई. अब ईरान ने कुवैत में अमेरिकी बेस पर बम बरसाए हैं. उधर होर्मुज में भी अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ब्लॉकेड को और सख्त कर दिया है. जहाज़ों के रास्ते भी बदले जा रहे हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बताया है कि अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रही है, जहाज रोके जा रहे हैं, उनकी चेकिंग हो रही है. उधर, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है.
होर्मुज से लेकर यमन तक जंग, अमेरिका ने रोके 86 जहाज तो हूतियों ने दागीं ताबड़तोड़ 14 मिसाइलें
US Iran fresh attacks: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की कार्रवाई जारी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी नौसेना कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर नजर रखते हुए नाकेबंदी लागू कर रही है. यमन में हूती विद्रोहियों के ताजा मिसाइल और जमीनी हमले किए हैं.

कुवैत आर्मी के एक X पोस्ट के मुताबिक 3 सितंबर को ईरान ने कुवैत पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. आर्मी ने आम नागरिकों को चेताया है कि अगर उन्हें कोई धमाके की आवाज़ सुनाई देती है तो वो एयर डिफेन्स सिस्टम की है. उन्होंने आश्वस्त किया कि एयर डिफेन्स मिसाइलों को इंटरसेप्ट (हवा में ध्वस्त करना) कर रहा है.
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी मीडिया ने बताया कि इराक में भी 10 ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए हैं. ये ड्रोन ईरान की तरफ से भेजे गए हैं. इजरायली मिलिट्री ने बताया कि ईरान के सहयोगी गुट हिजबुल्लाह ने लेबनान में इजरायली सैनिकों पर ड्रोन हमले किए हैं. इस बीच यमन में ईरान समर्थित हूतियों ने भी 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. यमन सरकार की सेना के मुताबिक, इन मिसाइलों को पश्चिमी यमन के इलाकों की ओर लॉन्च किया गया. मिसाइलों को ताइज प्रांत के मोखा शहर और होदेइदाह प्रांत के अल-खोखा जिले को निशाना बनाकर दागा गया. इसके अलावा जॉर्डन और UAE पर भी मिसाइलें दागी गई हैं.
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसेन केरमानपौर ने बताया कि अमेरिका के हालिया हमले में 142 लोग घायल हुए और 18 लोग मारे गए. मृतकों में 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है. इसके अलावा ईरान के फारस खाड़ी स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले 11 जहाजों को ईरानी नियमों का पालन न करने के आरोप में ब्लैकलिस्ट कर दिया.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी मिलिट्री ने 2 सितंबर को ईरान पर ज़ोरदार हमला किया है. उन्होंने वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कल रात ईरान पर कई बम बरसाए गए. उन्होंने आगे चेताया कि आगे भी वो ऐसा करने से पीछे नहीं हटेंगे. दोबारा हमला कभी भी हो सकता है.
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बताया है कि अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रही है. 2 सितंबर तक अमेरिकी सेना ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 86 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया और 2 जहाजों पर सवार होकर जांच की.
अमेरिका-ईरान के बीच मिसाइल ही नहीं, धमकी भी एक्सचेंज हो रही है. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी कॉउन्सिल सेक्रेटरी मोहसिन रज़ाई ने धमकी दी कि जल्द ही ईरान अपनी नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा. कूटनीतिक बातचीत और इकोनॉमिक ब्लॉकेड हटाने के लिए ऐसा किया जाएगा.
हालिया एक्शन 30 अगस्त को अमेरिकी हमले के बाद शुरू हुआ. अमेरिका का कहना है कि IRGC होर्मुज में फिर से समुद्री माइंस बिछाने वाली थी. इसलिए अमेरिका ने IRGC के कुछ मुख्य ठिकानों पर निशाना साधा. इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया.
वीडियो: यूएस के हमले का बाद ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर दागीं मिसाइलें










