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राजस्थानः महिला तहसीलदार और कांग्रेस विधायक के बीच का विवाद, जो हाई कोर्ट तक पहुंच गया

राजस्थान का जिला है भीलवाड़ा. जयपुर से करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर है. भीलवाड़ा की एक तहसील है – हुरडा. हुरडा में तहसीलदार हैं स्वाति झा. भीलवाड़ा के ही मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं रामलाल जाट. स्वाति झा ने रामलाल जाट पर अभद्रता और प्रशासनिक कार्यों में दख़ल से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं.

बात 21 मई की है. हुरडा तहसील कार्यालय में रोज़ की तरह काम चल रहा था. तीन युवक आए. उन्हें लैंड रिकॉर्ड विभाग से किसी डॉक्यूमेंट की कॉपी लेनी थी. स्वाति झा का कहना है कि अमूमन 3 दिन में कॉपी देने का प्रावधान है, इसलिए उन्होंने युवकों से कहा कि अगले वर्किंग डे पर यानी 24 मई को आएं. इस बात पर तीनों युवक बिदक गए. तहसीलदार स्वाति से कहने लगे कि वो विधायक रामलाल जाट से बात करें. तब तक उन तीनों में से एक ने ही नंबर मिलाकर फोन लाउडस्पीकर पर डाला और स्वाति के सामने रख दिया.

स्वाति झा का आरोप है कि विधायक रामलाल जाट फोन पर तू-तड़ाक करके, बड़ी अभद्रता से बात करने लगे. स्वाति ने अपने फोन से इस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया. ये वीडियो देखिए.

इसके बाद तहसीलदार स्वाति ने CI सतीश मीणा से कहा कि वे इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करें. मीणा ने स्वाति से पेन ड्राइव में रिकॉर्डिंग मांगी. जब स्वाति का सहायक राहुल वर्मा पेन ड्राइव में रिकॉर्डिंग लेकर थाने के लिए निकला तो रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और कथित तौर पर मारपीट की, पेन ड्राइव छीनने की कोशिश की. इस संबंध में राहुल वर्मा ने FIR भी दर्ज कराई है.

APO ऑर्डर जारी, फिर हाई कोर्ट से स्टे

स्वाति झा का कहना है कि ये सारी बातें हुई ही थीं कि कुछ देर में उनके पास एक आदेश आ गया. आदेश कि उन्हें APO कर दिया गया है. APO माने अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर. मतलब जब कोई अधिकारी नियुक्त तो हो, लेकिन उसकी पोस्टिंग रोक दी जाए. इसके ख़िलाफ स्वाति झा ने हाई कोर्ट में अपील की और 27 मई को हाई कोर्ट ने तहसीलदार स्वाति झा के APO पर स्टे लगा दिया. उन्होंने वापस हुरडा तहसीलदार के तौर पर जॉइन कर लिया है.

विधायक का क्या कहना है?

इस बारे में हमने विधायक रामलाल जाट का भी पक्ष लेना चाहा. उनको फोन किए, मैसेज किया. लेकिन न तो फोन रिसीव हुआ, न मैसेज का रिप्लाई आया. बहरहाल, दैनिक भास्कर अख़बार से उन्होंने बात की. कहा कि वे एक महिला का जमीन नामांतरण का काम कराने के लिए फोन कर रहे थे और फोन पर तहसीलदार से उन्होंने कोई अभद्रता नहीं की. रामलाल जाट का ये भी कहना है कि स्वाति झा जहां भी रही हैं, वहां उनका ट्रैक रिकॉर्ड विवादित ही रहा है और वे जनता के कामों में रोड़े अटकाती हैं.

तहसीलदार परिषद ने CM तक पहुंचाई बात

इस बीच राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन भी भेजा है. इसमें लिखा है कि हाल-फिलहाल में लगातार तहसीलदारों के साथ जनप्रतिनिधियों की अभद्रता की बातें सामने आ रही हैं. कुछ घटनाओं के उदाहरण भी दिए गए हैं.

# पूंगल, बीकानेर में तहसीलदार अशोक गोरा का निलंबन.

# नोखा, बीकानेर में तहसीलदार द्वारका प्रसाद शर्मा के निलंबन/APO का दबाव.

# हिंडौन सिटी, करौली के तहसीलदार मनीराम जी खिंचड़ पर हमला.

# और अब स्वाति झा से विधायक रामलाल जाट की अभद्रता

तहसीलदार परिषद ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि तहसीलदारों के साथ ऐसी अभद्रता को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं और सभी तहसीलदारों को पुलिस वर्दीधारी होमगार्ड उपलब्ध कराया जाए.

स्वाति झा का कहना है कि उन्हें इससे पहले जिला कलेक्टर- अजमेर की तरफ से भी अच्छे काम के लिए पुरस्कार मिल चुका है. कोरोना काल में भी उन्होंने लगातार ड्यूटी की, फिर भी ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है.

विधायक पर पहले भी आरोप लगे हैं

विधायक रामलाल जाट पर इससे पहले पारस देवी प्रकरण में भी गंभीर आरोप लगे थे. 2011 के पारस देवी कांड में भी उनका नाम आ चुका है. तब वे राज्य में मंत्री हुआ करते थे. इसी बीच भीलवाड़ा में पारस देवी नाम की महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी. रामलाल जाट पर आरोप लगा कि उन्होंने लाश का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया और लाश को यूं ही मुर्दाघर में रखवा दिया. बाद में परिवार के हस्तक्षेप से पोस्टमार्टम हुआ. लेकिन भंवरी देवी कांड के बीच ये कांड दबकर रह गया. उस वक्त के विपक्ष BJP ने आरोप लगाया था कि पारस देवी की मौत ज़हर खाने से हुई और इस पूरे मामले में रामलाल जाट की भूमिका को लेकर CBI जांच की मांग भी उठी थी, जो बाद में ठंडी हो गई.

ये मामला विपक्ष की तरफ से जमकर उठाया जा रहा है. राजस्थान के आमेर से भाजपा विधायक सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. इसमें उन्होंने हुरडा की घटना का भी ज़िक्र किया है. उनके अलावा जोधपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस संबंध में ट्वीट किया है.


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