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शेयर बाजार के मामले में साउथ कोरिया ने भी भारत को पछाड़ा, आखिर दिक्कत कहां है?

दक्षिण कोरिया में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल मार्केट वैल्यू 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई. इसके विपरीत, भारत के शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप घटकर करीब 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है.

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2 जून 2026 (पब्लिश्ड: 04:55 PM IST)
India Share market ranking
इस साल सेंसेक्स में करीब 12.5% ​​की गिरावट आई है (फोटो क्रेडिट: India Today)
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करीब हफ्तेभर में भारत के शेयर बाजार (India Share Market) को एक और बड़ा झटका लगा है. ताइवान के बाद अब दक्षिण कोरिया ने भी भारत के शेयर बाजार को पीछे छोड़ दिया है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मूल्य के हिसाब से दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार भारत को पछाड़कर दुनिया का छठवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है.

अब साउथ कोरिया के शेयर बाजार ने भारत को पछाड़ा 

पिछले हफ्ते ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार का दर्जा हासिल किया था. ब्लूमबर्ग की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल मार्केट वैल्यू 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई. इसके विपरीत, भारत के शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप घटकर करीब 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है.

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी में सबसे ज्यादा योगदान सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स का रहा है. दोनों कंपनियों ने हाल ही में 1 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन का आंकड़ा पार किया है. दक्षिण कोरिया ने इस साल कनाडा, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस सहित कई प्रमुख बाजारों को भी पीछे छोड़ दिया है.

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5वें स्थान से 7वें स्थान पर क्यों आ गया भारत का शेयर बाजार ?

भारत के शेयर बाजार की रैंकिंग घटने के कई कारण बताए जा रहे हैं. पहले घरेलू कारणों की बात कर लेते हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय नतीजे बताते हैं कि कंपनियों की कमाई घटी है. वहीं, विदेशी निवेशकों की तरफ से भारत के शेयर बाजार से पैसा निकालने और तेल-गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर पैदा हुई चिंताओं से इस साल भारत का शेयर बाजार काफी उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है. 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल निफ्टी में करीब 10% और सेंसेक्स में करीब 12.5% ​​की गिरावट आई है. इसी तरह से निफ्टी आईटी इंडेक्स, जो बेंचमार्क इंडेक्स में दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है, में 19% की गिरावट आई है. वहीं, विदेशी निवेशक भी रिकॉर्ड रफ्तार से भारत से पैसा निकाल रहे हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने साल 2026 में अब तक भारतीय बाजारों से 26.4 अरब डॉलर निकाले हैं.

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AI कंपनियों के आगे फीकी पड़ी भारत के शेयर बाजार की चमक

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक निवेशक उन कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं जो एआई मॉडल, डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को ताकत देने वाले चिप बनाती हैं. ताइवान और दक्षिण कोरिया में दुनिया की कुछ सबसे प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियां स्थित हैं. ताइवान के शेयर बाजार को ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) के उदय से जबरदस्त फायदा हुआ है. TSMC दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप बनाने वाली कंपनी है.

वहीं, दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार की तरक्की का राज वहां के सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के कारण हुआ है. एआई मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग के कारण निवेशक इन कंपनियों के शेयरों को तरजीह दे रहे हैं. 

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