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जब ऋषि कपूर ने फिल्म के डायरेक्टर से इरफ़ान की शिकायत कर दी थी

इरफ़ान और ऋषि कपूर चले गए हैं. लेकिन उनकी फिल्में और उनसे जुड़ी हुई यादें रह गई हैं. उनके बहुत से किस्से सामने आ रहे हैं. डायरेक्टर निखिल अडवाणी ने भी उन दोनों के बारे में एक मज़ेदार बात साझा की है. निखिल ‘कल हो ना हो’, ‘चांदनी चौक टू चाइना’ और ‘डी-डे’ जैसी फिल्में बना चुके हैं. ‘डी-डे’ ही वह अकेली फिल्म है, जिसमें इरफ़ान और ऋषि ने इकट्ठे काम किया था. पिछले कुछ दिनों में इस फिल्म के कुछ फोटो और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं. फिल्म जर्नलिस्ट राजीव मसंद को दिए इंटरव्यू में निखिल ने इस फिल्म की शूटिंग का एक किस्सा बताया.

निखिल ने कहा कि ऋषि और इरफ़ान बिल्कुल अलग बैकग्राउंड से थे. इरफ़ान का फिल्मों में कोई लिंक नहीं था. एक छोटे से शहर से थे. ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’ में पढ़ने गए. वहां वर्ल्ड सिनेमा देखा और उससे सीखा. बहुत संघर्ष किया. पहली फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ में उनका रोल किसी वजह से काट दिया गया. तो रातभर रोते रहे थे. इससे उन्होंने ज़िंदगी में शिकस्त को झेलना भी सीखा. इसके विपरीत ऋषि बेटे थे राजकपूर जैसे सुपरस्टार के. बॉलीवुड की गोद में पले-बढ़े थे. सेट्स पर भी लोग उन्हें ‘चिंटू बाबा’ कहकर बुलाते थे. वे राजकपूर को पापा कहने के बजाए ‘राज साहब’ बुलाते थे. क्योंकि बचपन से लोगों को ऐसा कहते हुए ही देखा था. इस तरह ऋषि और इरफ़ान बहुत ही अलग थे.

पहली बार ‘डी डे’ फिल्म के दौरान दोनों साथ काम कर रहे थे. ऋषि ने सुन रखा था कि इरफ़ान एक जबरदस्त एक्टर हैं. इसलिए उनके मन में काफ़ी उत्सुकता थी. आखिरकार एक सीन आया जिसमें दोनों को इकट्ठे एक्टिंग करनी थी. और इरफ़ान ने सीन में इम्प्रोवाइज़ कर दिया. मतलब तय डायलॉग बोलने के बजाए चलते सीन को अलग तरीके से डिवेलप करना. लेकिन ऋषि पारंपरिक फिल्मी अंदाज में एक्टिंग करते थे. स्क्रिप्ट को फॉलो करते हुए. ऋषि कपूर इंतज़ार कर रहे थे कि इरफ़ान उन्हें ‘क्यू’ देंगे. यानि वो इशारा जहां से वे अपना डायलॉग शुरू कर सकें. लेकिन इरफ़ान ने सीन को इम्प्रोवाइज़ कर दिया. ऐसे में ऋषि कपूर को दिक्कत हुई. वे डायरेक्टर निखिल को अलग लेकर गए और शिकायत के स्वर में बात करने लगे. निखिलि ने बताया,

“उन्होंने मुझे बुलाया. बोले कि यार ‘उसको समझाओ. उसको एक्टिंग करनी नहीं आती है. उसे वो ‘क्यू’ देना पड़ेगा. नहीं तो मैं अपना डायलॉग कैसे बोलूंगा’. इसलिए मुझे उन्हें (ऋषि को) एक्सप्लेन करना पड़ा. ‘सर, आप चिंता मत करो. आप बोलो. जब आपका दिल करे, आप बोलना शुरू कर दो. उसकी चिंता मत करो.”  

इस फिल्म में अर्जुन रामपाल, हुमा क़ुरैशी और श्रुति हासन ने भी अहम रोल निभाए थे. इरफ़ान का किरदार एक रॉ एजेंट का था. जबकि ऋषि का किरदार कुख़्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से प्रेरित था. फिल्म को ठीक-ठाक रिव्यू मिले थे. खासकर इसके थ्रिल और एक्शन के लिए.

इस फिल्म का एक सीन देखिए, जिसमें इरफ़ान और ऋषि दोनों साथ नज़र आ रहे हैं –


वीडियो देखें – जब फिल्म ‘डी-डे’ के एक सीन इरफ़ान की एक्टिंग देख ऋषि कपूर ने उन्हें गले से लगा लिया था  

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