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पाकिस्तान में जिसे अब प्रधानमंत्री बनाया गया है, वो दो साल जेल में रह चुके हैं

पनामा पेपर्स लीक्स ने पाकिस्तान की सत्ता को हिलाकर रख दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 67 साल के नवाज शरीफ को पनामा पेपर मामले में दोषी ठहराया और प्रधानमंत्री पद के अयोग्य करार दे दिया. मजबूरन नवाज़ को इस्तीफ़ा देना पड़ा. सत्ता को अपने घर में बनाए रखने के लिए नवाज शरीफ ने अपने भाई शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाना चाहा. लेकिन उनसे पहले शाहिद खाकान अब्बासी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन गए. ऐसा क्या हुआ कि नवाज़ शरीफ की पार्टी मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को शहबाज़ शरीफ की जगह शाहिद खाकान अब्बासी को चुनना पड़ा?

नवाज़ शरीफ अपने भाई शहबाज़ शरीफ से बात करते हुए. (Photo : Reuters)
नवाज़ शरीफ अपने भाई शहबाज़ शरीफ से बात करते हुए. (Photo : Reuters)

शाहिद खाकान अब्बासी अंतरिम प्रधानमंत्री चुने गए हैं. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उनके पक्ष में 221 वोट पड़े. 342 सदस्यीय सदन में पीएमएल-एन पार्टी की 188 सीटें हैं. विपक्ष अपनी तरफ से कोई एक उम्मीदवार तय नहीं कर पाया था. दूसरे नंबर पर रहे सईद नवीद कमर को महज़ 47 वोट मिले. जबकि तीसरे स्थान पर इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के उम्मीदवार शेख रशीद रहे. मुताहिदा कौमी मूवमेंट ने किश्वर ज़ेहरा और जमात ए इस्लामी ने शाहिबजादा तारिकुल्लाह को उम्मीदवार बनाया था.

अब्‍बासी 45 दिन तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहेंगे. उनके बाद नवाज़ शरीफ के भाई शहबाज़ शरीफ को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा. अब्बासी के प्रधानमंत्री बनने की वजह शहबाज़ शरीफ का नेशनल असेंबली का सदस्य न होना है. शहबाज़ शरीफ फिलहाल पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं.

शहबाज़ शरीफ और शाहिद खाकान अब्बासी.
शहबाज़ शरीफ और शाहिद खाकान अब्बासी.

प्रधानमंत्री बनने के लिए पाकिस्तान की नेशनल असेंबली का सदस्य होना ज़रूरी है. पीएमएल (एन) की सरकार का कार्यकाल अभी 10 महीने का बचा है. शाहबाज़ शरीफ जब नेशनल असेंबली के सदस्य चुन लिए जाएंगे, तब उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाएगा. ऐसा साल 2004 में भी देखने को मिला था. पूर्व सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ के टाइम में चौधरी शुजात हुसैन को तब तक के लिए अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था, जब तक सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने शौकत अजीज को चुन नहीं लिया था. शुजात हुसैन 30 जून 2004 से 28 अगस्त 2004 तक प्रधानमंत्री रहे थे.

शौकत अज़ीज़ (Photo : Reuters)
चौधरी शुजात हुसैन. (Photo : Reuters)

अब्बासी का राजनीतिक सफर

1988 के आम चुनाव में अब्बासी रावलपिंडी से चुनाव जीतकर पहली बार नेशनल असेंबली पहुंचे थे. 1990 में फिर चुनाव हुआ और वो दोबारा जीत गए. नवाज़ शरीफ ने उन्हें डिफेंस सेक्रेटरी बनाया था. 1993 में नवाज़ शरीफ को इस्तीफ़ा देना पड़ा था और फिर पाकिस्तान में चुनाव हुआ. इस चुनाव में अब्बासी ने तो पाकिस्तान पीपुल्स लीग (एन) के टिकट पर जीत दर्ज कर ली, लेकिन नवाज़ शरीफ की पार्टी चुनाव हार गई थी. 1997 के आम चुनाव के बाद जब नवाज़ शरीफ प्रधानमंत्री बने तो अब्बासी को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन का चेयरमैन बनाया गया था.

