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भारत में बैन होने के बाद टिकटॉक ने यूजर्स के लिए ये मैसेज भेजा है

सोमवार, 29 जून को भारत सरकार ने 59 ऐप पर बैन लगाने की घोषणा की. इनमें टिकटॉक का नाम भी शामिल था. बैन की घोषणा के बाद से ही अटकलें चल रही थीं कि आखिर बैन होने के बाद ऐप का क्या होगा. जो लोग पहले से चला रहे हैं, उनके अकाउंट का क्या होगा.

अभी चंद मिनट पहले आई अपडेट के अनुसार, सभी टिकटॉक एकाउंट्स का एक्सेस ब्लॉक हो गया है. आपके पास अगर ऐप डाउनलोडेड नहीं है, तो आप उसे गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर पर नहीं ढूंढ पाएंगे. अगर आपके पास ऐप पहले से है, तो आपको ये नोटिफिकेशन दिखाई देगा:

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ऐप खोलने पर दिखता नोटिफिकेशन.

इस नोटिफिकेशन में लिखा है :

प्रिय यूजर्स, हम भारत सरकार द्वारा जारी किए गए 59 ऐप को ब्लॉक करने के निर्देश का पालन कर रहे हैं. भारत के सभी यूजर की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है.

इस नोटिस के बाद अगर आप ऐप चलाने की कोशिश करेंगे, तो ‘नो इंटरनेट कनेक्शन’ लिखा हुआ आयेगा. अपनी प्रोफाइल की भी कोई जानकारी आप एक्सेस नहीं कर पाएंगे. ये डेस्कटॉप पर भी लागू होता है.

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नो इंटरनेट का मैसेज.

क्या हुआ इस बैन में?

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 29 जून की शाम को 59 मोबाइल ऐप को बैन करने की घोषणा की. इनमें टिकटॉक, लाइक, यूकैम मेकअप, क्लब फैक्ट्री और शीन जैसे ऐप शामिल हैं.

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा जारी की गई इस घोषणा में मंत्रालय ने कहा,

130 करोड़ भारतीयों की निजता को सुरक्षित रखने और डेटा सिक्योरिटी को लेकर उठी चिंताओं के बढ़ने के मामले देखे गए हैं. ये चिंताएं हमारे देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक खतरा हैं. मंत्रालय ने कई स्रोतों से ऐसी शिकायतें प्राप्त की हैं. ये भी पता चला है कि कुछ मोबाइल ऐप यूजर्स का डेटा चुरा कर उन्हें भारत से बाहर के सर्वर पर भेज रहे हैं.

किस आधार पर किया गया बैन?

बैन को लगाने के लिए इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के सेक्शन 69 A का हवाला दिया गया है. इस सेक्शन में बताया गया है कि पब्लिक द्वारा किसी भी कम्प्यूटर रिसोर्स के ज़रिए जानकारी एक्सेस करने पर केंद्र सरकार या उसके अंग रोक लगा सकते हैं.  किस स्थिति में? यहां पढ़ लीजिए:

‘केंद्र सरकार या इसका कोई अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि ऐसा करना ज़रूरी है, देश की एकता और संप्रभुता के हित में, देश की सुरक्षा के लिए, या राज्य की सिक्योरिटी के लिए, विदेशी राज्यों से दोस्ताना संबंध बनाए रखने के लिए, या फिर पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए, या फिर पब्लिक ऑर्डर को बिगाड़ने के लिए किए जाने वाले अपराधों को रोकने के लिए, तो ये कदम उठाए जा सकते हैं.’

इन परिस्थितियों में सेक्शन 69A का इस्तेमाल करके किसी भी कम्प्यूटर रिसोर्स से मिलने वाली सूचना को प्रतिबंधित किया जा सकता है. अगर इस प्रतिबंध का पालन नहीं होता है, तो सात साल तक का कारावास और जुर्माना देना पड़ सकता है.


वीडियो: चाइनीज़ ऐप्स बैन हुए तो कांग्रेस के सांसद पेटीएम भी बैन करने की मांग करने लगे

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