दिल्ली में सीजेपी नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत सुनवाई के दौरान एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट को कथित धमकी देने के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सीजेपी का आरोप है कि उसके नेताओं की रिहाई जानबूझकर टाली जा रही है और जमानत के लिए पेश किए गए चार जमानतदारों को बिना स्पष्ट कारण खारिज कर दिया गया. दोनों नेताओं को 12 अक्टूबर को तिरंगा रैली से पहले जंतर-मंतर में कथित अनधिकृत प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. सीजेपी ने उनकी हिरासत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध नहीं माना जाना चाहिए. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
मजिस्ट्रेट को धमकी, सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत पर सुनवाई क्यों टली?
सीजेपी नेताओं की जमानत सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को कथित धमकी देने पर एफआईआर दर्ज हुई है. सीजेपी ने नेताओं की हिरासत और चार जमानतदारों को खारिज करने पर सवाल उठाए हैं.
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