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महंगाई दर इतनी बढ़ गई कि 2014 का सबसे फेमस नारा कटाक्ष लगेगा

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साल 2014 की गर्मी. चुनावी गर्मी. आए दिन कई नए नारे सामने आ रहे थे. इन्हीं सबके बीच एक ऐसा नारा सामने आया था, जिसने लोगों का काफी ज्यादा ध्यान खींचा था. वो था, ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’. यानी बीजेपी ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद महंगाई पर कंट्रोल किया जाएगा. पार्टी जीत गई, सत्ता में आ गई. फिर आया जुलाई 2014 का महीना. खुदरा महंगाई दर 7.39 फीसदी पर आई. यानी पार्टी के सत्ता में आने के करीब एक महीने बाद ही ऐसा हो गया.

दिसंबर 2019 में खुदरा महंगाई दर फिर से बढ़ी

खैर, ये दर आगे चलकर कुछ कम हुई. दोबारा चुनाव आया, बीजेपी फिर सत्ता में आई. नई सरकार बनने के 6 महीने बाद यानी दिसंबर 2019 में ही महंगाई दर फिर से ऊंचाई पर पहुंच गई. नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस ने 13 जनवरी को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर महंगाई दर के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके मुताबिक खुदरा महंगाई दर दिसंबर 2019 में बढ़कर 7.35 फीसदी हो गई.

खुदरा महंगाई दर नवंबर में 5.54 फीसद थी. वहीं दिसंबर 2018 में ये दर 2.11 फीसद थी. केंद्र सरकार ने RBI को निर्देश दिया था कि महंगाई दर 2 से 6 फीसदी के बीच ही रहना चाहिए, लेकिन दिसंबर 2019 में ऐसा नहीं हो सका.

अक्टूबर, 2019 में खुदरा महंगाई दर 4.62 फीसद थी, जबकि सिंतबर में 3.99 फीसद. यानी ये दर लगातार बढ़ती हुई दिख रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर 2019 में सब्जियां काफी ज्यादा महंगी थीं. कुछ-कुछ जगहों पर प्याज 150 रुपए किलो तक बिके थे. टमाटर और बाकी सब्जियों के दाम भी बढ़े हुए थे, इसकी वजह से खुदरा महंगाई दर में ये बढ़ोतरी देखने को मिली है. डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी के कारण भी खुदरा मंहगाई दर में इज़ाफा हुआ है.

खाद्य महंगाई दर भी बढ़ी

दिसंबर 2018 की तुलना में दिसंबर 2019 में सब्जियों के दामों में 60.5 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी. खाद्य महंगाई दर नवंबर 2019 में 10.01 फीसदी था, दिसंबर में ये बढ़कर 14.12 फीसदी पहुंच गया, जबकि दिसंबर 2018 में खाद्य महंगाई दर माइनस 2.65 फीसद थी.

खुदरा महंगाई क्या होती है?

सब्जी, अंडे समेत खाने-पीने के सामान की कीमत, पेट्रोल-डीज़ल के दाम ये सब खुदरा महंगाई दर तय करने का बड़ा फैक्टर होते हैं. जिस महीने इन सामानों की कीमत कम रहती है, खुदरा महंगाई दर भी कम ही आती है. जैसे जनवरी 2019 में खुदरा महंगाई दर 2.05 फीसद आई थी. क्योंकि जनवरी में इन सारे सामानों की कीमत कम थी.

गणित के हिसाब से सामानों के दामों में एक खास समय में होने वाले बदलाव को प्रतिशत के रूप में निकाला जाता है. यही प्रतिशत महंगाई दर होती है. खुदरा महंगाई दर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) निकालता है. हर महीने सामानों के दामों में जो बदलाव होते हैं, उन्हें प्रतिशत के रूप में निकाला जाता है. यही प्रतिशत खुदरा महंगाई दर होती है.


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