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Ola के साथ ये क्या हुआ! 53 हजार करोड़ की कंपनी पता है अब कितने की रह गई?

Ola marks down: US बेस्ड अमेरिकी असेट मैनेजमेंट फर्म वैनगार्ड ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) में दायर एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि उसने ओला कंज्यूमर के मूल्यांकन को घटाकर लगभग 70.3 मिलियन डॉलर कर दिया है.

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Ola के लिए सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं

Ola के लिए ई गोला (धरती) पर टेम कुछ ज्यादा ही बेकार चल रहा है. ईवी स्कूटर की सेल्स में कंपनी TVS, Bajaj और Ather से बहुत पीछे जा चुकी है. तमाम वादों के बाद भी उसके सर्विस सेंटर्स सूरत से लेकर जमशेदपुर तक स्कूटर्स के 'कब्रगाह' बने हुए हैं. लेकिन अब कंपनी (Ola Consumer) के वैल्यूएशन में भी भयानक गिरावट आई है. कंपनी की मार्केट वैल्यू 99 फीसदी नीचे आ गई है. 7.3 बिलियन वैल्यूएशन के साथ महज कुछ साल पहले देश की सबसे मूल्यवान स्टार्ट अप्स रही कंपनी का वैल्यूएशन गिरकर 70 मिलियन डॉलर (करीब 670 करोड़ रुपये) पर आ गया है.

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दरअसल US बेस्ड अमेरिकी असेट मैनेजमेंट फर्म वैनगार्ड ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) में दायर एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि उसने राइड-हेलिंग कंपनी ओला कंज्यूमर के मूल्यांकन को घटाकर लगभग 70.3 मिलियन डॉलर कर दिया है.

वैल्यूएशन के चक्के भी थम गए

यह मूल्यांकन वैनगार्ड की ओला में हिस्सेदारी के लगभग 728,000 डॉलर से तय किया गया है. वैनगार्ड ने 2015 में कंपनी में लगभग 51.7 मिलियन डॉलर का निवेश किया था, जब ओला का मूल्य लगभग 5 बिलियन डॉलर था. अपनी हिस्सेदारी के नए नवीनतम वैल्यूएशन के बेस पर, ओला का मूल्य उस स्तर से लगभग 99 फीसदी गिर गया है जिस पर वैनगार्ड ने पहली बार निवेश किया था.

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कभी इंडिया के एलन मस्क कहे जाने वाले भाविष अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) की कंपनी की वैल्यूएशन को वैनगार्ड ने पहली बार नहीं गिराया है. इनट्रैकर की रिपोर्ट के मुताबिक मैनेजमेंट फर्म ने साल 2024 में वैल्यूएशन को 1.88 बिलियन और साल 2025 में 1.25 बिलियन तक गिराया था. जैसे हमने पहले ही बताया. 2021 में जब ओला अपने टॉप गियर में थी, तब उसका मूल्यांकन 7.3 बिलियन डॉलर यानी 53 हजार करोड़ के आसपास था. आज की तारीख के हिसाब से देखें तो 670 करोड़ रुपये.

वैसे यहां एक बात गौर करना जरूरी है. म्यूचुअल फंड और असेट मैनेजमेंट प्रबंधकों द्वारा अपनी निजी संपत्तियों को दिए गए मूल्यांकन किसी कंपनी के वास्तविक बाजार मूल्य को पूरी तरह से नहीं दर्शाते हैं. ऐसे मूल्यांकन आंतरिक कार्यप्रणाली, लिक्विडिटी डिस्काउंट, बाजार की स्थितियों और अन्य मान्यताओं से प्रभावित हो सकते हैं. इनट्रैकर की रिपोर्ट पर ओला की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

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हालांकि मूल्यांकन में गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है. फाइनेंसियल ईयर 2025 में, कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष के 2,012 करोड़ रुपये से 42 फीसदी घटकर 1,171 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी का शुद्ध घाटा भी 329 करोड़ रुपये से बढ़कर 662 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी को सड़क पर उबर और रैपिडो से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. विनफ़ास्ट जैसी इलेक्ट्रिक कंपनी भी टैक्सी के कारोबार में उतर गई है. ओला के लिए आगे सफर कम रेंज का होने वाला है.

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