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सचिन वाझे ने अब महाराष्ट्र के किस मंत्री पर अवैध वसूली का आरोप लगा दिया है?

मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक मिलने और इस केस से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्ति मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में आरोपी सचिन वाझे ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को लिखित बयान दिया है. इसमें सचिन वाझे ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के अलावा एक और मंत्री अनिल परब को लेकर बड़ा दावा किया है. सचिन वाझे ने बयान में कहा है कि NCP अध्यक्ष शरद पवार चाहते थे कि पुलिस डिपार्टमेंट में उसे (वाझे) फिर से बहाल किए जाने का फैसला वापस लिया जाए. सचिन वाझे के मुताबिक, अनिल देशमुख ने उससे कहा था कि वो इस बारे में शरद पवार को समझाने की कोशिश करेंगे. इसके बदले पूर्व गृह मंत्री ने उससे 2 करोड़ रुपये देने को कहा था. बयान में वाझे ने कहा,

‘मैंने (अनिल देशमुख से) कहा कि इतना पैसा नहीं दे सकता. इस पर गृह मंत्री ने कहा कि मैं ये पैसे बाद में कभी दे सकता हूं… अक्टूबर 2020 में मुझे गृह मंत्री ने सह्याद्री गेस्ट हाउस बुलाया. उन्होंने (मुंबई) शहर के 1650 बार और रेस्तरां से पैसे वसूलने को कहा. मैंने इससे ये कहकर इन्कार कर दिया कि ये मेरी क्षमता के बाहर है.’

Sharad Pawar
शरद पवार. (तस्वीर- पीटीआई)

लेटर में वाझे ने NIA को बताया कि अक्टूबर 2020 से कुछ महीने पहले जुलाई-अगस्त 2020 में महाराष्ट्र सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उसे अपने आधिकारिक निवास पर बुलाया था. ये वही समय था जब राज्य के डीसीपी स्तर के पुलिस अधिकारियों का इंटर्नल ट्रांसफर 3-4 दिनों में रिवाइज हो गया था. वाझे ने लिखा है,

‘बैठक में अनिल परब ने मुझसे किसी प्रारंभिक इंक्वारी के तहत एक कंप्लेंट की पड़ताल करने और SBUT (सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट) के ट्रस्टियों को लाने को कहा ताकि इंक्वारी के संबंथ में उनसे बातचीत की जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं जांच-पड़ताल खत्म करने के बदले SBUT से 50 करोड़ रुपये लेने की बातचीत शुरू करूं. मैंने ऐसा कुछ भी करने में असमर्थता जताई, क्योंकि मैं SBUT के किसी भी व्यक्ति को नहीं जानता और उस इंक्वारी पर मेरा कोई कंट्रोल भी नहीं था.’

वाझे ने NIA को बताया कि जनवरी 2021 को अनिल परब ने उसे फिर अपने निवास पर बुलाया था. इस बार उन्होंने BMC की सूची में शामिल कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स के खिलाफ चल रही इंक्वारी के बारे में पड़ताल करने को कहा. वाझे ने बताया,

‘उन्होंने (अनिल परब) मुझे ऐसे कॉन्ट्रैक्टर्स से कम से कम 2 करोड़ रुपये इकट्ठा करने के लिए कहा था. किसी अनजान शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ इंक्वारी चल रही थी. लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया था. फिर जनवरी 2021 में ही होम मिनिस्टर से उनके आधिकारिक बंगले पर मिला. उनके पीए कुंदन भी वहां मौजूद थे. मुझे उन लोगों ने हरेक बार और रेस्तरां से 3 से 3.5 लाख रुपये इकट्ठा करने को कहा.’

वाझे के मुताबिक, इसके बाद वो तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से मिला और इस प्रकरण से जुड़े अपने अनुभव के बारे में बताया. वाझे ने कमिश्नर से कहा कि उसे डर है कि जल्दी ही उसे किसी झूठी साजिश के तहत फंसाया जा सकता है. लेटर में वाझे  ने लिखा है,

‘पुलिस कमिश्नर ने मेरी हिम्मत बढ़ाई और एक-एक कर समझाया कि मुझे किसी के लिए, किसी से भी अवैध रूप से पैसा उगाहने वाले काम में शामिल नहीं होना है.’

इसके बाद वाझे ने लिखा कि उसने न्याय पाने के लिए ये तथ्य NIA के सामने रखे हैं.

Anil Parab
एक कार्यक्रम के दौरान अनिल परब (बाएं), शरद पवार (बीच में) और उद्धव ठाकरे. (तस्वीर- twitter@advanilparab)

BJP की प्रतिक्रिया

वाझे के मामले में BJP लगातार महाराष्ट्र सरकार पर हमले कर रही है. मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे इस अधिकारी का NIA को लिखा लेटर सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी दल ने फिर राज्य सरकार को घेरा है. इंडिया टुडे/आजतक से जुड़े कमलेश के मुताबिक, महाराष्ट्र में BJP के नेता राम कदम ने कहा है,

‘अब ये साफ हो गया है कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) वाझे का बचाव कर रहे थे. क्या मुख्यमंत्री उन मंत्रियों का इस्तीफा मांगने का साहस दिखाएंगे जिनके नाम वाझे के पत्र में लिए गए हैं?’

इस बीच खबर आई है कि NIA की स्पेशल अदालत ने वाझे की रिमांड बढ़ा दी है. आजतक ने बताया है कि वाझे को अब 9 अप्रैल तक NIA की कस्टडी में रहना होगा. जांच एजेंसी ने अदालत से ये मांग की थी, जिसे उसने मंजूरी दे दी है.

क्या बोले अनिल परब?

वाझे का बयान सामने आने के कुछ ही देर बाद मंत्री अनिल परब की सफाई भी आ गई. उन्होंने कहा है कि वाझे ने उन पर जो भी आरोप लगाए वे झूठे हैं. परब ने कहा कि वे बालासाहेब ठाकरे को अपना भगवान मानते हैं, इसलिए उनकी और अपनी दो बेटियों की कसम खाकर कहते हैं कि वाझे की तरफ से उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं. अनिल परब ने BJP पर आरोप लगाया कि ये सब उसकी साजिश के तहत किया जा रहा है.

परब के मुताबिक, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बदनाम करने के लिए उनके आसपास के लोगों को बदनाम करने की जरूरत है, जिसके लिए BJP ने साजिश रची है. महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने ये भी कहा कि सीएम ठाकरे को लिखे पत्र में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने ऐसी कोई बात नहीं की थी, फिर वाझे अब ये बातें क्यों कर रहे हैं जब मामले में CBI शामिल हो गई है. इसके साथ ही परब ने कहा कि वे किसी भी तरह की जांच से गुजरने को तैयार हैं.


वीडियो: क्या है ख्वाजा यूनुस केस, जिसमें फंसे थे मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वाझे

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