टाटा सन्स को साल 2026 के अंत तक एक नया चेयरमैन मिल सकता है. इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में मनीकंट्रोल के हवाले से बताया गया कि टाटा समूह शायद अपने बिजनेस और समूह को चलाने की व्यवस्था से वाकिफ कंपनी में काम कर रहे अधिकारी को इस पद पर नियुक्त करना चाह रहा है. हालांकि, चर्चा अभी प्रारंभिक चरण में है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.
'टाटा सन्स' अगला मुखिया टाटा ग्रुप से होगा! ये दो नाम सबसे आगे
एन चंद्रशेखरन ने दोबारा चेयरमैन बनने की दौड़ से खुद को बाहर कर लिया है. उनका कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होगा

एन चंद्रशेखरन ने 20 फरवरी, 2027 को अपना वर्तमान कार्यकाल खत्म होने पर दोबारा चेयरमैन बनने की रेस से खुद को बाहर कर लिया है. इसके बाद से उनके उत्तराधिकारी की खोज शुरू हो चुकी है. लेकिन सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) को बैठकें आयोजित करने से रोकने वाले प्रतिबंधों के कारण यह प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है. मनीकंट्रोल ने इस पूरे मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि 5 सदस्यीय चयन समिति का गठन हो जाने के बाद टाटा संस के अगले चेयरमैन बनने में डेढ़ से दो महीने लग सकते हैं.
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रिपोर्ट के मुताबिक, दो नाम जिन पर विचार किया जा सकता है, वे हैं टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन और टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा. हालांकि, अभी तक कोई शॉर्टलिस्ट तैयार नहीं हुई है और अंतिम समिति आंतरिक और बाहरी दोनों उम्मीदवारों पर विचार कर सकती है. अगर आंतरिक उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की बात सामने आती है तो यह एक मिसाल कायम करेगी.
चंद्रशेखरन खुद साल 2017 में टाटा संस के चेयरमैन चुने जाने के समय समूह में काम करने वाले ही उम्मीदवार थे. उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में लगभग तीन दशक बिताए थे. वो इसके सीईओ और प्रबंध निदेशक के पद पर थे जब उन्हें टाटा संस की कमान सौंपी गई.
वहीं, मनीकंट्रोल के अनुसार, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा के सिलेक्शन कमेटी में शामिल होने की संभावना है. वे इसके अध्यक्ष के रूप में कार्य कर सकते हैं. टाटा संस के बोर्ड मेंबर हरीश मनवानी सिलेक्शन कमेटी में टाटा संस बोर्ड का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं.
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