शुक्रवार 16 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में तेजी देखी गई. आज टेक महिंद्रा के शेयरों में लगभग 7% की उछाल आई. विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस के शेयरों में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई. इंफोसिस के शेयरों में 3.71% और टीसीएस के शेयरों में 3.19% का इजाफा हुआ.
TCS, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा के शेयरों में 7% तक उछाल, ये तेजी कब तक रहेगी?
आज टेक महिंद्रा के शेयरों में लगभग 7% का उछाल आया. इंफोसिस के शेयरों में 3.71% और टीसीएस के शेयरों में 3.19% का इजाफा हुआ. क्या आईटी की तेजी आगे भी जारी रह सकती है? एक्सपर्ट से जान लीजिए.

इस दौरान विप्रो के शेयरों में लगभग 4% की तेजी देखी गई. निफ्टी आईटी इंडेक्स में सुबह के कारोबार में करीब 2.8% की तेजी देखने को मिली. यह तेजी ऐसे समय में आई जब बाजार में मिला-जुला रुझान देखने को मिला. कई बैंकिंग और उपभोक्ता शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है.
टेक महिंद्रा और विप्रो के रिजल्ट्स के बाद दिखी तेजीइंडिया टुडे के मुताबिक आईटी कंपनी टेक महिंद्रा के शेयरों में दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर कमाई की खबर के बाद उछाल आया. वहीं, विप्रो के शेयरों में कंपनी द्वारा दूसरी तिमाही में अनुमान से ज्यादा राजस्व की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 4% का इजाफा हुआ. हालांकि, विप्रो में कमजोर डील बुकिंग और आने वाले कुछ दिनों में सुस्त नजरिये को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. हालिया बढ़त से संकेत मिलता है कि निवेशक सभी मांग संबंधी चिंताओं का समाधान मानकर नहीं चल रहे हैं.
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक एआई व्यापार में आई कमजोरी इस हफ्ते भारतीय आईटी शेयरों के बेहतर प्रदर्शन का एक कारण रही है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि एआई व्यापार में कमजोरी, आगामी बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) में संभावित बदलावों की उम्मीदों और उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के परिणामों से 3 दिनों में निफ्टी 668 अंक चढ़ गया. उन्होंने कहा कि प्रमुख आईटी कंपनियों के अच्छे वित्तीय नतीजों ने आईटी सूचकांक को बढ़ाने में मदद की है.
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क्या आईटी की तेजी आगे भी जारी रह सकती है?डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि सकारात्मक आय का रुझान दूरसंचार, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और कॉपर, एल्युमीनियम और जिंक समेत दूसरे मेटल्स के शेयरों तक फैल सकता है. इससे भारतीय शेयर बाजार को मूलभूत समर्थन मिलेगा.
उन्होंने अमेरिकी 10 साल वाले बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये की मजबूती को भी ऐसे कारकों के रूप में बताया जो विदेशी निवेशकों की बिकवाली को सीमित कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका में 10 साल वाले बॉन्ड की यील्ड 5% से ऊपर और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहता है, तब तक विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली जारी रख सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों के लिए अगली परीक्षा यह होगी कि क्या मजबूत वित्तीय तिमाही नतीजे अच्छे रहते हैं और कंपनियों को नए ऑर्डर मिलते हैं.
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