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चीन से ठगे जाने के बाद इंडिया ने अपनी टेस्टिंग किट बनाई, कैसे काम करेगी?

कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार फैल रहा है. और लगातार टेस्टिंग की गति बढ़ाने की माँग हो रही है. चीन की भेजी गयी टेस्ट किट ख़राब निकली तो भारत ने अपनी टेस्ट किट डिवेलप की है. कैसे बनायी? किसने बनाई? कैसे काम करेगी? इन सवालों का जवाब अगले पैराग्राफ़ से.

किसने बनाई है टेस्ट किट?

Indian Council of Medical Research (ICMR) ने पुणे के National Institute of Virology (NIV) के साथ मिलकर. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ख़ुद इसकी जानकारी दी है. इस टेस्ट किट को नाम दिया गया है कोविड कवच एलाइज़ा (Covid Kavach Elisa).

कैसे काम करेगी?

कुछ दिनों पहले चीन से टेस्ट किट आई थी. उस टेस्ट किट को रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट कहा जा रहा था. बस समझ लीजिए उसी सिद्धांत पर ये कोविड कवच आधारित है. अगर कोई व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित है, तो उसके ख़ून में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए ख़ास तरह की एंटीबॉडी बनेगी. इस टेस्ट किट का काम उसी एंटीबॉडी का पता लगाना है. किसी इंसान के शरीर से ख़ून निकाला जाएगा. थोड़ा-सा. टेस्ट किट पर लगाया जाएगा. टेस्ट किट बता देगी कि एंटीबॉडी मौजूद है या नहीं. जिससे पता चल जाएगा कि संक्रमण की स्थिति क्या है. इस टेस्ट किट के बारे में भी वही बात कही जा रही है, जो पुरानी चीनी टेस्ट किट के बारे में कही जा रही थी. ये सर्विलांस यानी नज़र रखने के लिए इस्तेमाल में लाई जाएगी. यानी कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं है, उसकी आख़िरी जांच RT-PCR के आधार पर ही होगी.

कितना काम करेगी?

सरकारी दावे की मानें तो भारत की नयी बनाई गयी टेस्ट किट सेन्सिटिव है, और बहुत हद तक अपने रिज़ल्ट में सही भी साबित हो रही है. कोविड कवच की एक टेस्ट किट से लगभग 2.5 घंटे में 90 लोगों की जांच की जा सकती है. भारत सरकार ने इस टेस्ट किट के बड़े लेवल पर उत्पादन के लिए दवा कम्पनी Zydus Cadilla से बात की है. सरकार ने दावा किया है कि ये पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट है.

और भी कोई टेस्ट किट हैं बाज़ार में?

पुणे की ही Mylabs ने रैपिड टेस्ट किट बनाई है. और बड़े स्तर पर इन टेस्ट किट्स का उत्पादन भी शुरू कर दिया है. ख़बरों की मानें MyLabs को Serum Institute of India (SII) का भी सहयोग मिला हुआ है. SII वही संस्थान है, जो मई महीने से ही Oxford में विकसित की जा रही वैक्सीन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू करने जा रहा है.

चीन वाला लफड़ा क्या है?

भारत में टेस्टिंग की बात लम्बे समय से हो रही है. ज़रूरत भी है कि कोरोना की ग्रोथ का अन्दाज़ लगाया जा सके. इसी बीच भारत में कोरोना की टेस्ट किट चीन से आईं. अप्रैल में. वो भी तीन डेडलाइन बीतने के बाद. टेस्ट किट आ तो गयीं. जांच शुरू की गयी. जांच में गड़बड़ी निकालकर सामने आने लगी. फिर ICMR ने कहा कि ये टेस्ट किट केवल नज़र रखे जाने के लिए. फिर शिकायतों की फ़ेहरिस्त लम्बी होती गयी. इस टेस्ट किट से जांच करने वालों ने बताया कि बहुत ज़्यादा गड़बड़ी हो रही है. उसके बाद टेस्ट किट चीन को वापिस.


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