The Lallantop

US-ईरान मिसाइलें मारते रहे, कच्चा तेल 100 डॉलर के पास पहुंच गया

कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. वहीं, यमन में ईरान समर्थित विद्रोही संगठन हूती मिलिशिया की तरफ से तेल और गैस से लदे जहाजों के ट्रांसपोर्ट में दिक्कतों की वजह से कच्चे तेल के दाम उछले हैं.

Advertisement
post-main-image
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की आवाजाही होती है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • ब्रेंट क्रूड की कीमत 22 जुलाई को छह सप्ताह के उच्चतम स्तर 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई जबकि अमेरिकी WTI क्रूड का दाम करीब 88 डॉलर प्रति बैरल रहा।
  • अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और यमन में हूती मिलिशिया के तेल परिवहन में बाधा डालने की घटनाओं ने कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को बढ़ावा दिया है।
  • तेल परिवहन मार्गों जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंडेब पर नियंत्रण संघर्ष और जहाजों की मार्ग बदलने से वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार स्थितियों पर प्रभाव पड़ सकता है।

कच्चा तेल फिर उफान मारने लगा है. बुधवार, 22 जुलाई को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का दाम करीब 6 सप्ताह के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. ब्रेंट क्रूड की कीमत आज करीब 4 डॉलर उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक खबर में न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से बताया गया है कि 11 जून के बाद पहला मौका है जब कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची हैं. इसी तरह से दूसरी वैराइटी वाला अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (WTI Crude) का भाव 3.65 डॉलर चढ़कर करीब 88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

क्यों उबला कच्चा तेल?

कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. वहीं, यमन में ईरान समर्थित विद्रोही संगठन हूती मिलिशिया की तरफ से तेल और गैस से लदे जहाजों के ट्रांसपोर्ट में दिक्कतों की वजह से कच्चे तेल के दाम उछले हैं.

Advertisement

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 11वीं रात हमले किए. इस वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर नए सिरे से जंग छिड़ गई है. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में सऊदी से कच्चा तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है. इसके चलते मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई में एक नया मोर्चा खोल दिया है.

ये भी पढ़ें: एथेनॉल से अब खाना बनेगा, एटीएम लगेंगे... सरकार का नया प्लान पता लगा!

ब्रोकरेज फर्म केसीएम ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा है कि कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर दोहरा संकट है. बाब अल-मंडेब स्ट्रेट भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरह एक संवेदनशील क्षेत्र बनता दिख रहा है, क्योंकि व्यापारी लाल सागर में जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं.

Advertisement

मंगलवार 21 जुलाई को चीन और भारत के लिए निकले कच्चे तेल से लदे तीन तेल टैंकरों ने लाल सागर में यू-टर्न लिया और यमन के तट से होकर जाने के बजाय स्वेज नहर की ओर मुड़ गए. ये जहाज सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहे थे. 

वीडियो: जगह-जगह से भेज रहे लोग जंतर मंतर पर खाना, कैसे हैं हालात?

Advertisement