Submit your post

Follow Us

2 दिन पहले यूपी बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष बनीं, गोलियों से भूनकर मार डाला

11.37 K
शेयर्स

यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव को आगरा कचहरी परिसर में गोली मार दी गई. गोली उनके पूर्व सहयोगी वकील मनीष शर्मा ने मारी. मनीष ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से दरवेश को ताबड़तोड़ तीन गोलियां मारीं. और फिर खुद को भी गोली मार ली. दरवेश को आनन-फानन में पुष्पांजलि अस्पताल ले जाया गया जहां, डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. आरोपी मनीष शर्मा को सिकंदरा हाइवे के किनारे रेंबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया है. वो कोमा में बताया जा रहा है.

क्या हुआ?
दरवेश यादव को 9 जून, 2019 को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया था. इसी खुशी में आगरा दीवानी कोर्ट परिसर में उनका सम्मान समारोह था. समारोह में ज्यादातर वकील शामिल थे. मगर इन वकीलों में एक वकील मनीष शर्मा नहीं था. वो दरवेश से रंजिश मानता था. दरवेश और मनीष पहले एक साथ ही एक चैंबर में बैठते थे. बाद में दोनों के बीच मतभेद हो गए. कुछ अधिवक्ताओं ने मनीष को फोन किया. और मौके पर बुलाया. कहा कि गिले-शिके अपनी जगह हैं. इस मौके पर तुमको आना चाहिए. कुछ ही देर में मनीष भी वहां आ गया. वो आया तो सही, लेकिन गुस्से से लबरेज होकर. वो अपनी लाइसेंसी पिस्टल में गोलियां भरकर आया था.

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मनीष गुस्से में था. वो आते ही तेज-तेज बोलने लगा. इस पर दरवेश ने उसे समझाने की कोशिश की. बात तब बिगड़ गई, जब दरवेश के एक रिश्तेदार मनोज यादव बीच में बोल पड़े. मनोज का बोलना था कि मनीष ने पिस्टल निकली. और ये बोलते हुए फायर कर दिया कि तुझे तो मैं छोडूंगा नहीं. मगर, मनोज झुक गए और वो बाल-बाल बच गए. मनोज पर गोली चलाने पर दरवेश ने मनीष पर चिल्लाना शुरू कर दिया. इसके बाद मनीष ने एक के बाद एक तीन गोलियां चला दीं. एक गोली दरवेश के सिर में लगी. और दो गोलियां सीने के पार उतर गईं. दरवेश गिर पड़ीं. दरवेश को तीन गोलियां मारने के बाद मनीष ने पांचवीं गोली खुद की कनपटी से सटाकर मार ली. ये गोली मनीष की कनपटी के पार निकल गई.
भरी कचहरी में गोलीबारी होने से हड़कंप मच गया. लोग इधर-उधर भागने लगे. खून से लथपथ दरवेश यादव को पास के ही पुष्पांजलि अस्पताल से जाया गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. इस घटना से पूरे अधिवक्ता समाज में गुस्सा फैल गया. लोग गुस्से में हंगामा करने लगे. घटना की जानकारी मिलने पर एडीजी अजय आनंद और एडीजे अजय श्रीवास्तव पुष्पांजलि हॉस्पिटल पहुंचे.

दरवेश यादव. फेसबुक फोटो.
दरवेश यादव. फेसबुक फोटो.

कौन थीं दरवेश यादव?
दरवेश यादव बार काउंसिल की राजनीति में सक्रिय थीं. वे मूल रूप से एटा की रहने वाली थीं. साल 2016 में उन्हें उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का उपाध्यक्ष चुना गया. फिर 2017 में वे कार्यकारी अध्यक्ष रहीं. साल 2012 में दरवेश को पहली बार बार काउंसिल का सदस्य चुना गया था. दरवेश ने आगरा कॉलेज से लॉ की डिग्री हासिल की थी. उन्होंने साल 2004 में वकालत शुरू की थी. रविवार 9 जून के दिन प्रयागराज में हुए चुनाव में दरवेश यादव और वाराणसी के हरिशंकर सिंह को यूपी बार काउंसिल का संयुक्त रूप से अध्यक्ष चुना गया था. अध्यक्ष पद के लिए दरवेश यादव और हरिशंकर सिंह को बराबर 12-12 वोट मिले थे. वोट बराबर होने की वजह से दोनों को 6-6 महीने के लिए अध्यक्ष चुन लिया गया. सहमति के आधार पर दरवेश यादव को पहले 6 महीने के लिए और हरिशंकर सिंह को बाद के 6 महीने के लिए अध्यक्ष रहना था. दरवेश यूपी बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष थीं.


 वीडियोः यूपी पुलिस ने पत्रकार को पीटा, चेहरे पर पेशाब करने का आरोप

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
UP Bar council President Darvesh Yadav shot dead in Agra

टॉप खबर

राजीव गांधी के हत्यारे ने संजय दत्त की मुश्किलें बढ़ा दी हैं

जेल में बंद पेरारिवलन ने संजय दत्त से जुड़ी बहुत सी जानकारी इकट्ठी की है.

कठुआ केस के छह दोषियों को क्या सज़ा मिली?

अदालत ने सात में से छह आरोपियों को दोषी माना था. मास्टरमाइंड सांजी राम का बेटा विशाल बरी हो गया.

कठुआ केस में फैसला आ गया है, एक बरी, छह दोषी करार

दोषियों में तीन पुलिसवाले भी शामिल हैं.

पांच साल की बच्ची से रेप किया और फिर ईंटों से कूंचकर मार डाला

उज्जैन में अलीगढ़ जैसा कांड, पड़ोसी ही निकला हत्यारा...

अफगानिस्तान किन गलतियों से श्रीलंका से जीता-जिताया मैच हार गया?

मलिंगा का तो जोड़ नहीं.

क्या चुनावी नतीजे आने के 10 दिनों के अंदर यूपी में 28 यादवों की हत्या हुई है?

28 नामों की एक लिस्ट वायरल हो रही है. लेकिन सच क्या है?

मायावती ने ऐसा क्या कह दिया कि फिलहाल गठबंधन को टूटा मान लेना चाहिए

प्रेस कांफ्रेंस में मायावती ने गठबंधन तोड़ने का सीधा ऐलान तो नहीं किया, लेकिन बहुत कुछ कह गयीं.

चुनाव नतीजे आए दस दिन हुए नहीं, मायावती ने गठबंधन पर सवाल उठा दिए

वो भी तब जब मायावती के पास जीरो से बढ़कर दस सांसद हो गए हैं

अरविंद केजरीवाल ने चुनाव में बंपर वोट खींचने वाला ऐलान कर दिया है

वो ऐसी स्कीम लेकर आए हैं कि दिल्ली-NCR की महिलाएं खुश हो गईं.

आखिर क्या सोचकर मोदी ने UP के इन नेताओं को कैबिनेट में जगह दी है?

इनमें कुछ से पिछली सरकार के दौरान बीच में ही मंत्रालय छीन लिया गया था.