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कांग्रेस की सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी झूठ बोल रहे हैं या सर्जिकल स्ट्राइक का हीरो?

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2016 में सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी. उसकी योजना बनाने वाले थे, लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा. तब सेना में थे. अब कांग्रेस में हैं. उन्होंने कहा है. मोदी सरकार से पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी. लेकिन जैसे मोदी सरकार कर रही है. उस तरह से इसका चुनाव में इस्तेमाल सही नहीं है. वो बोले, ‘इसे सर्जिकल स्ट्राइक कहिए या सीमापार कार्रवाई. पर सेना ने ऐसा पहले भी किया है. मुझे इसकी तारीख और इलाकों के बारे में ठीक-ठीक पता नहीं है.’

अब ख़बर के बेस पर आइए. एक प्रधानमंत्री हैं, एक पूर्व प्रधानमंत्री हैं. एक मोदी, एक मनमोहन. एक NDA के एक UPA के इसी क्रम में BJP और कांग्रेस के. पिछले दिनों एक ही मुद्दे पर बोले. मुद्दा वही, सर्जिकल स्ट्राइक का था.

प्रधानमंत्री मोदी सीकर में रैली कर रहे थे. बोले, “कांग्रेस कहती है. हमने सर्जिकल स्ट्राइक की. कांग्रेस ने वीडियो गेम में सर्जिकल स्ट्राइक की होगी.”

उसके पहले मनमोहन सिंह हिंदुस्तान टाइम्स से बात कर रहे थे. कहा, “सेना को छूट हमारे समय में भी थी, हमारे समय में भी सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी. लेकिन इस पर राजनीति नहीं हुई.”

इन बयानों के बाद कई चीजें हुईं, राहुल गांधी समेत कई लोगों ने कहा, प्रधानमंत्री ने सेना का अपमान किया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा. मोदी सरकार में नेता खुद कहते हैं कि सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की. सब मान लेते हैं. लेकिन कोई सबूत मांगे तो कहा जाता है. सेना का अपमान हुआ. यहां कांग्रेस भी ऐसा ही दावा कर रही है. पीएम खुद झुठला रहे हैं. क्या अब पीएम सेना का अपमान नहीं कर रहे?

ये ऊपर वाले लोग हुए. नेताओं पर आइए. 2 मई को राजीव शुक्ला ने भी एक प्रेस कांफ्रेंस की. कांग्रेस AKA UPA के समय की 6 सर्जिकल स्ट्राइक गिना दीं.

उनके मुताबिक़,
19 जून 2008 –-जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भट्टल सेक्टर में सर्जिकल स्ट्राइक हुई. 1 असम राइफल्स और गुरखा रेजिमेंट इसमें शामिल थीं.
30 अगस्त -1 सितंबर 2011- शारदा सेक्टर के नीलम नदी घाटी में एक और सर्जिकल स्ट्राइक हुई. 19 राजपूत रेजिमेंट और 20 कुमाऊं रेजिमेंट इसमें शामिल थीं.
6 जनवरी 2013 – सावन पत्र चेकपोस्ट पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई.
27-28 जुलाई 2013- नाज़पीर सेक्टर में सर्जिकल स्ट्राइक हुई.
6 अगस्त 2013 – नीलम घाटी में सर्जिकल स्ट्राइक हुई.
4 जनवरी 2014 – छठवीं बार सर्जिकल स्ट्राइक हुई. जगह नहीं बताई गई.

ये दावे कांग्रेस की तरफ से हुए. जैसे डीएस हुड्डा कांग्रेस में हैं, सेना में रह चुके हैं, वैसे ही लोग भाजपा में भी हैं, जो सेना में रह चुके हैं. वीके सिंह. पूर्व सेना प्रमुख हैं. 2010 से 2012 तक आर्मी चीफ रहे हैं. वो बीजेपी की रक्षा को आगे आए. कहा, कांग्रेस झूठ बोल रही है.

“कांग्रेस को झूठ बोलने की आदत है. आप मुझे बता सकते हैं कि मेरे कार्यकाल के दौरान कौन सी सर्जिकल स्ट्राइक की बात आप कर रहे हैं.? मुझे ऐसा लग रहा है कि आपने कोई नई कहानी बना दी है.” यानी इनके हिसाब से कांग्रेस के सब दावे झूठे हैं.

उनके पहले आए थे. राज्यवर्धन सिंह राठौड़. 6 सर्जिकल स्ट्राइक की बातों को झूठा बताया. कहा, ‘फौज में तो हम थे, हमें पता है क्या हुआ और क्या नहीं हुआ…’

इन सब से इतर भी कोई है जो दावे कर रहा है कि कांग्रेस के समय में सर्जिकल स्ट्राइक हुई है. रिटायर्ड मेजर जनरल एजेबी जैनी हैं. एक टीवी डिबेट में हिस्सा ले रहे थे. बोले. “कौन कहता है पहले सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई है. दो तो मैंने खुद की हैं. 1971 में पुंछ सेक्टर के अटिया इलाके में और दूसरा म्यांमार बॉर्डर पर.”

उन्होंने ये भी कहा कि इन्हें क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन कहा जाता था. आज आप DGMO से ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ पूछेंगे इसका मतलब ये नहीं कि पहले क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन नहीं हुए.

कुल जमा जबर राजनीति चल रही है, नेताओं पर आप भरोसा नहीं कर सकते. कौन सच कह रहा है, कौन नहीं. या कर सकते हैं, अपनी राजनीतिक पसंद के हिसाब से. सेना में रहे लोग, इनके पास भी हैं. उनके पास भी. दावे दोनों के हैं. दावे सेना से जुड़े हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक एक कीवर्ड है, चल गया सो चल गया. बाकी सच सेना जाने. Surgical strike और cross-border operations पर आप सिर फोड़ते रहें .

ये जो ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ है और सरकार को इसका क्रेडिट देने की कोशिश है. ये कोशिश आज की नहीं है. काफी पुरानी है. 2016 में भी ऐसी बातें उठती थीं कि ये पहली सर्जिकल स्ट्राइक नही है. तब मनोहर पर्रिकर रक्षामंत्री थे उन्होंने कहा था. “मैं दो साल से इस पद पर हूं. मेरी जानकारी में ऐसा कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक पहले नहीं हुआ है. वो सारे एक्शन जो लिए गए हैं, ज्यादा से ज्यादा कोवर्ट ऑपरेशन कहे जा सकते हैं. क्योंकि उनमें एक्शन पहले लिया गया और बाद में उन एक्शन के बारे में सरकार को बताया गया.”

मतलब 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक में जो हुआ वो सरकार के फैसले का नतीजा था. इसके बारे में सरकार पहले से जानती थी. और उसकी जानकारी में ही सारी प्लानिंग हुई थी. ये बस एक डीटेल है. ऐसे ही कई शब्द और कई डीटेल्स आपको पहले भी सुनाई पड़े हैं, और आगे भी सुनाई पड़ेंगे. लेकिन पार्टियां आपके आगे एक शब्द चिल्लाएंगी ‘Surgical strike‘ और बताएंगी, इनकी सरकार ऐसी थी, हमारी वैसी. तथ्यों पर नज़र रखिए. सेना पाकिस्तान में कितनी बार घुसी से ज्यादा ये ध्यान रखना है कि सेना राजनीति में कितनी बार घुसाई का रही है.

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