शाहिद खाकान अब्बासी (Photo : Reuters)
शाहिद खाकान अब्बासी (Photo : Reuters)

…और जब अब्बासी को जेल की हवा खानी पड़ी

बात 1999 की है. पाकिस्तान में तख्तापलट हो गया था. पाकिस्तान की सत्ता आर्मी चीफ परवेज़ मुशर्रफ़ ने हाइजैक कर ली थी. सेना का शासन लागू हो गया था. परवेज़ मुशर्रफ के शासन के दौरान अब्बासी को दो साल तक जेल में रहना पड़ा. 2002 में चुनाव हुआ. जेल से छूटने के बाद फिर से अब्बासी चुनाव लड़े, लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया. और वो चुनाव हार गए. 1988 से लेकर साल 2013 तक अब्बासी सात बार चुनाव लड़ चुके हैं. 2002 के चुनाव में ही उन्हें मात मिली. बाकी चुनावों में जीत का परचम ही लहराया.

एक बार फिर चुनाव जीते और मंत्री बन गए

जेल में दो साल गुज़ारने और 2002 में चुनाव हारने के बाद अब्बासी की किस्मत ने फिर पलटा मारा. वो 2008 में चुनाव जीतकर फिर से नेशनल असेंबली पहुंच गए. इस बार पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के गठबंधन की सरकार बनी. युसूफ राजा गिलानी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली. अब्बासी को वाणिज्य मंत्री बना दिया गया, लेकिन ये मंत्री पद उनके पास ज्यादा वक़्त तक नहीं रहा. इसकी वजह गठबंधन सरकार का टिके नहीं रहना बना. गिलानी की सरकार से पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) ने अपना समर्थन वापस ले लिया और अब्बासी को मंत्री पद छोड़ना पड़ गया.

नवाज़ शरीफ
नवाज़ शरीफ

2013 में नवाज़ शरीफ की पार्टी ने जीत दर्ज की और एक बार फिर अब्बासी सत्ता में आ गए. इस बार नवाज़ शरीफ ने उन्हें पेट्रोलियम मंत्री बनाया. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में पनामा पेपर्स में दोषी ठहराए जाने के बाद नवाज़ शरीफ की कुर्सी छोड़नी पड़ी. और उनकी जगह अब अब्बासी प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं.

Nawaz Sharif

अब्बासी पर भी घोटाले का आरोप

अब्बासी पर 220 अरब रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगा था. अब्बासी पेट्रोलियम मंत्री थे. 2015 में नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने मामला दर्ज किया था कि लिक्वीफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) के आयात में 220 रुपये का घोटाला किया गया है. एनएबी ने इस मामले की जांच शुरू की. एनएबी के दस्तावेजों के मुताबिक, पब्लिक प्रोक्योरमेंट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (पीपीआरए) के नियमों और संबंधित कानूनों का उल्लंघन करते हुए साल 2013 में एंग्रो कंपनी की सहायक कंपनी एलेंग्री टर्मिनल को एलएनजी आयात और वितरण का ठेका प्रदान किया गया था. हालांकि डॉन अख़बार में 2 अगस्त को छपी एक रिपोर्ट में एनएबी के हवाले से कहा गया है कि शाहिद खाकान अब्बासी के खिलाफ इस मामले को पिछले साल दिसंबर में ही बंद कर दिया गया है. क्योंकि इसमें पर्याप्त सबूत नहीं मिले.

पाकिस्तान के नए पीएम बने शाहिद खाकान अब्बासी. (Photo : Reuters)
पाकिस्तान के नए पीएम बने शाहिद खाकान अब्बासी. (Photo : Reuters)

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