फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 के कैप्टेन स्मित मच्छार ने फ्लाइट में हमले के बाद क्या हुआ था, यह बताया है. 30 सितंबर को जब फ्लाइट ने दुबई से तेल-अवीव के लिए उड़ान भरी, तभी रास्ते में ओमानी को-पायलट ने कैप्टेन पर हमला कर दिया. तब प्लेन करीब 30 सेकंड में ही 14,000 फीट नीचे आ गया था. बाद में सामने आया कि कैप्टेन के अलावा फ्लाइट में मौजूद दूसरे यात्रियों ने हीरो की तरह संकट के वक्त साहस दिखाया.
प्लंबर वाकई फ्लाइट लैंड करा सकता है? जांबाज पायलट स्मित मच्छार ने खुद बता दिया
फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने कैप्टेन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था. इसके बाद फ्लाइट में मौजूद प्लंबर ने प्लेन लैंड कराया था. अब कैप्टन स्मित मच्छार ने खुद बताया कि कैसे ये सब कुछ हुआ था.

द नेशनल से बात करते हुए कैप्टेन स्मित ने उस प्लंबर की बात की जो फ्लाइट में मौजूद थे. उन्होंने फ्लाइट की लैंडिग कराई और बड़े हादसे को टालने में कामया रहे. उनका नाम यानीव हायोन है और पेशे से वो प्लंबर हैं. घटना के बाद वो इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिले थे. यानीव ने बताया था कि उन्होंने कंट्रोल स्टिक्स को पकड़ा और विमान को सीधा करने के लिए उसे पीछे की ओर खींचा. फिर लैंडिंग कराई थी. फ्लाइट में 172 लोग मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर इजरायली नागरिक थे.
जब नेतन्याहू ने उनसे पूछा कि क्या सच में उन्होंने कंट्रोल स्टिक खींचा था. इसपर यानीव ने जवाब दिया कि उन्होंने एयर क्रैश इन्वेस्टीगेशन (डॉक्यूमेंटरी सीरीज) देखी है, इसलिए वो ऐसा करने में सफल रहे.
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कैप्टेन स्मित ने बताया, हमले के बाद कैसे थे पलकैप्टेन स्मित ने इंटरव्यू में बताया कि जब पहली बार उनपर हमला हुआ तो उन्हें लगा कि प्लेन में ही कुछ खराबी है. लेकिन जब बार-बार उनपर हमले होते रहे तो उन्हें पता लगा कि हमला कोई और नहीं बल्कि उनका को-पायलट हमाद अल हम्मामी कर रहा है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने बताया कि को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर क्रैश करने की योजना बनाई थी.
उन्होंने बताया कि जैसे तैसे कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने के बाद, एक सीनियर केबिन क्रू अंदर आए और उन्होंने कमान संभाली. जब स्मित से प्लंबर यानीव के बारे में पूछा गया तब कैप्टेन ने कहा कि ‘उन्हें ठीक से याद नहीं है.’
रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टेन ने यात्रियों की जान बचाने का क्रेडिट भी नहीं लिया. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि इस बात का शायद कोई मतलब नहीं, मगर उस वक़्त लाखों लोग प्लेन को कंट्रोल करने में मदद कर रहे थे.’
जब रिपोर्टर ने उनसे सवाल किया कि क्या प्लंबर प्लेन लैंड करा सकता है? इसपर स्मित ने जवाब दिया कि उस वक़्त उनका एक ही मकसद था, ‘हार नहीं मानना है.’ उन्होंने यानीव की कहानी पर कोई जानकारी नहीं दी. लेकिन, उससे इनकार भी नहीं किया कि यानीव ने यात्रियों की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.
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