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छोटे शहरों-कस्बों के SBI ATM में कैश की किल्लत, बंद होंगे हजारों एटीएम?

ATM Cash Crisis: भारत में सबसे ज्यादा एटीएम एसबीआई के हैं. एसबीआई के देशभर में 65,000 एटीएम हैं. इसमें करीब 50 परसेंट एटीएम में एसबीआई खुद कैश डालता है . पिछले काफी समय से शिकायत मिल रही है कि एटीएम में कैश नहीं रहता है और लोग परेशान होते रहते हैं.

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साल 2024 में देश में 2.51 लाख एटीएम थे (फोटो क्रेडिट: Business Today)

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  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने छोटे शहरों के एटीएम में नकद जमा करने की मात्रा कम कर दी है, जिससे कानपुर, गोरखपुर, बस्ती, बलिया और बहराइच जैसे स्थानों पर पैसे निकालने में समस्या आ रही है।
  • छोटे शहरों में कैश की कमी का कारण SBI द्वारा बड़े शहरों के एटीएम में अधिक नकद उपलब्ध कराना बताया गया है, जिससे ग्रामीण और टियर-2, टियर-3 शहरों के एटीएम प्रभावित हो रहे हैं।
  • एटीएम उद्योग ने 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है और यदि छोटी शहरों के एटीएम में नकद आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो कई एटीएम बंद हो सकते हैं।

अगर आपके पास भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अकाउंट है और कैश निकालना चाहते हैं, तो आपको काफी परेशानी झेलने का अनुभव हुआ होगा. अगर आप कानपुर , गोरखपुर , बस्ती , बलिया और बहराइच जैसे छोटे शहरों में इस बैंक के एटीएम से पैसा निकालने जाएं, तो हो सकता है कि पैसे नहीं निकाल पाएं. इकोनॉमिक टाइम्स की पत्रकार सलोनी शुक्ला की एक खबर में बताया गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अब छोटे शहरों (टियर 2, टियर-3) के एटीएम में कम पैसा डाल रहा है। इसके मुकाबले बड़े शहरों के एटीएम में ज्यादा पैसा डाल रहा है.  

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RBI तक पहुंचा मामला, 100 करोड़ मुआवजा मांगा

इस मामले को लेकर अब एटीएम उद्योग और बैकिंग उद्योग आमने-सामने आ गए हैं. बात भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की चौखट तक पहुंच गई. इसी सिलसिले में 5 जून को एटीएम चलाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों की एसबीआई और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ बैठक हुई. इस बैठक में एटीएम चलाने वाली कंपनियों ने कहा कि इस समस्या की जड़ एसबीआई ही है.  

रिपोर्ट के मुताबिक चैंबर्स ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) ने बैंकिंग उद्योग से 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. साथ ही इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामने चिंता जताई है. एटीएम इंडस्ट्री का कहना है कि बड़े शहरों के एटीएम में पैसा डालने से छोटे शहरों में कैश की किल्लत हो रही है. इससे एटीएम बंद होने का खतरा बढ़ रहा है.

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SBI के देशभर में करीब 65 हजार ATM

भारत में सबसे ज्यादा एटीएम एसबीआई के हैं. एसबीआई के देशभर में 65,000 एटीएम हैं. इसमें करीब 50 परसेंट एटीएम में एसबीआई खुद कैश डालता है खासतौर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसा महानगरों में. लेकिन छोटे शहरों और कस्बों में मौजूद एटीएम में पर्याप्त पैसा नहीं पहुंच पा रहा है. इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

 एक एटीएम कंपनी के सीईओ ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा, "छोटे शहरों में एसबीआई के एटीएम में कैश की किल्लत हो रही है. हालांकि छोटे बैंकों के एटीएम में पैसा है . एसबीआई ज्यादातर कैश बड़े शहरों (टियर1) के एटीएम में डाल रहे हैं. छोटे शहरों में बैंक के एटीएम में पर्याप्त पैसा नहीं डाला जा रहा है. "

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एटीएम चलाने वाली कंपनियों का कहना है कि उन्हें 100 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है. उनका कहना है कि एटीएम बंद रहने पर ऑपरेटरों को लेनदेन और इंटरचेंज शुल्क से होने वाली कमाई नहीं हो पा रही है.  

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हालत नहीं सुधरे तो बंद होंगे SBI ATM

एटीएम इंडस्ट्री ने SBI से 20 जून तक इसका समस्या का समाधान खोजने को कहा है. एटीएम इंडस्ट्री का कहना है कि कई ATM पहले से ही नुकसान पर चल रहे हैं और अगर आगे हालात न सुधरे तो एटीएम बंद होने की आशंका है. एटीएम इंडस्ट्री का कहना है कि कई राज्यों में न्यूनतम वेतन में 60 परसेंट का इजाफा हो चुका है , इसके अलावा पेट्रोल-डीजल महंगा होने से खर्च बढ़ा है. ऊपर से दिक्कत ये हो रही है कि एटीएम से लोग कम पैसा निकाल रहे हैं. जनवरी 2023 में हर महीने एटीएम के जरिये 57 करोड़ निकासी  होती थीं. लेकिन सितंबर 2025 तक यह संख्या 43 करोड़ 95 लाख रह गई.

रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में साल 2023 में 2 लाख 53 हजार एटीएम थे. साल में 2024 में इनकी संख्या 2 लाख 51 हजार रह गई. इस तरह से करीब 2 लाख एटीएम कम हो . एटीएम की संख्या में ज्यादातर कमी ग्रामीण इलाकों, कस्बों और छोटे शहरों में हुई है.  

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