उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में नगर निगम के पार्षद कथित तौर पर रिश्वत की कमाई को आपस में बांटने की कसम खाते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने नगर निगर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. वहीं, नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं.
'गंगाजल' लेकर पार्षदों ने खाई करप्शन की कमाई बांटने की कसम, बंद कमरे का वीडियो बाहर आ गया
Uttar Pradesh के Shahjahanpur में नगर निगम पार्षदों का एक वीडियो वायरल हुआ है. वीडियो में पार्षद कथित तौर पर रिश्वत की रकम बांटने की कसम खा रहे हैं. ये भी कह रहे कि अगर किसी एक पार्षद पर आंच आए तो सब उसका साथ देंगे. भ्रष्टाचार आरोपों के बाद नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में एक शख्स कथित गंगाजल से भरी एक बोतल पकड़े हुए दिख रहा है. वह यह कसम खा रहा है कि रिश्वत से मिलने वाली कमाई 60 लोगों में बराबर बांटी जाएगी. बाकी लोगों का ग्रुप हाथ में जल लेकर खड़ा है और उस शख्स की कसम दोहरा रहा है. सोशल मीडिया पर इनकी पहचान नगर पार्षदों के तौर पर की गई है.
लल्लनटॉप इस वीडियो की सच्चाई और इसमें दिख रहे लोगों की पहचान की पुष्टि नहीं करता है. पार्षदों को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि अगर उनके ग्रुप के किसी भी साथी पर कोई आंच आई तो सभी एक साथ खड़े होंगे और आपस में कोई गद्दारी नहीं करेगा. वीडियो वायरल होनेे के बाद पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं.
कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि चुने जाने पर ये पार्षद सत्य और निष्ठा की कसम खाते हैं, लेकिन अब भ्रष्टाचार करने की कसम खा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि नगर निगम में इतनी भारी लूट कैसे हो रही है, इसका लुटेरा कौन है और किसके पास बड़ा हिस्सा पहुंच रहा है.
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जांच के आदेशनगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि यह वीडियो कथित तौर पर नवंबर 2025 में रिकॉर्ड किया गया था, जब कोई दूसरा नगर आयुक्त इंचार्ज था. उन्होंने कहा, “इसके बावजूद, हमने जांच के आदेश दिए हैं.” सौम्या ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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