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रमज़ान के महीने में मार्केट से गायब कैसे हो गया रूह-अफज़ा?

साहिबान, मेहरबान, कदरदान. बेफिक्र रहिए. आपका हरदिल अजीज ड्रिंक रूह-अफज़ा जल्द ही दुकानों पर मिलेगा. रूह-अफजा की कमी के पीछे किसी पार्टी की साजिश नहीं है. ऐसा रूह-अफजा बनाने वाली कंपनी ने साफ कर दिया है. कंपनी ने कहा है कि कच्चे माल की कमी थी. इस वजह से बीते साल नवंबर (2018) से इसका उत्पादन बंद था. अब अप्रैल से इसका उत्पादन फिर शुरू कर दिया गया है. अगले एक हफ्ते से दुकानों पर रूह-अफजा शर्बत मुहैया हो जाएगा. और फिर हर कोई इसका इस्तेमाल कर सकेगा.

रूह-अफजा को लेकर बवाल क्यों हुआ?
रूह-अफजा को लेकर बवाल अचानक शुरू हुआ. रमजान का महीना शुरू हो गया है. देश में बहुत से लोग रोजे के बाद शाम को अफ्तार करते वक्त रूह-अफजा के शर्बत से गला तर करते हैं. लोग इसे खरीदने के लिए जब बाजार पहुंचे तो पता चला कि दुकानों में रूह-अफजा है ही नहीं. इस पर लोग तरह-तरह की बातें करने लगे. देखते-देखते रूह-अफजा ‘राष्ट्रीय समस्या’ बन गया. लोग सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह के कमेंट करने लगे. कुछ ही देर में ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा. लोग कह रहे थे कि वो रूह-अफजा को मिस कर रहे हैं.

कंपनी को लेकर क्या अफवाहें फैलीं?
कुछ इस तरह की अफवाहें भी फैल गईँ कि कंपनी के प्रमोटर परिवार के भीतर कंपनी पर नियंत्रण को लेकर घमासान मचा हुआ है. चर्चा है कि हमदर्द के फाउंडर हकीम हाफिज और अब्दुल माजिद के पोते अब्दुल मजीद और उनके चचेरे भाई हामिद अहमद के बीच कंपनी के नियंत्रण को लेकर जंग चल रही है. इस वजह से इसके प्रोडक्शन पर असर पड़ा है. नतीजतन कई महीनों से रूह-अफजा बाजार से गायब है. बाद में, कंपनी ने इन बातों का खंडन किया. और सफाई दी कि इन अफवाहों में कोई दम नहीं है.

कंपनी ने सफाई में क्या कहा है?
इस पूरे मामले पर इकॉनमिक टाइम्स ने हमदर्द के के चीफ सेल्स और मार्केटिंग अफसर मंसूर अली से बात की. मंसूर अली ने अखबार को बताया कि कच्चे माल की कमी होने की वजह से नवंबर, 2018 में उत्पादन बंद हो गया था. कंपनी ने 15, अप्रैल के आस-पास फिर से उत्पादन शुरू कर दिया है. अगले एक हफ्ते में देश भर की सभी दुकानों पर रूह-अफजा फिर से मिलने लगेगा.

1 – मंसूर अली के मुताबिक रोजे की इफ्तारी रूह-अफजा से ही होती है. ऐसे में हम अपने ग्राहकों को निराश नहीं करेंगे. कंपनी ने उत्पादन को फुल स्पीड पर शुरू कर दिया है.

2 – उन्होंने कहा इस साल गर्मियों में हम रूह-अफज़ा की सेल्स में 25 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगा रहे है. पाउडर और सिरप ड्रिंक का कुल मार्केट 1000 करोड़ रुपए का है. इसमें से 50 फीसदी मार्केट शेयर रूह-अफजा के पास है.

कितना पुराना है रूह-अफजा?
साल 1906 में हकीम हाफिज और अब्दुल माजिद ने रूह-अफजा का उत्पादन शुरू किया था. अब इसकी कमान उनके पोतों के हाथ में है. भारत के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी रूह अफजा लोग पसंद करते हैं. गर्मी शुरू होते ही हर घर में कोल्ड ड्रिंक और रूह-अफजा जैसी चीजें दिखने लगती हैं. रूह-अफजा कुछ खास हर्बल सामग्रियों से बनाया जाता है. अभी इनकी आपूर्ति कम होने से प्रोडक्शन कमजोर है. मंसूर अली के मुताबिक गर्मी के समय 400 करोड़ रुपए के इस ब्रांड की बिक्री 25 फीसदी बढ़ जाती है. अली ने कहा कि हम हमेशा एडवांस में कच्चे माल का स्टॉक रखते हैं. लेकिन इस बार कुछ कमी हो गई है.

पाकिस्तान ने क्या कहा?
इस बीच हमदर्द पाकिस्तान के सीईओ उसामा कुरैशी ने वाघा बॉर्डर के रास्ते से भारत में लोकप्रिय रूह अफजा की आपूर्ति करने की पेशकश की है. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल के जरिए ट्वीट किया, ‘हम रमजान में भारत को रूह-अफजा और रूह-अफजा गो मुहैया करा सकते हैं. भारत सरकार इजाजत दे तो हम वाघा बॉर्डर के रास्ते से रूह-अफजा और रूह-अफजा गो के ट्रक भेज सकते हैं.’


वीडियोः क्या आम खाकर कोल्ड ड्रिंक पीने से मौत हो रही है?

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