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राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछा- अगर चीन की ज़मीन थी तो हमारे जवान क्यों शहीद हुए?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक के दौरान अपने संबोधन में कहा कि न ही कोई हमारी सीमा में घुसा है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल पूछा है कि अगर चीन के सैनिक भारत की सीमा में नहीं घुसे तो भारतीय जवान कहां शहीद हुए? अगर चीन की ज़मीन थी तो जवान क्यों शहीद हुए? लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से राहुल गांधी सरकार पर लगातार हमलावर हैं.

20 जून को राहुल गांधी ने ट्वीट किया-

पीएम ने चीन के आक्रमण में भारतीय इलाके को लेकर आत्मसमर्पण कर दिया.

अगर चीन की ज़मीन थी तो:

1. हमारे जवान क्यों मारे गए?
2. वो कहां मारे गए?

इससे पहले 18 जून को वीडियो पोस्ट कर राहुल गांधी ने कहा था,

चीन ने हिंदुस्तान के शस्त्रहीन सैनिकों की हत्या करके एक बहुत बड़ा अपराध किया है. मैं पूछना चाहता हूं, इन वीरों को बिना हथियार खतरे की ओर किसने भेजा और क्यों भेजा? कौन ज़िम्मेदार है?

एक और ट्वीट में उन्होंने पूछा था कि हमारे सैनिकों को बिना हथियारों के शहीद होने के लिए क्यों भेजा गया? इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब देते हुए कहा,

बॉर्डर पर सभी सैनिकों के पास हमेशा हथियार होते हैं. खासकर जब वो पोस्ट छोड़ रहे होते हैं. 15 जून को गलवान में भी ऐसा ही था. 1996 और 2005 के समझौतों के तहत झड़पों के दौरान फायरिंग हथियार इस्तेमाल ना करने की प्रैक्टिस रही है.

सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री का ये बयान उन ख़बरों के बीच आया है, जिनमें कहा गया कि चीन के सैनिक लाइन ऑफ कंट्रोल (LAC) में भारत की तरफ आ गए थे. सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा,

लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए. पीएम ने कहा कि जल-थल-नभ में हमारी सेनाओं को देश की रक्षा के लिए जो करना है, वो कर रही हैं. आज हमारे पास ये क्षमता है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता.

पीएम मोदी ने कहा,

मैं आप सभी को, सभी राजनीतिक दलों को फिर से ये आश्वस्त करता हूं कि हमारी सेनाएं सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं. हमने उन्हें यथोचित कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी हुई है. चाहे ट्रेड हो, कनेक्टिविटी हो, काउंटर टेरेरिज्म हो, भारत ने कभी किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जो भी ज़रूरी कार्य हैं, जो भी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण है, उसे इसी तरह तेज गति से आगे भी किया जाता रहेगा.

पीएम मोदी ने कहा कि इस कारण जिन क्षेत्रों पर पहले बहुत नजर नहीं रहती थी, अब वहां भी हमारे जवान अच्छी तरह से मॉनिटर कर पा रहे हैं. अब तक जिनको कोई पूछता नहीं था, कोई रोकता-टोकता नहीं था, अब हमारे जवान डगर-डगर पर उन्हें रोकते हैं, टोकते हैं, तो तनाव बढ़ता है.


नेता नगरी: भारत-चीन के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर PM मोदी का स्टैंड कैसा है?

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