Submit your post

Follow Us

प्रशांत भूषण के खिलाफ़ अवमानना का मुक़दमा सुन रहे सुप्रीम कोर्ट के इन तीन जजों की कहानी क्या है?

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ़ अदालत की अवमानना का मुक़दमा चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को 24 अगस्त 2020 की तारीख़ दी थी, कि वो तब तक इस केस में बिना शर्त माफ़ी मांग लें. 24 अगस्त को प्रशांत भूषण ने माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया. 

अब ज़्यादा सम्भावना ये है कि तीन जजों की बेंच इस मामले में 25 अगस्त को अपना फ़ैसला सुनाएगी. कौन से तीन जज? जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी. 

नीचे इन तीनों जजों की छोटी कहानी

जस्टिस अरुण मिश्र

साल 1955 में जन्मे थे जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा. पिता हरगोविंद मिश्रा, जो बाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज बने थे. जस्टिस मिश्रा ने बी.एससी. की डिग्री हासिल की. फिर BA किया. फिर लॉ की पढ़ाई. इसके बाद जस्टिस मिश्रा ने साल 1978 से 1999 तक वकालत की. 1998-99 में बार काउन्सिल ऑफ़ इंडिया के सबसे युवा चेयरमैन रहे. 25 अक्टूबर 1999. ये वो तारीख़ थी जिस अरुण मिश्र जज की कुर्सी पर बैठे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज बनाए गए. इस समय वो मध्य प्रदेश राज्य क़ानूनी सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन भी थे. लगभग 11 साल यहां रहने के बाद जस्टिस अरुण मिश्र 26 नवम्बर 2010 को राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनाए गए. 14 दिसंबर 2012 कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनाए गए. और आख़िर में 7 जुलाई 2014 को सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए. 

जस्टिस बीआर गवई

1960 में जन्म. वकालत की पढ़ाई हुई. और 1985 से प्रैक्टिस शुरू की. शुरू के दो साल बैरिस्टर राजा एस भोंसले के साथ काम किया. साल 1987 से इंडिपेंडेंट. बार से जुड़ गए. 1990 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की. 1990 के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर बेंच में प्रैक्टिस करते रहे. नागपुर म्यूनिसिपैलिटी, अमरावती म्यूनिसिपैलिटी और अमरावती यूनिवर्सिटी की ओर से कोर्ट में अपीयर होते रहे. बाद में एडिशनल गवर्न्मेंट प्लीडर और एडिशनल पब्लिक प्रासिक्यूटर भी नियुक्त किए गए थे.  14 नवम्बर 2003. बॉम्बे हाईकोर्ट के एडिशनल जज बनाए गए. और दो साल बाद, यानी 12 नवम्बर 2005 को बॉम्बे हाईकोर्ट के परमांनेट जज बनाए गए. 24 मई 2019, ये वो तारीख़ है, जिस दिन बीआर गवई सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त किए गए थे. 

जस्टिस कृष्ण मुरारी

जस्टिस कृष्ण मुरारी इलाहाबाद से ताल्लुक़ रखते हैं. 1958 में जन्म. इलाहाबाद से लॉ की पढ़ाई हुई. और 23 दिसम्बर 1981 को वकालत शुरू की. 22 सालों तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत की. वो यूपी सरकार, कानपुर की यार्न कम्पनी लिमिटेड, उत्तरी रेलवे प्राइमरी कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, यूपी स्टेट टेक्स्टायल कॉर्परेशन लिमिटेड, यूपी कोआपरेटिव स्पिंनिग मिल्स फ़ेडरेशन लिमिटेड और बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की ओर से कोर्ट में केस प्रेज़ेंट करते रहे. 7 जनवरी 2004, इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडिशनल जज बना दिए गए. और 18 अगस्त 2005, इलाहाबाद हाईकोर्ट के परमानेंट जज. 1 जून 2018 तक जस्टिस मुरारी इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही काम करते रहे. अगले दिन, यानी 2 जून से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पद सम्हाला. और आख़िर में 23 सितम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज का पदभार ग्रहण किया. 

और आख़िर में एक छोटा-सा विवाद

जस्टिस अरुण मिश्र के करियर में एकाध विवाद भी जुड़े हैं. फ़रवरी 2020 में इंटरनेशनल ज्यूडिशियल कॉन्फ़्रेन्स हो रहा था. इसमें चीफ जस्टिस एसए बोबड़े के साथ सुप्रीम कोर्ट के दूसरे जज (जिनमें अरुण मिश्र शामिल थे) और पीएम नरेंद्र मोदी शामिल थे. दी हिंदू के ख़बर के हवाले से कहें तो जस्टिस मिश्र ने अपने वक्तव्य में नरेंद्र मोदी को ‘varsatile genius’ यानी बहुमुखी प्रतिभा का धनी कह दिया. सुप्रीम कोर्ट बार असोसीएशन ने एक रिज़ॉल्यूशन पास किया. इस कथन की आलोचना करते हुए. कहा कि ऐसे स्टेटमेंट्स से न्यायपालिका की स्वायत्तता पर सवाल उठ सकते हैं, तो ऐसे में जजों से आशा की जाती है कि वो ऊंचे पदों पर बैठे लोगों से कोई लगाव आगे भविष्य में न दिखाएं.


लल्लनटॉप वीडियो : वकील ने स्वरा भास्कर पर अदालत की अवमानना का केस चलाने की परमिशन मांगी थी, ख़ारिज हो गई

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

यूपी में एक और पत्रकार की हत्या, लाठी-डंडे से पीटा और फिर गोली मारी

पुलिस ने हत्या के पीछे की जो वजह बताई, वो परिवार को नामंजूर है.

चौथे दिन से ही इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ के लिए खेल रहा है पाकिस्तान!

इंग्लैंड की जीत और हार के बीच एक बड़ी मुसीबत अड़ी है!

IPL से अलग हुआ एक और बड़ा स्पॉन्सर

ये तो भारतीय कंपनी थी.

खुदाई करते हुए जिन्हें पत्तियां समझ रहे थे, ध्यान से देखा तो भौंचक रह गए!

इजरायल की घटना है. लोगों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ऐसा कुछ हो सकता है.

पता चल गया, सौरव गांगुली को KKR से किसने निकाला था?

नहीं, ये सिर्फ शाहरुख खान नहीं थे.

गावस्कर ने बता दिया, क्यों वर्ल्डकप में जीतते-जीतते हार जाती है टीम इंडिया!

गावस्कर ने प्रॉब्लम के साथ-साथ सॉल्यूशन भी बता दिया.

BJP नेता की प्रेस में छपती थीं NCERT की नकली किताबें, ऐसे होता था करोड़ों का फर्जीवाड़ा

8 साल से चल रहा था गोरखधंधा, ओरिजिनल हॉलमार्क लगाकर देशभर में होती थी सप्लाई.

सुनील गावस्कर ने बताया, किसकी वजह से सफल कप्तान बने एमएस धोनी!

गावस्कर ने बताया, इस तरह से मैदान पर धोनी की चलती थी.

गणेश उत्सव मनाने पर ट्रोल हुए शाहरुख, लोग कह रहे हैं कि फोटोशॉप्ड है उनकी ये तस्वीर

शाहरुख खान ने हाल ही में कई वेब सीरीज़ को प्रड्यूस किया है.

'मिर्ज़ापुर 2' की रिलीज़ डेट आते ही 'मेमे' वालों की बमचक हो गई

कालीन भैया ने बताया कब आ रहा है मिर्ज़ापुर.