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मिलिए सूरत के उस जांबाज से जिसने अपनी जान पर खेलकर 12 जानें बचाईं

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सूरत की तक्षशिला मार्केट में आग लगने से 20 छात्रों की मौत हुई है. कहीं ये आंकड़ा 21 बताया जा रहा है तो कहीं 23. लेकिन ये सिर्फ आंकड़ा नहीं है, ये उन सपनों की किलकारियां थीं जिनका गला घोंटकर मारा गया है. कहने को तो यह एक हादसा था, लेकिन कोई न कोई तो इसका ज़िम्मेदार होगा. आग शुक्रवार शाम 4 बजे के करीब शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी. शुरुआत धुएं से हुई फिर देखते-देखते आग ने पूरे फ्लोर को कब्ज़े में ले लिया.

तक्षशिला मार्केट के तीसरे और चौथे फ्लोर पर कई कोचिंग सेंटर चल रहे थे. जिनमें बच्चे पढ़ने गए हुए थे. जिस वक्त ये आग लगी उस वक्त अलग-अलग कोचिंग सेंटर में करीब 60 बच्चे थे. आग की शुरुआत तीसरे मंजिल से हुई. जिसके बाद बच्चे भागने लगे. चूंकि बिल्डिंग से बाहर निकलने का एक ही रास्ता था इसीलिए भगदड़ मच गई.

आग तीसरे के बाद चौथे फ्लोर पर पहुंची तो बच्चों को बाहर जाने का रास्ता नहीं मिला. जिसके बाद बच्चों ने एक-एक करके बालकनी से कूदना शुरू कर दिया. 15 छात्र-छात्राएं अपनी जान बचाने के लिए नीचे कूदे जिनमें से 3 की मौत हो गई.

जान बचाने के लिए बच्चों को इमारत से कूदना पड़ा, जिनमें से 3 की मौत हो गई.
जान बचाने के लिए बच्चों को इमारत से कूदना पड़ा, जिनमें से 3 की मौत हो गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आग लगने के तुरंत बाद फ्रायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई. कई लोगों ने दमकल विभाग को लगातार फोन किया. लेकिन दमकल की गाड़ी आधे घंटे में पहुंची. तब तक आग भयंकर रूप ले चुकी थी. लोगों के मुताबिक आग बुझाने का काम तब शुरू किया गया जब सब कुछ बर्बाद हो चुका था. दमकल की कवायद सिर्फ इमारत को बचाने की थी.

वहीं दूसरी तरफ आस पड़ोस के लोग भी बच्चों को बचाने की कोशिश में जुटे थे. इन्हीं लोगों में से एक केतन जोरवाडिया थे जो बच्चों को बचाने दूसरी मंजिल तक चढ़ गए.

बच्चों को बचाने के लिए केतने इमारत पर चढ़ गए.
बच्चों को बचाने के लिए केतने इमारत पर चढ़ गए.

12 बच्चों को बचाने के बाद मीडिया से बात करते हुए केतन ने कहा:

मैंने वहां धुंआ देखा, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाना चाहिए. मैंने एक सीढ़ी उठाई और ऊपर चढ़ गया. सबसे पहले मैंने 2 बच्चों को आग से बचाया. इसके बाद 8-10 और लोगों को वहां से निकलने में मदद की. बाद में 2 और छात्रों को मैंने वहां से निकाला. फायर ब्रिगेड को आने में 40-45 मिनट का वक़्त लगा.

लोगों ने ये भी कहा कि दमकल विभाग के लोग शुरुआत में केवल 5-6 टैंकर लेकर पहुंचे थे. फिर करीब 10-15 मिनट उन्होंने संसाधनों को तैयार करने में लगा दिए. उसके बावजूद पानी की बौछार आग तक नहीं पहुंच पा रही थी. इतना ही नहीं दमकल की सीढ़ियां भी काम नहीं कर रही थी. बच्चे चौथी मंजिल से कूद रहे थे. फायर ब्रिगेड उनकी मदद नहीं कर पा रहा था. दमकल की 25 गाड़ियों को आग पर काबू पाने में 6 घंटे का समय लगा.

दमकल विभाग की गाड़ी पहले फ्लोर तक ही पहुंच पा रही थी, जिसकी वजह से वो किसी को भी नहीं बचा पा रहे थे.
दमकल विभाग की गाड़ी पहले फ्लोर तक ही पहुंच पा रही थी, जिसकी वजह से वो किसी को भी नहीं बचा पा रहे थे.

इन 6 घंटों में 17 बच्चे आग की बलि चढ़ गए. ज्यादातर मौतें चौथे फ्लोर पर चले रहे फैशन इंस्टीट्यूट की छात्राओं की हुई. अस्पताल वालों के मुताबिक बच्चों की डेड बॉडी जब अस्पताल लाई गई तब वो बहुत ही बुरी हालात में थी. यहां तक कि बॉडी को पहचानना घर वालों के लिए मुश्किल हो गया था. घरवाले फोटो लेकर अस्पताल में भटक रहे थे लेकिन पहचान नहीं पा रहे थे. कुछ लोगों ने हाथ की घड़ी से पहचाना तो कोई किसी और तरह से.

इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अखिलेश यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी शोक जताया.

सीएम रुपाणी ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने देर शाम अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की. सीएम ने मरने वालों के परिवारवालों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.

इस दर्दनाक हादसे पर बॉलीवुड की भी प्रतिक्रिया आई. उन्होंने इस घटना को बहुत दर्दनाक बताया.

हादसे के बाद जो जानकारी आई है वो बेहद चौंका देने वाली है. इस इमारत की छत को कवर करके उसमें ट्यूशन क्लासेज चलाये जा रहे थे. बिल्डिंग के इस फ्लोर पर आग बुझाने का सामान भी नहीं था.

सूरत के नगर आयुक्‍त एम थेन्‍नर्सन ने वरच्‍छा के फायर ऑफिसर को इस घटना के लिए जिम्‍मेदार ठहराया है. उन्‍होंने कहा:

फायर ऑफिसर इमारत में सुरक्षा मानकों के उल्‍लंघन की पहचान नहीं कर सके इसीलिए उन्‍हें सस्‍पेंड करने का फैसला किया है

दूसरी तरफ देर रात कोचिंग सेंटर चलाने वाले भार्गव भूटानी और इल्लिगल रूप से तीसरा फ्लोर बनाने वाले हर्सुल वेकारिया और जिग्‍नेश बागदारा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. क्राइम ब्रांच ने कोचिंग सेंटर के मालिक बौर्गव भूटानी को शनिवार को अरेस्ट कर लिया.

सूरत के पुलिस कमिश्नर ने इस बात की भी जानकारी दी कि इस घटना के बाद सूरत के सभी ट्यूशन सेंटर को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है. सभी ट्यूशन सेंटर की जांच होने के बाद फिर से क्लासेज़ शुरू की जाएंगी. साथ ही साथ सभी ट्यूशन सेंटर्स को फायर सर्टिफेकेट रखना अनिवार्य कर दिया गया है.


 

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Surat coaching centre fire tragedy 20 dead including students and teachers CM Rupani announces compensation

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