Submit your post

Follow Us

आर्मी के हिस्से के करोड़ों के रेल टिकट बेचने का घोटाला जैसे हुआ, वो दंग करने वाला है

जिनका 10 बजे एसी और 11 बजे स्लीपर क्लास में तत्काल टिकट न हो पाया हो. जो होली-दिवाली व ज्यादातर मौकों पर वेटिंग टिकट लेकर जाते हों. जिन्हें हर बार रेलवे की वेबसाइट पर टिकट देखने पर सीटें फुल मिली हों वो इस खबर को न ही पढ़ें. सदमा लगेगा. वो इसलिए क्योंकि आप लोगों को तो टिकट मिलती नहीं, वहीं कुछ जगहों पर टिकटें बड़े-बड़े फर्जीवाड़े करके बांटी जा रही हैं. सदमा इस बात से और लगेगा कि ये कारनामा आर्मी से जुड़ा है. मामला लखनऊ कैंट का है. यहां सेना के जवानों के लिए रेल टिकट बुकिंग में गड़बड़ी पाई गई है. वो भी कोई छोटी-मोटी नहीं. करोड़ों की.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे एक विशेष समझौते के तहत सेना को टिकट मुहैया कराती है. बस इसी सुविधा के नाम पर गड़बड़ी की गई. जो टिकट सेना के लोगों के लिए होने चाहिए. वो गलत तरीके से दलालों ने आम लोगों को बांटे. आरोप है कि लखनऊ छावनी में बैठे सेना के अधिकारियों ने टिकट बुकिंग सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर ये घोटाला किया. सामने आया कि करीब 2 करोड़ रुपये की टिकटें इस फर्जीवाड़े के जरिए बांट दी गईं. मामला गंभीर होने के कारण रेलवे ने इसकी जांच सीबीआई से करवाने की ठानी है. प्रस्ताव भेज भी दिया गया है. सेना भी आंतरिक तौर पर छानबीन कर रही है.

ट्रेन पर ऐसे जाने वाले लोग खबर पढ़के दुखी हो सकते हैं.
ट्रेन पर ऐसे जाने वाले लोग खबर पढ़के दुखी हो सकते हैं.

कैसे किया गया खेल?

रेलवे और सेना के बीच हुए समझौते के मुताबिक सेना के लोगों के लिए एक निर्धारित कोटा होता है. जिन सैनिकों को टिकट चाहिए होती है वो सेना के काउंटर से इसे ले लेते हैं. इस टिकट को जीरो वैल्यू टिकट कहते हैं क्योंकि इसके लिए उन्हें पैसा नहीं देना पड़ता है. पर यहां जांच-पड़ताल में पता चला कि टिकट काउंटर पर बैठे लोग पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में ऐसे ही कोटे वाले कई टिकट निकाल लेते थे. फिर उन्हें आम लोगों को बेच देते थे.

रेल टिकट देने में करोड़ों का फर्जीवाड़ा हुआ.
रेल टिकट देने में करोड़ों का फर्जीवाड़ा हुआ.

टिकट निकालने का खेल भी निराला है. इसकी प्रक्रिया कुछ ऐसी थी कि टिकट निकालते वक्त ये लोग प्रिंट तो देते थे, मगर आधे में ही प्रिंटर को स्विच ऑफ कर देते थे. इससे टिकट आधे-अधूरे प्रिंट या बिना प्रिंट के साथ निकल आती थी. फिर इन टिकटों पर जरूरत के हिसाब से यात्रा का ब्योरा और किराये की रकम को हाथ से लिख दिया जाता था. इस पर लखनऊ छावनी की आधिकारिक मुहर लगा दी जाती थी और टिकट को मनचाहे लोगों को बेचा जाता था. मुहर लगी होने के कारण यात्री को कोई परेशानी नहीं होती. और मिली रकम को काउंटर पर बैठा कर्मचारी हजम कर जाता था.

सिस्टम ऑनलाइन करने की तैयारी

सामने आया है कि दिसंबर 2016 और दिसंबर 2017 के बीच ऐसे करीब 7000 टिकट निकाले गए. घोटाले की बात सामने आने के बाद रेलवे ने इस काउंटर को बंद कर दिया है. इसके अलावा देश में ऐसे जितने भी काउंटर हैं, उन पर 6 महीने के अंदर रोक लगाने का फैसला किया है. रेलवे इस सिस्टम को भी ऑनलाइन करने की तैयारी कर रहा है.


ये भी पढ़ें-

सुपर कंप्यूटर और आपके घर के कंप्यूटर में क्या अंतर होता है?

रेलवे ने ऐसा क्या ऐलान किया है कि संडे को ट्रेन में बैठने से डरेंगे लोग

सैकड़ों लोग मरते अगर ये आदमी ऐन वक्त पर ट्रेन के आगे न कूदता

रेलवे ने एक बुजुर्ग को 1000 साल बाद का टिकट जारी कर दिया!

देखें लल्लनटॉप वीडियो-

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

आम आदमी पार्टी को लाखों का चंदा देने वाले CA को पुलिस ने किस मामले में गिरफ्तार किया है?

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ की ओर से पुलिस को क्या शिकायत मिली थी?

'आदिपुरुष' में प्रभास जो रोल करने वाले हैं, उससे रामभक्त खुश हो जाएंगे

प्रभास की लास्ट फिल्म 'साहो' थी.

उस ऑस्ट्रेलियन ने लिया संन्यास, जिसका पहला और आखिरी, दोनों विकेट सचिन ही रहे!

इंडिया में डेब्यू करने आया था, लेकिन करियर खत्म करवाकर लौटा.

बिपाशा का खुलासा, किस तरह एक टॉप प्रोड्यूसर ने उन पर डाली थी बुरी नजर

ये भी बताया कि उनकी एक 'गलती' से प्रोड्यूसर की बोलती कैसे बंद हो गई

कोरोना काल में कैसे डाले जाएंगे वोट, चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी की

कोरोना पॉजिटिव कैसे देंगे वोट, इस सवाल का भी जवाब है.

11 साल की लड़की को सेक्सुअलाइज़ करने वाले पोस्टर पर नेटफ्लिक्स को माफी मांगनी पड़ी

'क्यूटीज़' एक फ्रेंच फिल्म है, जो 9 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होगी.

वर्ल्ड कप जीतने वाला क्रिकेटर सब्जी बेच रहा है!

सरकार से नौकरी की उम्मीद थी, लेकिन वो उम्मीद दरक रही है.

आदित्य पंचोली ने क्यों कहा कि कंगना रनौत को लौटाना होगा उनका पद्मश्री अवॉर्ड

बॉलीवुड के स्टार्स एक-दूसरे के अवॉर्ड के पीछे क्यों पड़ गए हैं?

इस मेड इन इंडिया ऐप पर विडियो कॉन्फ़्रेन्सिंग करके इंडियंस भी कहेंगे- ज़ूम बराबर ज़ूम

केरल की कंपनी ने बनाया विडियो कॉलिंग ऐप ज़ूम का देसी विकल्प और जीत लिया 1 करोड़ का इनाम

तेलंगाना: हाइड्रो पावर प्लांट में लगी आग में छह लोगों की मौत हो गई, तीन का अब भी पता नहीं

जब आग लगी तो नौ लोग प्लांट के अंदर ही फंस गए थे.