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इन डॉक्यूमेंट्स के बिना दिल्ली के अस्पतालों में दिल्लीवालों का भी इलाज नहीं होगा

कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. राजधानी दिल्ली में भी 27 हज़ार से ज्यादा कन्फर्म मामले आ चुके हैं. वहीं अब लॉकडाउन भी काफी हद तक खुल गया है. इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक फरमान जारी कर दिया है. कि दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उन्हीं मरीज़ों का इलाज होगा, जो प्रामाणिक तौर पर दिल्लीवासी हैं. इसके लिए बाकायदा दस्तावेज़ों की लिस्ट भी जारी हुई है.

क्या है आदेश और क्या है वो ज़रूरी दस्तावेज़?

7 जून, 2020 को दिल्ली सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने आदेश जारी किया, जिसमें लिखा है,

‘राज्यों के बीच आवाजाही शुरू होने से दिल्ली के कोविड और नॉन-कोविड अस्पतालों में भार बढ़ जाएगा, क्योंकि देश के बाकी हिस्सों के मरीज़ दिल्ली के अस्पतालों में आने लगेंगे. ऐसा भी ऑब्जर्व किया गया है कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना के कन्फर्म मामले बढ़े हैं. इससे अस्पतालों में बेड, इन्फ्रास्ट्रक्चर और बाकी ज़रूरी सामानों की डिमांड भी बढ़ी है. इसलिए दिल्ली सरकार ये आदेश देती है कि गवर्नमेंट ऑफ NCT ऑफ दिल्ली के तहत आने वाले सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम्स में केवल उन्हीं का इलाज हो, उन्हें ही भर्ती किया जाए, जो प्रामाणिक तौर पर दिल्ली के रहने वाले हों.’

दिल्ली में रहते हो, ये दिखाने के लिए इनमें से कोई भी एक दस्तावेज़ होना ज़रूरी है-

– वोटर आईडी
– बैंक/किसान/पोस्ट ऑफिस करंट पासबुक
– मरीज़ का राशन कार्ड/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस/इनकम टैक्स रिटर्न या असेसमेंट ऑर्डर
– एड्रेस के लिए सबसे नया पानी/टेलीफोन/इलेक्ट्रिसिटी/गैस कनेक्शन का बिल. ये या तो मरीज़ के नाम पर हो, या फिर उसके करीबी रिश्तेदार जैसे पैरेंट्स वगैरह के नाम पर हो.
– सम्बंधित मरीज के पते पर आई डाक विभाग से प्राप्त कोई डाक
– नाबालिग के मामले में उसके पैरेंट्स के नाम का कोई भी उपर्युक्त कागजात मान्य होगा
– 7 जून, 2020 से पहले बना आधार कार्ड

Voter Id
दिल्ली सरकार की तरफ से जारी आदेश. (फोटो- पंकज जैन)

किन्हें छूट है?

इस आदेश में बाहर के लोगों को कुछ तरीके के इलाज में छूट दी गई है. जैसे, दूसरे राज्य के लोगों के लिए ट्रांसप्लांटेशन, कैंसर, न्यूरोसर्जरी जैसे स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट की सुविधा जारी रहेगी. इसके अलावा, NCT ऑफ दिल्ली के अंदर होने वाले सड़क हादसे और एसिड अटैक की घटनाओं के सभी विक्टिम्स का इलाज होगा, फिर चाहे वो कहीं के भी रहने वाले क्यों न हों.


वीडियो देखें: राजस्थान: प्राइवेट अस्पताल के स्टाफ ने मैसेज कर कहा- मुस्लिम मरीजों का इलाज न करें

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