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रिया चक्रवर्ती को जमानत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार, 7 अक्टूबर को रिया चक्रवर्ती को जमानत दे दी. एक लाख के बॉन्ड पर उन्हें ये जमानत मिली है. रिया को अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा. वो कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी. जब भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) उन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगा, उन्हें हाजिर होना होगा. ग्रेटर मुंबई छोड़ने पर भी उन्हें जांच अधिकारियों को इस बारे में बताना होगा.

रिया चक्रवर्ती को एनसीबी ने ड्रग्स मामले में 8 सितंबर को गिरफ्तार किया था. रिया पर सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स का इंतजाम करने और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने जैसे आरोप लगाए गए हैं. इस केस में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कुछ गंभीर टिप्पणी की.

कोर्ट ने क्या कहा

इस मामले में कोर्ट ने कहा-

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 (NDPS एक्ट) की धारा 27 के तहत ड्रग्स का सेवन करने के दोषी पाए जाने पर एक साल कारावास या 20 हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है. एनसीबी द्वारा 27A की व्याख्या से अगर कोई अन्य व्यक्ति, दोस्त या संबंधी, इस तरह के प्रतिबंधित पदार्थ के लिए भुगतान करता है, ऐसे में वो व्यक्ति, जिसने इसका सेवन किया, उसे सिर्फ एक साल की सजा हो सकती है, या NDPS की धारा 64 के तहत पुर्नवास का इच्छुक है, तो सजा से बच सकता है. लेकिन जिस व्यक्ति ने इसके लिए भुगतान किया है, उसे 20 साल की सजा हो सकती है. लेकिन यह बहुत असंगत और अनुचित होगा.

जज ने कहा-

मैं इस बात से सहमत नहीं हो पा रहा हूं कि Section 27A के तहत ड्रग्स यूज करने के लिए किसी दूसरे को पैसा देना, उसकी आदत और उत्साह को बढ़ावा देना और उसका वित्त-पोषण करना कैसे हो गया?

रिया के खिलाफ आरोप है कि उसने कुछ मौकों पर अपने पैसों से ड्रग्स खरीदे. अपने भाई के जरिए. इस उद्देश्य के लिए सुशांत सिंह राजपूत के कर्मचारियों का भी इस्तेमाल किया गया. जैसा कि पहले ही चर्चा की गई है कि रिया की गतिविधियां NDPS के तहत लगे 27A के तहत नहीं आती हैं. कोर्ट ने कहा कि रिया के खिलाफ NDPS 27A लागू नहीं होता. कोर्ट ने कहा कि रिया ने सुशांत के लिए ड्रग खरीदने का इंतजाम किया, इसका ये मतलब नहीं कि उसने अवैध व्यापार का वित्त-पोषण किया.

जज ने कहा कि रिया ड्रग डीलर का हिस्सा नहीं थीं. उन्होंने पैसे कमाने के लिए या किसी तरह का और लाभ लेने के लिए ड्रग्स को आगे नहीं बढ़ाया. रिया का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए कोर्ट यह मानता है कि वो जमानत के दौरान कोई अपराध नहीं करेंगी.

बॉम्बे हाई कोर्ट के जज ने कहा-

कोर्ट को नहीं लगता कि सेलिब्रिटी और रोल मॉडल के साथ कठोर व्यवहार किया जाना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण बने. मैं इससे सहमत नहीं हूं. कानून सबके लिए बराबर है.

रिया चक्रवर्ती के वकील ने मीडिया को बताया कि वह बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश से खुश हैं. उन्होंने कहा-

सत्य और न्याय की जीत हुई है. अंततः तथ्यों और कानून के आधार पर पेश दलीलें स्वीकार की गई हैं. रिया की गिरफ्तारी और हिरासत पूरी तरह से अनुचित थी. सीबीआई, ईडी और एनसीबी द्वारा रिया को प्रताड़ित करने और उन्हें जान-बूझकर निशाना बनाने के अभियान पर रोक लगनी चाहिए. हम सच के लिए प्रतिबद्ध हैं.


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