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सड़क पर गैंगवार में बदमाश की मौत, मीणा समुदाय CBI जांच की मांग क्यों कर रहा है?

जयपुर से करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर है सवाई माधोपुर शहर. राजस्थानी संस्कृति के अलावा रणथंभौर नेशनल पार्क के लिए भी ये शहर मशहूर है. लेकिन फिलहाल ये ख़बरों में है एक हत्याकांड की वजह से.

29 मई की रात सवाई माधोपुर के खेड़ली फाटक पर भयंकर मुठभेड़ हुई. शहर के कुख्यात बाबा गैंग के लोग ही आपस में भिड़ गए. और इसमें बदमाश महेंद्र मीणा की हत्या कर दी गई. महेंद्र मीणा और बाबा गैंग के एक अन्य बदमाश विकास के बीच पिछले काफी समय से तनातनी चल रही थी. गैंग के सदस्य रामभोला और दिलखुश मीणा ने 29 मई की रात महेंद्र को फोन करके बुलाया. कहा कि वे महेंद्र और विकास के बीच राजीनामा कराना चाहते हैं. महेंद्र एक अन्य युवक के साथ पहुंचा तो देखा कि वहां कई लोग थे. असल में ये महेंद्र मीणा को बुलाकर मारने की साजिश थी. सभी ने घेरकर महेंद्र पर फायरिंग कर दी. उसकी मौत हो गई. साथ आए युवक को भी काफी पीटा गया. हत्या के आरोपी फरार हो गए.

इंडिया टुडे के रिपोर्टर सुनील जोशी की ख़बर के मुताबिक 3 दिन बाद यानी 2 जून को सवाईमाधोपुर कोतवाली थाना पुलिस ने महेंद्र मीणा हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. ये आरोपी हैं- दिलखुश मीणा और सुमेर उर्फ मंगल जाट. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. सवाई माधोपुर CO नारायण लाल तिवारी ने बताया कि –

“हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए कुल पांच टीमें गठित की गई हैं. आरोपियों के जितने भी संभावित ठिकाने हैं, सब जगह दबिश दी गई है. यहीं से दो आरोपी पकड़े भी गए हैं. दोनों से पूछताछ जारी है.”

दिलखुश मीणा पास के गांव राहुवास के सरपंच मोतीलाल का बेटा है. 29 मई की रात दिलखुश ने ही महेंद्र को फोन करके बुलाया था. CO नारायण लाल तिवारी ने The Lallantop को बताया कि महेंद्र मीणा का नाम यहां के सूरवाल थाने में हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज है. उस पर अवैध हथियार रखने का केस दर्ज था, आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज था. इसके अलावा मारपीट से लेकर 307 यानी अटेंप्ट टू मर्डर तक के केस दर्ज थे.

मीणा समुदाय ने मुद्दा बनाया

बदमाश महेंद्र मीणा की मौत सवाई माधोपुर और आस-पास के क्षेत्र में बड़ा मुद्दा बनती जा रही है. मीणा समुदाय इसे उठा रहा है और CBI जांच की मांग करते हुए ट्विटर पर #महेन्द्र_मर्डर_की_CBI_जांच_हो ट्रेंड भी करा दिया. कुछ ट्वीट्स देखिए. अनिल धेनीवाल, ये भीम आर्मी-राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं और अभी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष हैं.

सुनील अस्तेय. ये भी आजाद समाज पार्टी के नेता हैं और पहले भीम आर्मी से जुड़े रहे हैं.

दरअसल सवाई माधोपुर में मीणा समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है. लोकल राजनीति में तमाम मीणा नेता भी हैं, जो इस गैंगवार में हुई हत्या के मुद्दे को उठा रहे हैं. 2 जून को राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने सवाई माधोपुर में धरना दिया. उन्होंने भी महेंद्र मीणा हत्याकांड की CBI जांच की मांग की. साथ ही हत्या के दिन से ही महेंद्र मीणा का परिवार जांच से संतुष्ट नहीं था, इसलिए जांच अधिकारी को बदलने की मांग की जा रही थी. इस मांग को किरोड़ीलाल ने भी उठाया, जिसके बाद सवाई माधोपुर CO से लेकर जांच का जिम्मा गंगापुर सिटी के CO कालूराम को सौंपी गई है.


सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क से ज्यादा रेवेन्यू अमरूद के बागों से आ रहा

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