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मिड-डे मील में भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे आगे UP है, मंत्री जी ने खुद बताया

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कुछ महीने पहले एक वीडियो सामने आया था. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के एक गांव का था. गांव के सरकारी स्कूल के बच्चे मिड-डे मील में नमक-रोटी खाते दिख रहे थे. वीडियो वायरल होने के बाद जमकर बवाल हुआ था. जिस पत्रकार ने वीडियो रिकॉर्ड किया था, उसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी गई थी. उसके ऊपर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश करने के आरोप लगे थे. ब्लॉक एजुकेशन अधिकारी ने पत्रकार के खिलाफ सितंबर में केस दर्ज करवाया था. कहा था कि पत्रकार ने यूपी सरकार का अपमान करने की साजिश की.

इस केस के बारे में अभी बात करना बेहद जरूरी था, क्योंकि मिड-डे मील पर हाल ही में लोकसभा में भी बहस हुई. आंकड़े पेश किए गए. सामने आया कि पिछले तीन साल में मिड-डे मील में हुए भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले UP में दर्ज किए गए हैं. 25 नवंबर के दिन बीजेपी सांसद भारती प्रवीण पवार ने मीड-डे मील से जुड़े हुए कुछ सवाल पूछे. जवाब मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल दिया. भारती के सवाल थे-

– मिड-डे मील योजना में भ्रष्टाचार के उन मामलों की राज्य-वार संख्या और ब्यौरा क्या है, जो पिछले 3 वर्षों के दौरान सरकार के ध्यान में आए हैं.

– उक्त भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए गए लोगों की संख्या कितनी है. उनका राज्य-वार ब्यौरा क्या है.

– क्या पिछले तीन वर्षों के दौरान दर्ज किए गए मामलों का निपटारा कर लिया गया है?

– यदि हां, तो उनका राज्य-वार ब्यौरा क्या है?

पोखरियाल ने जवाब दिया,

‘तीन साल के दौरान देश भर में मिड-डे मील योजना के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार संबंधी कुल 52 शिकायतें मिलीं. बच्चों को पका हुआ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन की है. संबंधित राज्य सरकारों और प्रशासनों से इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने का अनुरोध किया गया था. प्राप्त हुई रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकारों और संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों ने जिम्मेदार अधिकारी को चेतावनी जारी करने, संबंधित एनजीओ/संगठनों का अनुबंध रद्द करने, दोषी व्यक्तियों/अधिकारियों/संगठनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की गई है.’

इसके साथ ही पोखरियाल ने जो आंकड़े पेश किए, उससे सामने आया कि मिड-डे मील में भ्रष्टाचार के 52 मामलों में से 14 तो उत्तर प्रदेश के ही हैं. 11 मामलों के साथ बिहार दूसरे नंबर पर है. 6 मामलों के साथ पश्चिम बंगाल तीसरे नंबर पर है. यूपी में साल 2017 में 7 मामले सामने आए थे, 2018 में 3 और 2019 में 4.

Midday Meal Scheme 1
मंत्री जी ने जो आंकड़े पेश किए. ये आंकड़े हमने लोकसभा की वेबसाइट से लिए हैं.

इन सभी 52 मामलों में से 47 मामलों पर राज्य स्तर पर जांच चल रही है. 3 मामले साबित नहीं हो सके. 1 मामले में सुधार करने का आदेश दिया गया है. और एक मामले में विभाग ने कार्रवाई की है.


वीडियो देखें:

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