Submit your post

Follow Us

पंचायत चुनाव में दो उम्मीदवारों को बराबर वोट मिला, सिक्का उछाल कर चुना गया गांव का प्रधान

उत्तर प्रदेश में 2 मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना हुई. रात आठ बजे तक 23 विकास खंडों 217 गांव प्रधान, ग्राम पंचायत के 184 और बीडीसी के 268 पदों के परिणाम घोषित हुए. किसी को हार मिली किसी ने जीत दर्ज की. मगर एक वाकया ऐसा भी मिला जहां टॉस करके गांव के प्रधान को चुना गया.

घटना प्रयागराज के सोरांव के करौदी गांव की है. जहां प्रधान पद के लिए राज बहादुर और भुंवरलाल ने पर्चा भरा था. वोटिंग के बाद जब काउंटिंग हुई तो दोनों को बराबर-बराबर वोट मिले. दोनों को ही 170 मत मिले. इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर सुरेश चंद्र यादव ने दोनों के बीच टॉस करवाया. टॉस में जीते भुंवरलाल को विजयी घोषित कर दिया गया. उन्हें ग्राम प्रधान का सर्टिफिकेट भी दे दिया गया.

लोगों ने भुंवरलाल को कंधे पर उठाकर रैली भी निकाली. इस दौरान न खुद भुंवरलाल ने मास्क लगाया था और न ही उन्हें कंधे पर बैठाकर चल रहे लोगों ने.

सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां

देश में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. उत्तर प्रदेश कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है. उसके बावजूद पंचायत चुनाव में सोशल डिस्टेंसिंग ज़रा भी नहीं दिखी. 2 मई को वोटों की गिनती हुई. और कई काउंटिंग सेंटर्स से जो तस्वीरें आईं उनमें न सोशल डिस्टेंसिंग नज़र आ रही थी और न ही लोग ठीक से मास्क पहने नज़र आ रहे थे.

ये सभी अपने नए प्रधान की जीत के बाद उन्हें माला पहनाने के लिए खड़े हैं मगर सोशल डिस्टेंसिंग की किसी को कोई परवाह नहीं है. आधे से ज़्यादा लोगों ने मास्क ही नहीं पहने हैं.
ये सभी अपने नए प्रधान की जीत के बाद उन्हें माला पहनाने के लिए खड़े हैं मगर सोशल डिस्टेंसिंग की किसी को कोई परवाह नहीं है. आधे से ज़्यादा लोगों ने मास्क ही नहीं पहने हैं.

पंचायत चुनाव ड्यूटी में लगे करीब 1500 कर्मचारियों की मौत कोरोना वायरस से होने का दावा शिक्षक संघ और कर्मचारी संघों ने किया था. इन संघों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती टाल दें. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन ऐसा होता दिखा नहीं.

 


वीडियो: यूपी पंचायत चुनाव: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से क्या वादा किया था?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

क्या वाकई केंद्र सरकार ने मार्च के बाद वैक्सीन के लिए कोई ऑर्डर नहीं दिया?

क्या वाकई केंद्र सरकार ने मार्च के बाद वैक्सीन के लिए कोई ऑर्डर नहीं दिया?

जानिए वैक्सीन को लेकर देश में क्या चल रहा है.

Covid-19: अमेरिका के इस एक्सपर्ट ने भारत को कौन से तीन जरूरी कदम उठाने को कहा है?

Covid-19: अमेरिका के इस एक्सपर्ट ने भारत को कौन से तीन जरूरी कदम उठाने को कहा है?

डॉक्टर एंथनी एस फॉउसी सात राष्ट्रपतियों के साथ काम कर चुके हैं.

रेमडेसिविर या किसी दूसरी दवा के लिए बेसिर-पैर के दाम जमा करने के पहले ये ख़बर पढ़ लीजिए

रेमडेसिविर या किसी दूसरी दवा के लिए बेसिर-पैर के दाम जमा करने के पहले ये ख़बर पढ़ लीजिए

देश भर से सामने आ रही ये घटनाएं हिला देंगी.

कुछ लोगों को फ्री, तो कुछ को 2400 से भी महंगी पड़ेगी कोविड वैक्सीन, जानिए पूरा हिसाब-किताब

कुछ लोगों को फ्री, तो कुछ को 2400 से भी महंगी पड़ेगी कोविड वैक्सीन, जानिए पूरा हिसाब-किताब

वैक्सीन के रेट्स को लेकर देशभर में कन्फ्यूजन की स्थिति क्यों है?

कोरोना से हुई मौतों पर झूठ कौन बोल रहा है? श्मशान या सरकारी दावे?

कोरोना से हुई मौतों पर झूठ कौन बोल रहा है? श्मशान या सरकारी दावे?

जानिए न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत के हालात पर क्या लिखा है.

PM Cares से 200 करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं लगे ऑक्सीजन प्लांट, लेकिन राजनीति पूरी हो रही है

PM Cares से 200 करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं लगे ऑक्सीजन प्लांट, लेकिन राजनीति पूरी हो रही है

यूपी जैसे बड़े राज्य में केवल 1 प्लांट ही लगा.

कोरोना की दूसरी लहर के बीच किन-किन देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है?

कोरोना की दूसरी लहर के बीच किन-किन देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है?

पाकिस्तान के एक संगठन की ओर से भी मदद की बात कही गई है.

अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थिति में हैं, क्या केंद्र के पास कोई नेशनल प्लान है?

अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थिति में हैं, क्या केंद्र के पास कोई नेशनल प्लान है?

ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा था.

'सबसे कारगर' कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर ने भारत के सामने क्या शर्त रख दी है?

'सबसे कारगर' कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर ने भारत के सामने क्या शर्त रख दी है?

भारत सरकार की ओर से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन की किल्लत पर केंद्र सरकार को बुरी तरह लताड़ दिया है

दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन की किल्लत पर केंद्र सरकार को बुरी तरह लताड़ दिया है

बुधवार रात 8 बजे हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र को जमकर खरी-खोटी सुनाई.