ऐसा अक्सर होता है कि कर्मचारी किसी संस्थान में सालों तक काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद पीएफ, पेंशन या बीमा का फायदा नहीं मिल पाता है. ईपीएफओ (EPFO) ने इस समस्या का हल ढूंढ़ने के लिए एक कैंपेन शुरू किया है. नई योजना के तहत, जरूरी शर्तें पूरी करने के बावजूद भी EPF से बाहर रहे कर्मचारियों का रिकॉर्ड नियमित किया जा सकेगा.
EPF में नाम जोड़ने का मौका, सरकार ने कंपनियों को दिया 31 अक्टूबर तक का समय
केंद्र सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को PF के दायरे में लाया जा सके. इसके लिए सरकार ने कंपनियों को 31 अक्टूबर, 2026 तक का समय दिया है. इस योजना की एलिजिबिटी क्या है और किसे फायदा होगा, समझें यहां.

इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कंपनियों को निर्देश जारी किया है. ‘कर्मचारी नामांकन अभियान 2026’ की मदद से पिछले रिकॉर्ड को नियमित करने और ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए पात्र श्रमिकों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है.
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक यह योजना 29 जून 2026 को लागू की गई थी. इस स्कीम में उन पात्र कर्मचारियों को शामिल करने का मौका मिलेगा, जो 1 अप्रैल 2009 और 31 मार्च 2026 के बीच ईपीएफ कवरेज से बाहर रहे हैं.
कंपनियों के पास 31 अक्टूबर, 2026 तक का समय है. इस योजना का मकसद कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को पीएफ के दायरे में लाना है. साथ ही, उन पात्र श्रमिकों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा लाभ देना है जो अब तक इसके दायरे से बाहर हैं.
हालांकि, कुछ शर्तें भी हैं. कंपनियां ईपीएफ कवरेज से वंचित रहे कर्मचारियों की घोषणा और नामांकन तभी कर सकते हैं, जब कर्मचारी घोषणा की तारीख पर जीवित हों. साथ ही, कंपनी में अभी काम कर रहे हों.
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इस अभियान में कुछ प्रशासनिक छूट भी दी गई हैं, ताकि कंपनियां अपनी गलती सुधार सकें. मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान में कुछ विशेष छूट दी गई है. इनमें कर्मचारी के हिस्से की छूट भी शामिल है, जहां पहले इसकी कटौती नहीं की गई थी. हालांकि, योजना की शर्तें लागू होना जरूरी है.
कर्मचारियों को PF के दायरे में कैसे शामिल कर सकती हैं कंपनियां?इसका रजिस्ट्रेशन डिजिटल तरीके से कर सकते हैं. इसमें कंपनियों को यूएमएएनजी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए कर्मचारी के लिए फेस आईडी बेस्ड एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) जनरेट करना होगा.
इसके बाद जरूरी कंट्रीब्यूशन इलेक्ट्रॉनिक चालान कम रिटर्न (ECR) प्लेटफॉर्म से जमा करना होगा. कंपनियों से यह भी कहा गया है कि वे पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले श्रमिकों की पहचान करने के लिए अपने रोजगार और वेतन रिकॉर्ड की आंतरिक रूप से समीक्षा करें.
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इस अभियान से किसे फायदा हो सकता है?यह अभियान उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्हें तय अवधि के दौरान ईपीएफ के अंतर्गत कवर किया जाना चाहिए था. ऐसे कर्मचारियों के लिए , नामांकन भविष्य निधि, पेंशन और बीमा से जुड़े सामाजिक सुरक्षा लाभों तक पहुंच प्रदान कर सकता है. यह योजना कंपनियों को पिछली गलतियों को सुधारने का एक जरिया भी है. कंपनियों के पास कर्मचारियों का नामांकन पूरा करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय है.
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