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महाराष्ट्र में शिवसेना या BJP, दोनों में झूठ कौन बोल रहा है?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 नवंबर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को उन्होंने इस्तीफा सौंपा. इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. शिवसेना पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमें थोड़ी कम सीटें आईं. नतीजे आने के बाद उद्धव ठाकरे ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वह सरकार बनाने को तैयार हैं.

फडणवीस ने कहा,

मेरा भी मानना है कि यह जनादेश एनडीए को मिला है. लेकिन मैं यह साफ करना चाहूंगा कि ढाई-ढाई साल तक सीएम वाली कोई बात नहीं हुई थी. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और नितिन गडकरी से भी इस बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने भी सीएम पर 50-50 फॉर्मूले पर किसी भी तरह के फैसले से इनकार किया.

फडणवीस ने आगे कहा कि अगर ऐसी कोई बात होती तो हम उसका हल निकाल लेते. लेकिन शिवसेना ने चर्चा ही रोक दी. शिवसेना सिर्फ सीएम पद को लेकर बात करना चाहती है.

मैंने उद्धव ठाकरे को फोन किया, लेकिन उन्होंने मेरे फोन का जवाब नहीं दिया. हमसे बातचीत की बजाय एनसीपी और कांग्रेस से चर्चा की. मुझे लगता है कि चुनाव नतीजे आने के बाद ही शिवसेना ने तय कर लिया था कि वो एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाएगी.

फडणवीस ने शिवसेना पर गलतबयानी का आरोप लगाया. कहा कि नतीजे आने के बाद से ही शिवसेना के कुछ नेता बयानबाजी कर रहे हैं. हम सख्त भाषा में जवाब दे सकते हैं, लेकिन हमारी संस्कृति यह नहीं है. हम बाला साहब ठाकरे के खिलाफ कभी सोच भी नहीं सकते. देवेंद्र फडणवीस के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा,

मैं बाला साहेब की तरह सच के साथ खड़ा हूं. लेकिन मुझ पर झूठ बोलने के आरोप लग रहे हैं. अमित शाह बात करने मुंबई आए थे. मैंने सीएम पद को लेकर अमित शाह से स्पष्ट रूप से बात की थी. सबको पता है झूठ कौन बोल रहा है. मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 फॉर्मूले पर सहमति बनी थी. अमित शाह ने कहा था कि जिनकी ज्यादा सीट उनका सीएम. मैंने कहा कि मैं यह नहीं मानूंगा. देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह का हवाला देकर 2.5 साल के सीएम की बात होने से इनकार किया, जनता को पता है कौन झूठ बोल रहा.

 

उद्धव ठाकरे ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस से ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी. बीजेपी भूल गई कि दुष्यंत चौटाला ने उनके लिए क्या कहा था. शिवसेना झूठ बोलने वालों की पार्टी नहीं है.

ठाकरे ने कहा,

मैंने कभी पीएम मोदी पर आरोप नहीं लगाए. मैं बीजेपी वाला नहीं हूं. झूठ नहीं बोलता. मैं झूठ बोलने वालों से बात नहीं करता. मैंने कभी दुष्यंत चौटाला जैसी भाषा का प्रयोग नहीं किया. मैं RSS का सम्मान करता हूं. आरएसएस को फिर से सोचना चाहिए कि कैसा हिन्दुत्व चाहिए. हमने देखा है कि बीजेपी ने मणिपुर और गोवा में किस तरह से सरकार बनाई है. हमने उन्हीं से सीखा है. लेकिन हमने कभी झूठ बोलना नहीं सीखा. अगर बीजेपी झूठा बोलेगी तो बर्दाश्त नहीं करूंगा. एनसीपी और कांग्रेस से बातचीत नहीं हुई. हमने कभी भी चर्चा बंद नहीं की थी, जब मुझे पता चला कि बीजेपी समझौते से हट रही है, तब हमने बातचीत बंद की. हमने हमेशा अपना रुख साफ किया, अब वक्त है कि बीजेपी सच बोले.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने अटल-आडवाणी की कभी आलोचना नहीं की. मैंने नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी नहीं की है, जब आलोचना की भी थी तो पॉलिसी की आलोचना थी, निजी आलोचना नहीं की. मैंने उनका (बीजेपी) का समर्थन इसलिए किया था क्योंकि देवेंद्र फडणवीस मेरे अच्छे मित्र हैं. क्या फैसला हुआ था इस बारे में मैं शिवसैनिकों से झूठ नहीं बोल सकता हूं. महाराष्ट्र की जनता को शिवसेना पर भरोसा है.


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