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'मन की बात' में पीएम नरेंद्र मोदी ने कौन सी कहानियां सुनवाईं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश को संबोधित किया. मोदी ने 27 सितंबर को मन की बात में क्या-क्या ख़ास बातें कहीं, जानते हैं.

# पूरी दुनिया बदलाव के दौर से गुज़र रही है. कोरोना के इस दौर में दो गज की दूरी, मास्क अभी भी बेहद कारगर और ज़रूरी है. ये आपके लिए और आपके परिवार के लिए ज़रूरी है.

इस संकट काल ने परिवार के लोगों को करीब लाने का काम भी किया है. हमारे पूर्वजों ने जो विधाएं बनाई थीं, वो आज भी महत्वपूर्ण हैं. जैसे कि स्टोरी टेलिंग की कला. कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है, जितना कि मानव सभ्यता का. Where there is a soul, there is a story. लेकिन अब ये कला गुम होती जा रही है.

# तमिलनाडु और केरल में कहानियां सुनाने की बेहद रोचक पद्धति हैं. इसे विल्लू पाट् कहा जाता है. इसमें कहानी और संगीत का सामंजस्य होता है. चेन्नई की श्रीविद्धा वीर राघवन भी हमारी संस्कृति से जुड़ी कहानियों को प्रचारित करने में जुटी हैं. कथानक और The Indian Storytelling Network भी इस दिशा में अच्छा काम कर रही हैं.

* किस्से-कहानियों के ज़िक्र के बीच पीएम मोदी ने कहानीकार लावन्या प्रसाद से बात भी की. उनसे एक कहानी सुनाने का आग्रह किया. लावन्या ने विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय और उनके मंत्री तेनालीराम की कहानी सुनाई. जब राजा हर दिन एक ही तरह की सब्जी खा-खाकर ऊब गए थे. बावर्ची को लगे फटकारने. फिर तेनालीराम ने अपनी होशियारी से राजा के भोजन की मांग भी पूरी कर दी और बावर्ची की ये समस्या भी हल कर दी कि रोज़-रोज़ क्या बनाएं.

इसके बाद APMC Act (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी) पर बात की.

#2014 में फल और सब्जियों को APMC Act से बाहर कर दिया गया. इससे किसानों को बहुत लाभ हुआ. किसानों के पास अपने फल-सब्जियों को कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की ताकत है. धान, गेंहू, सरसों, गन्ना को भी अपनी इच्छानुसार जहां ज़्यादा दाम मिले, वहां बेचने की आजादी अब उनको मिल गई है.

पीएम ने गुज़रात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और यूपी के कुछ किसानों का उदाहरण देकर ये बताने की कोशिश की कि एपीएमसी एक्ट से किसी फसल का बाहर होना किसान के लिए कितना लाभकारी साबित होता है.

नए कृषि कानून में एपीएमसी के प्रावधानों में संशोधन किया गया है. इसी वजह से पीएम ने इस पर बात की. अंत में शहीद भगत सिंह का ज़िक्र किया, जिनकी जयंती 28 सितंबर को है.


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