'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) लीडर्स के केस की सुनवाई रविवार 18 अक्टूबर को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में हुई. सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के मामले में सुनवाई का इंतजार कर रहे थे. उन दोनों को 14 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में रखा गया है. लगभग पांच घंटे तक सबने इंतजार किया. हालांकि, मामले की सुनवाई करने वाले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) ने महज 10 मिनट में कार्रवाई खत्म कर दी. उन्होंने धमकियों और मानसिक उत्पीड़न का हवाला देते हुए सुनवाई मिनटों में ही पूरी कर दी.
5 घंटे इंतजार और 10 मिनट में सुनवाई पूरी, CJP लीडर आशुतोष-सौरव के केस की इनसाइड स्टोरी!
रविवार 18 अक्टूबर को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में लगभग पांच घंटे तक CJP लीडर्स इंतजार करते रहे. लेकिन जब मजिस्ट्रेट आए तो सुनवाई 10 मिनट के अंदर ही ख़त्म हो गई. SEM ने बताया कि सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर उन्हें धमकी मिल रही है.

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि SEM ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात लोग उन्हें इन दोनों नेताओं को रिहा करने के लिए धमका रहे हैं. इस मामले में पुलिस ने FIR भी दर्ज की है.
सुनवाई में देरी क्यों?हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, CJP प्रतिनिधियों ने बताया कि SEM दोपहर करीब 1.30 से 2 बजे के बीच पुलिस स्टेशन पहुंच चुके थे. फिर भी सुनवाई शाम करीब 5 बजे शुरू हुई. CJP का आरोप है कि 15 अक्टूबर से बार-बार ज़मानत बॉन्ड जमा करने और ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद, उनके सदस्यों को इंतज़ार करना पड़ रहा है. क्योंकि बार-बार नई आपत्ति आ जा रही है.
एक तरफ पुलिस का कहना है कि CJP के अभिजीत दिपके अगले प्रोटेस्ट की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसमें सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल हैं. हालांकि CJP ने इस दावे से इनकार किया है. दूसरी तरफ, अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जानबूझकर सौरव और आशुतोष को जेल में रखा है. वहीं पुलिस का कहना है कि वो केवल प्रोसेस फॉलो कर रहे हैं और CJP ने गलत ज़मानत बॉन्ड जमा किया है.
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CJP की लीगल हेड ने क्या बताया?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने कहा,
‘इस मामले में सुनवाई दोपहर 12 बजे होनी थी. लेकिन वे इसे शाम तक टालते रहे. शाम करीब 5 बजे कोर्ट रूम में आए. उन्होंने (SEM) कहा कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं. अगर किसी ने आपको धमकी दी है, तो उसका इस मामले से क्या लेना-देना है?’
उन्होंने ये भी दावा किया कि रविवार को आशुतोष और सौरव की गिरफ्तारी के बाद पहली बार सरकारी वकील अदालत में पेश हुए. उनके मुताबिक, अदालत में पूरी चर्चा केवल धमकी भरे मैसेज के बारे में ही रही. उन्होंने कहा, “अब हम अपने वकीलों से इस पर चर्चा करेंगे और सोचेंगे कि आगे क्या कदम उठाए जाएं.”
वीडियो: ‘हाई सिक्योरिटी वार्ड, 24 घंटे निगरानी’, सौरव दास और आशुतोष रांका का जेल में क्या हाल है?













