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DDCA अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले रजत शर्मा सौरव गांगुली से क्या चाहते हैं?

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पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष बनने के बाद एक नई उम्मीद जगी थी. भारतीय क्रिकेट नई ऊंचाइयों के साथ सही दिशा में जाता दिख रहा था. इस बीच अब फिर से भारतीय क्रिकेट में खींचतान की खबरें हैं. बड़ी खबर ये है कि दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के अध्यक्ष रजत शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

उन्होंने इसे छोड़ने के पीछे कई गंभीर कारण गिनवाए हैं. उन्होंने कहा,

‘ऐसा लगता है कि डीडीसीए में मैं ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता जैसे अपने सिद्धातों पर नहीं चल पा रहा हूं. मैं इनसे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं कर सकता.’

रजत शर्मा के इस्तीफे के साथ ही डीडीसीए के सीईओ रविकांत चोपड़ा ने भी अपना पद  छोड़ दिया है. वहीं उनके अलावा क्रिकेट सलाहकार समिति यानी सीएसी के सदस्य सुनील वाल्सन और यशपाल शर्मा ने भी अपना पद छोड़ा है.

 

रजत शर्मा ने अपने इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर ट्वीट किया और अपनी बात रखी. उन्होंने ट्वीट में कहा,

‘प्रिय सदस्यों जबसे आपने मुझे डीडीसीए का अध्यक्ष चुना है, मैं समय समय पर अपने काम के बारे में जानकारी दे रहा हूं. मैं डीडीसीए को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए. लेकिन अब यहां काम करना आसान नहीं है. फिर भी आपके विश्वास से मुझे ताकत मिली. लेकिन कार्यकाल के दौरान मुझे काफी विरोधियों और परेशानी का सामना करना पड़ा है. डीडीसीए के अंदर हमेशा आपको पीछे खींचने की कोशिश होती है.

इंडिया टीवी वेबसाइट के मुताबिक रजत शर्मा ने कहा है कि

”इस इस्तीफे को खतरे की घंटी की तरह देखा जाना चाहिए.”

साथ ही वो कहते हैं, ‘इससे उच्चतम न्यायालय, क्रिकेटरों और बीसीसीआई सहित सभी हितधारकों को पता चले कि इस तरह के निहित स्वार्थ से जुड़े लोग डीडीसीए में है.’

रजत ने आगे कहा,

”मैं देखना चाहता हूं कि अब बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट इन लोगों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं.”

रजत शर्मा ने सीधे तौर पर पूरा मामला बीसीसीआई के पाले में डाल दिया है.

कब चुने गए थे रजत शर्मा और क्या-क्या किया:
साल 2018 में जुलाई के महीने में रजत शर्मा को डीडीसीए का अध्यक्ष चुना गया था. उन्होंने मदनलाल को 517 वोटों से हराकर ये पद जीता था. रजत शर्मा के कार्यकाल में दी दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली का निधन हुआ. जिसके बाद उनके नाम पर ही फिरोज़शाह कोटला स्टेडियम का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखा गया.


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