कल दशहरा है और दिवाली भी काफी नजदीक है. कई लोग नवरात्रि से दिवाली के बीच के वक्त को घर खरीदने के लिए 'शुभ' समझते हैं. लेकिन यही वक्त सावधान रहने का भी है. रियल एस्टेट में धोखेबाजों की कमी नहीं है. और ये सीजन उनके लिए लोगों को लूटने का सबसे अच्छा मौका लेकर आता है.
दिवाली से पहले सैंपल फ्लैट के लपेटे में न आएं, इन 5 बातों को पढ़कर ही घर खरीदें
कई बार लोग त्योहारों से पहले सिर्फ सैंपल फ्लैट की चकाचौंध देखकर घर या फ्लैट बुक करा लेते हैं, लेकिन बाद में पछताते हैं. किसी भी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में घर बुक कराने से पहले उसके बारे में अच्छे से पता कर लें.

अगर आप भी अपने परिवार के लिए नया आशियाना तलाश रहे हैं और बिल्डर का सैंपल फ्लैट देखकर घर बुक करने की सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए. सैंपल फ्लैट की खूबसूरती और असली घर की बनावट में अंतर हो सकता है. ऐसे में बुकिंग अमाउंट जमा करने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है. कहीं ऐसा न हो कि आपकी जीवनभर की कमाई गलत फैसले में न फंस जाए. जानते हैं कि घर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
RERA रजिस्ट्रेशन चेक करेंसबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि जिस रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में आप घर या फ्लैट बुक करा रहे हैं उसका RERA अथॉरिटी के साथ रजिस्ट्रेशन है या नहीं. रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट के तहत आने वाले प्रोजेक्ट्स को आमतौर पर बेचने या प्रचार-प्रसार से पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है. RERA की वेबसाइट से खरीदारों को प्रमोटर, प्रोजेक्ट की मंजूरी, प्रोजेक्ट पूरा होने की डेडलाइन जैसी जरूरी बातों की जानकारी मिल जाती है.
रियल एस्टेट डेवलपर बूट्स रियलटी के एमडी दीपक राय ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि घर खरीदते समय उसकी अंतिम कीमत जरूर पता कर लें. कई बार डेवलपर्स अपने प्रोजेक्ट के विज्ञापन में बताई गई कीमत के अलावा कई तरह के चार्ज जोड़ते हैं. इसके चलते घर की कीमत बुकिंग के समय बताई गई रकम से काफी ज्यादा पहुंच जाती है. आमतौर पर डेवलपर्स पार्किंग, फ्लोर-राइज चार्ज, एडवांस मेंटेनेस राशि, क्लब चार्ज वगैरा जोड़ते हैं.
इसके अलावा सरकार को चुकाई जाने वाली स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस भी चुकानी होती है. इससे आपका बजट गड़बड़ा सकता है. इसलिए समय रहते ये जरूर पता कर लें कि जिस घर को आप बुक करा रहे हैं वह उस घर की अंतिम कीमत है या नहीं.
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किसी भी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में घर बुक कराने से पहले उसके बारे में अच्छे से पता कर लें. बूट्स रियलटी के एमडी दीपक राय बताते हैं कि किसी भी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में घर या फ्लैट बुक कराते समय उस प्रोजेक्ट का अप्रूवल, जिस जमीन पर प्रोजेक्ट बन रहा है उसका विवरण, कब तक फ्लैट या घर का कंस्ट्रक्शन का काम पूरा हो जाएगा. घर का कारपेट एरिया कितना है? ये सब पता कर लें. इन सब बातों की जानकारी जुटाने के लिए राज्य की RERA वेबसाइट आपकी मदद कर सकती है.
दीपक राय बताते आगे बताते हैं कि जिस रियल एस्टेट डेवलपर से आप घर खरीद रहे हैं उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करें. उदाहरण के लिए, इससे पहले उसने कितने प्रोजेक्ट्स लॉन्च किये हैं. क्या सभी पुराने प्रोजेक्ट का समय पर पजेशन दिया गया. हो सके तो एक-दो पुराने खरीदारों से पता करें. अगर पुराने ग्राहकों से डेवलपर के बारे में शिकायतें मिलती हैं तो आपको इससे अंदाजा मिल सकता है.
एक साथ पेमेंट से बचेंघर खरीदते समय एक साथ भुगतान करना समझदारी नहीं है. बल्कि कंस्ट्रक्शन के हिसाब से भुगतान करें. अगर आप लोन ले रहे हैं तो अपने बैंक को सूचित करें कि वह स्टेप-बाय-स्टेप पेमेंट करे. साथ ही पेमेंट रसीदों, डिमांड लेटर्स वगैरा की कॉपियां संभाल कर रखें. कब्जा लेने से पहले, यह जरूर जांच लें कि जरूरी ऑक्यूपेंसी या कंपलीशन सर्टिफिकेट (occupancy or completion certificate) मिला कि नहीं.
वहीं, केवल हैंडओवर डॉक्यूमेंट्स यानी अगर डेवलपर ने आपकी सोसाइटी की RWA को हैंडओवर कर दी है तो भरोसा करने के बजाय अपने घर का अच्छी तरह से निरीक्षण करें. जैसे कि नल, बिजली के पॉइंट, दरवाजे, खिड़कियां, फर्श, बाथरूम और जो सुविधाएं आपके एग्रीमेंट में बताई गईं थी वह हैं कि नहीं. अगर कोई चीज गायब है या खराब है, तो उसे लिखित में शिकायत करें और उसकी तस्वीरें संभाल कर रखें.
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10% से ज्यादा चुकाने पर एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ेंबिक्री समझौता डेवलपर द्वारा मुंहजबानी किए गए किसी भी वादे से कहीं ज्यादा जरूरी दस्तावेज है. ग्रेटर नोएडा की प्रॉपर्टी ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टर स्टार के सेल्स हेड संदीप गुप्ता का कहना है कि एग्रीमेंट में ये बातें जरूर जांचें. जैसे कि कारपेट एरिया, फ्लैट नंबर, स्पेसिफिकेशन, कुल कीमत, पेमेंट शेड्यूल और पजेशन की संभावित तारीख. RERA के मुताबिक, प्रमोटर को बिक्री के लिए लिखित समझौता किए बिना अपार्टमेंट की लागत के 10% से ज्यादा एडवांस या बुकिंग अमाउंट लेने की अनुमति नहीं है.
एग्रीमेंट में यह भी साफ लिखा होना चाहिए कि अगर बिल्डर या खरीदार अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता है, तो उसके क्या नतीजे होंगे, किन शर्तों को पूरा न करने पर फ्लैट या घर की बुकिंग कैंसिल हो सकती है वगैरा. ऐसे में केवल सेल्समैन के वादों पर भरोसा करके बुकिंग अमाउंट न दें. पहले एग्रीमेंट की सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें और समझें.
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