कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रोटेस्ट के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दुनिया भर के मीडिया संस्थानों ने क्या लिखा? इस प्रोटेस्ट पर काफी दिनों से विदेशी मीडिया की भी नजरें थीं. तमाम देशों के प्रमुख न्यूज चैनल इस पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे. अब प्रधान के इस्तीफे के बाद ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे छात्रों की बड़ी जीत बताया है. अखबारों ने लिखा कि ये भारत में हाल के वर्षों में हुए सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक था, जो मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को दुनिया ने कैसे देखा? विदेशी मीडिया की ये 'हेडलाइन्स' देखिए
भारत में पेपर लीक को लेकर चल रहे प्रोटेस्ट पर दुनिया भर की नजर थी. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को दुनिया के कई न्यूज चैनलों ने कवर किया.

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ ने ‘कॉकरोच की जीत हुई: युवाओं के कई दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद भारत के शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया’ शीर्षक से लिखा कि भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे देशभर के युवाओं के लिए यह एक बहुत बड़ी जीत है. भारत में हाल के बरसों में हुए प्रदर्शन में ये सबसे बड़ा था, जो अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया. 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार के लिए युवाओं की तरफ से सबसे ये सबसे बड़ी चुनौती बन गया था, ये प्रदर्शन. इसे विपक्षी दलों का सपोर्ट मिला. संसद के मानसून सत्र में जमकर हंगामा किया है.
अलजजीरा ने क्या लिखा?अल जजीरा ने 'हमने कर दिखाया: 'कॉकरोच' विरोध प्रदर्शनों के चलते भारत के मंत्री को पद से हटाए जाने पर खुशी का माहौल (‘We have done it’: Joy as ‘Cockroach’ protests push India minister out)' शीर्षक से लंबी रिपोर्ट लिखी और इसकी शुरुआत अभिजीत दिपके के एक शुरुआती सोशल मीडिया पोस्ट से की, जिसमें एक सवाल था कि ‘क्या होगा अगर सारे तिलचट्टे एक साथ आ जाएं?’. अलजजीरा ने आगे लिखा, 'अभिजीत दिपके के सोशल मीडिया पोस्ट के 36 दिन बाद उनकी बनाई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को एक बड़ी राजनीतिक जीत मिली. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा पेपर लीक घोटाले को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की. शनिवार को उनका इस्तीफा भारत भर में युवाओं के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों की मुख्य मांगों में से एक था, जो हाल के हफ्तों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था.
जेन जी आंदोलन से तख्तापलट का उदाहरण बने नेपाल के काठमांडू पोस्ट ने लिखा, ‘युवा प्रदर्शनकारियों की बड़ी जीत के बीच भारत के शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया.’ अखबार ने आगे लिखा कि भारत के शिक्षा मंत्री ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया, जिससे उन युवा प्रदर्शनकारियों को एक बड़ी जीत मिली, जिन्होंने परीक्षा का पेपर लीक होने की जिम्मेदारी लेने के लिए उनके इस्तीफे की मांग की थी. प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान के जाने की खबर सुनकर जश्न मनाने लगे थे. विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर विरोध स्थल पर जोरदार जयकारे के बीच कहा, “हमने यह कर दिखाया.” हाल के वर्षों में भारत के सबसे बड़े सड़क विरोध प्रदर्शनों में से एक यह आंदोलन एक राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है.
ढाका ट्रिब्यून में क्या छपा?आंदोलन से तख्तापलट वाले एक और देश बांग्लादेश के ढाका ट्रिब्यून ने लिखा, 'भारत के शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन समाप्त' न्यूज पोर्टल ने आगे लिखा कि भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया, जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की एक सीरीज को लेकर युवाओं के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग की गई. इस हफ्ते राजधानी दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में हजारों युवा सोशल मीडिया पर जन्मी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के बैनर तले जुटे और एजुकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं को देखकर मुझे बहुत दुख हुआ है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है.प्रधान ने हिंदी में लिखे अपने पत्र में कहा, "मैंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेज दिया है."
द गार्जियन ने क्या लिखा?द गार्जियन ने हेडिंग दी ‘India’s education minister resigns in victory for Cockroach youth movement protests’. यानी कॉकरोच के विरोध प्रदर्शनों की जीत, भारत के शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया. पोर्टल ने आगे लिखा, 'भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक हफ्ते तक चले प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दे दिया है, जिससे नरेंद्र मोदी सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेश करने वाले नए युवा आंदोलन को एक बड़ी जीत मिली है. शनिवार दोपहर को एक बयान में प्रधान ने कहा कि उन्होंने छात्रों के दबाव के बाद प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है. गार्जियन ने प्रधान के उस स्टेटमेंट को सबसे पहले कोट किया जिसमें उन्होंने इस्तीफे की वजह बताई कि कहीं राष्ट्रविरोधी ताकतें हालात का फायदा न उठा सकें.
'India’s 'Cockroach' movement ends protests after education minister resigns' शीर्षक से वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद 'कॉकरोच आंदोलन' ने अपना हफ़्तों पुराना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया. आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं. आंदोलन एक महीने से भी पहले तब शुरू हुआ था, जब देश की बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगे थे. शुरुआत में यह सिर्फ़ शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग थी, लेकिन धीरे-धीरे यह बेरोजगारी, सरकार की जवाबदेही और नौकरियों के मौकों को लेकर एक बड़ा आंदोलन बन गया. दिल्ली और देश के दूसरे शहरों में हुई रैलियों में छात्रों के साथ-साथ कामकाजी लोग, परिवार और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हो गए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दिल्ली के प्रदर्शन स्थल पर महीने भर से डटे हज़ारों युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाया और तिरंगा लहराकर जश्न मनाया.
ये भी पढ़ेंः वो तीन मौके जब प्रोटेस्ट ने मोदी सरकार को झुका दिया
चीन ने क्या छापा?चीन के प्रमुख न्यूज चैनल शिन्हुआ ने 'India's education minister resigns amid protests' शीर्षक से लिखा, 'भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया. छात्रों ने पिछले कुछ सालों में बार-बार पेपर लीक होने के कारण उनके इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में कई दिनों तक उग्र विरोध प्रदर्शन किया था. इस साल की मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जिसके बाद पिछले महीने परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मंत्री ने घोषणा की कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है. उन्होंने छात्रों से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने और अपने करियर को आगे बढ़ाने की अपील भी की.
वीडियो: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बीजेपी नेताओं ने क्या कहा?











