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आज का भूकंप बड़ी आफत का संकेत? तुर्किए भूकंप की 'भविष्यवाणी' करने वाले ने क्या कहा था?

एक तरफ 3 अक्टूबर को भूकंप का पूर्वानुमान लगाने वाले रिसर्चर के ट्वीट की चर्चा रही, तो इसी दिन भारत और उसके पड़ोसी इलाकों में एक के बाद एक छह भूकंप के झटके महसूस किए गए.

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सुरभि गुप्ता
| दिव्यांशी सुमराव
3 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 3 अक्तूबर 2023, 08:46 PM IST)
Frank Hoogerbeets who predicted the earthquakes in Turkiye and Syria
इस साल तुर्किए और सीरिया में आए भूकंप के बारे में पूर्वानुमान लगाने वाले फ्रैंक हूगरबीट्स (फाइल फोटो: आजतक)
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दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत में मंगलवार, 3 अक्टूबर को भूकंप (earthquake) के कई झटके महसूस किए गए. 3 अक्टूबर को ही नेपाल और अफगानिस्तान में भी भूकंप आया. भूकंप के इन झटकों से पहले भूकंप से जुड़ी एक और खबर सुर्खियों में रही. खबर थी डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स (Frank Hoogerbeets) के ट्वीट की. ये वही शोधकर्ता हैं जिन्होंने इस साल तुर्किए और सीरिया में आए भयानक भूकंप के बारे में पूर्वानुमान लगाया था. उस त्रासदी में हजारों लोगों की मौत हो गई थी. 

हूगरबीट्स ने अपने ट्वीट में पाकिस्तान में बड़े भूकंप की आशंका जाहिर की. उन्होंने और क्या जानकारी दी, वो आगे बताएंगे. पहले 3 अक्टूबर को महसूस किए गए भूकंप के झटकों के बारे में जान लीजिए.

एक ही दिन में 6 बार आया भूकंप!

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक 3 अक्टूबर को भूकंप का पहला झटका सुबह 11 बजकर 6 मिनट पर महसूस किया गया था. इस भूकंप का मैग्नीट्यूट यानी परिमाण (Earthquake of Magnitude) 2.7 मापा गया. इस भूकंप का केंद्र हरियाणा का सोनीपत था. इसके बाद दूसरा भूकंप 1 बजकर 18 मिनट पर आया, जिसका परिमाण 3.0 मापा गया. इस भूकंप का केंद्र असम का कार्बी आंगलोंग था. 

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वहीं तीसरा भूकंप 2 बजकर 25 मिनट और चौथा भूकंप 2 बजकर 51 मिनट पर आया. तीसरे भूकंप का परिमाण 4.6 था, वहीं चौथा भूकंप काफी जोरदार था, इसका मैग्नीट्यूड 6.2 दर्ज किया गया. दोनों ही भूकंप का केंद्र नेपाल रहा. 

फिर शाम को 4 बजकर 29 मिनट पर 4.7 मैग्नीट्यूट का भूकंप अफगानिस्तान के एक इलाके में आया. वहीं शाम 5 बजकर 4 मिनट पर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. इस तरह एक ही दिन में भारत और उसके पड़ोसी देशों में कुल छह बार भूकंप के झटके महसूस किए गए.

उत्तराखंड के HNB सेंट्रल यूनिवर्सिटी में भूगोल विभाग के हेड प्रोफेसर महावीर नेगी ने इन झटकों के बारे में कहा कि ये छोटे भूकंप बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा,

“...ये छोटे भूकंप संकेत दे रहे हैं कि एक बड़ा भूकंप आने वाला है. उस बड़े भूकंप के बाद ही कई सालों से पृथ्वी में संचित ऊर्जा बाहर निकल पाएगी. हम सभी को सचेत रहने की जरूरत है.”

प्रोफेसर महावीर नेगी ने कहा कि इसलिए भूकंपरोधी इमारतें बनाई जानी चाहिए.

क्या पाकिस्तान में बड़ा भूकंप आने वाला है?

अब बात भूकंप का पूर्वानुमान लगाने वाले फ्रैंक हूगरबीट्स के ट्वीट की, जिसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या पाकिस्तान में कोई बड़ा भूकंप आने वाला है. फ्रैंक हूगरबीट्स सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (SSGEOS) के शोधकर्ता हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि पाकिस्तान और उसके आसपास के कुछ हिस्सों में वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव दर्ज किए गए हैं जो ‘आने वाले तेज झटकों का संकेत’ है.

हूगरबीट्स ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा,

"30 सितंबर को, हमने वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव दर्ज किए, जिसमें पाकिस्तान और उसके आसपास के हिस्से शामिल थे. ये सही है. ये आने वाले तेज झटकों का संकेत हो सकता है (जैसा कि मोरक्को के मामले में था). लेकिन हम निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि ऐसा होगा ही." 

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पाकिस्तान उन देशों में से एक है जो भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं. इंडिया टुडे के प्रतीक चक्रबर्ती की रिपोर्ट में बताया गया है कि SSGEOS के अनुसार, बलूचिस्तान के चमन क्षेत्र में एक बड़े भूकंप के आने के संकेत भी मिले हैं. यहां पर SSGEOS द्वारा इलेक्ट्रिक चार्ज में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है. हालांकि, ये घटनाएं कहां होंगी, किस जगह पर होंगी, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है.

सोशल मीडिया की चर्चा के बीच हूगरबीट्स ने 'बड़े भूकंप' की अफवाहों को खारिज भी किया है. उन्होंने ट्वीट किया,

"अक्सर जब हम कहते हैं कि तेज भूकंप की आशंका है तो अफवाहें सामने आती हैं कि 'बड़ा भूकंप आएगा'. ये अफवाहें झूठी होती हैं! संकेत जरूर हो सकते हैं, लेकिन ये होगा ही ये पक्के तौर पर नहीं कह सकते."

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप विज्ञान के क्षेत्र के कई विशेषज्ञ हूगरबीट्स को एक ‘Psuedo Scientist’ मानते हैं. मतलब उन्हें असल वैज्ञानिक नहीं मानते हैं. कई एक्सपर्ट्स के मुताबिक भूकंप का पूर्वानुमान कैसे लगाया जाता है, इस बारे में हूगरबीट्स गलत धारणा को बढ़ावा देते हैं. बता दें कि भूकंप का पूर्वानुमान कैसे लगाया जाए, ये विज्ञान अभी डेवलपिंग स्टेज में है. 

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