The Lallantop

बैंक ग्राहक को देते ऑनलाइन बैकिंग का 'ज्ञान', खुद स्टेशनरी पर खर्च कर रहे अरबों रुपये

IDFC First Bank ने वित्त वर्ष 2025 में छपाई और स्टेशनरी पर 122.7 करोड़ रुपये खर्च किए. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रिटिंग और स्टेशनरी पर 986.4 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. अन्य बैंकों का भी ऐसा ही हाल है.

Advertisement
post-main-image
स्टेशनरी खर्च का ये आंकड़ा वित्त वर्ष 2025 का है (फोटो क्रेडिट: India Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • वित्त वर्ष 2025 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने प्रिंटिंग और स्टेशनरी पर 986.4 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कि सभी बैंकों में सबसे अधिक है।
  • भारत में डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के बावजूद बड़े बैंकों ने फॉर्म, चेकबुक, पासबुक जैसी कागजी आवश्यकताओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च करना जारी रखा।
  • बैंकों द्वारा स्टेशनरी पर भारी खर्च कई वित्तीय वर्ष तक जारी रहने की संभावना है, जिससे खर्च कम करने के लिए नई तकनीकी पहल की जरूरत का संकेत मिलता है।

देश में ऑनलाइन बैंकिंग के मामले में नए-नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. यूपीआई से पेमेंट सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहा है. बैकिंग कामकाज पेपर लेस हो रहा है और कंप्यूटर-मोबाइल से सब काम हो रहे हैं. इस स्थिति में आप ये जानकार हैरान होंगे कि वित्त वर्ष 2025 में कई बड़े बैंकों ने पेन, पेपर और स्टेशनरी पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

ऑनलाइन निवेश और स्टॉक ट्रेडिंग की सुविधा देने वाली कंपनी Groww ने वित्त वर्ष 2025 के लिए छपाई और स्टेशनरी पर किए गए खर्चों का खुलासा किया है.  Groww ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि भारत के बड़े बैंकों ने फॉर्म, चेकबुक, पासबुक, स्टेटमेंट और कागज से जुड़ी दूसरी जरूरतों पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं.  

Groww ने ‘बैंक कलम और कागज पर कितना खर्च करते हैं’ कैप्शन के साथ सभी बैंकों की वित्त वर्ष 2025 की स्टेशनरी पर खर्च की गई रकम के बारे में लिस्ट साझा की है. इस लिस्ट में बताया गया है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) ने अपने मुनाफे का करीब 8 परसेंट स्टेशनरी और छपाई पर खर्च कर दिया. बैंक ने वित्त वर्ष 2025 में छपाई और स्टेशनरी पर 122.7 करोड़ रुपये खर्च किए.

Advertisement

इस सूची में बताया गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रिटिंग और स्टेशनरी पर 986.4 करोड़ रुपये खर्च कर दिये. यह बैंक के कुल खर्च के हिसाब से सबसे ज्यादा है. हालांकि यह एसबीआई के कुल मुनाफे का करीब सवा परसेंट था. वहीं, एचडीएफसी बैंक ने इस मद में 922.5 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक ने 318.5 करोड़ रुपये खर्च किए.

undefined

ये भी पढ़ें:- कच्चे तेल 80 डॉलर से नीचे, रुपया हुआ मजबूत, भारत को क्या फायदा?

Advertisement
FY25 में बैंकों का पेन और स्टेशनरी पर खर्च

बैंक का नाम - प्रिंटिंग और स्टेशनरी खर्च ( करोड़ रुपये) - शुद्ध मुनाफे का (%)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) - 986.4 - 1.22%
HDFC बैंक - 922.5 - 1.26%
एक्सिस बैंक - 373.8 - 1.33%
ICICI बैंक - 318.5 - 0.58%
बैंक ऑफ बड़ौदा - 211.9 - 1.02%
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) - 173.8 - 0.94%
कोटक महिंद्रा बैंक - 167- 0.75%
केनरा बैंक - 165.9 - 0.94%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया - 135.3 - 0.75%
IDFC फर्स्ट बैंक - 122.7- 8.05%
इंडसइंड बैंक 114.9 -4.46%
यस बैंक 70-2.86%
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक 58.3 - 2.77%
फेडरल बैंक 56.2 -1.33%

वीडियो: प्रणित मोरे के बाद मधुर विरली और ऐश्वर्या मोहनराज के पुराने वीडियो वायरल

Advertisement