Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

विधानसभा चुनावों के चलते उल्लुओं की शॉर्टेज, 4-4 लाख के बिक रहे हैं

2.09 K
शेयर्स

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिज़ोरम और तेलंगाना. कुछ में हो चुके हैं कुछ में होना बाकी हैं. कुल मिलाकर देश भर में राजनितिक माहौल गर्म है. लेकिन इसी लोकतांत्रिक उत्सव के चलते एक जीव की जान पर बन आई है. जीव का नाम है उल्लू. उल्लू, जिनकी तादात कर्नाटक में घटती जा रही है.

अब आप पूछेंगे कि कर्नाटक में तो चुनाव हैं नहीं फिर वहां के उल्लू क्यूं घट रहे हैं. लेकिन उससे महत्वपूर्ण सवाल है कि उल्लुओं का इस इलेक्शन से क्या संबंध.

तो दोस्तों अंग्रेज़ी के प्रमुख अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, तेलंगाना में राजनितिक दल अपना उल्लू सीधा करने के लिए उल्लुओं का सहारा ले रहे हैं.

क्यूं?

क्यूंकि उल्लुओं को हमेशा से ही तंत्र-मंत्र से जोड़कर देखा जाता है. साथ ही लक्ष्मी का वाहन होने के बावज़ूद इसे ‘दुर्भाग्य’ या अपशकुन का प्रतीक भी माना जाता है.

सांकेतिक तस्वीर/रायटर्स
सांकेतिक तस्वीर/रायटर्स

अब देखिए आप लोग ये मत कहना कि आदमी चांद पे पहुंच गया, और हम अब भी अंधविश्वासों में जकड़े हुए हैं. आपको नहीं पता कि कुछ लोग तो इंसान का चांद पर पहुंचना भी एक अंधविश्वास ही मानते हैं. वो क्या कहते हैं हॉक्स.

खैर, हम मुद्दे से भटक रहे हैं और उल्लू-जलूल बातें कर रहे हैं.

हां तो उल्लुओं का यूज़ खुद को जिताने के लिए नहीं प्रतिद्वंदियों को हराने के लिए किया जा रहा है. होने को दोनों ही बातें सेम हैं बस एक अंतर है. खुद चुनाव जीतना हो तो आप अपने लिए ‘शकुन’ के कार्य करते हैं, जैसे हवन यज्ञ. लेकिन अगर अपने प्रतिद्वंदी को चुनाव हराना हो तो आप उनके लिए ‘अपशकुन’ वाले कार्य करते हैं, जैसे टोना-टोटका, तंत्र-मंत्र.

बस यही किया जा रहा है. और इस टोने-टोटके और तंत्र-मंत्र के लिए ज़रूरत पड़ती है ढेर सारे उल्लुओं की. और यहां पर आड़े आ रही है इकोनॉमिक्स. ख़ास तौर पर उसका डिमांड एंड सप्लाई यानी मांग और आपूर्ति वाला चैप्टर. चुनावों में उल्लुओं की मांग बढ़ गई है. (क्या कहा? वो तो हर चुनाव में ही बढ़ जाती है? नहीं, लेकिन वो तो मेटाफर टाइप हुआ न, अबकी तो सच में मांग बढ़ गई है.)

तो, चूंकि चुनावों में उल्लु की मांग बढ़ गई है तो उनकी शॉर्टेज भी हो गई है. दूसरे राज्यों से उल्लू मंगाने पड़ रहे हैं. और तेलंगाना के सबसे नज़दीकी उल्लू प्रचुर राज्य कर्नाटक पड़ रहा है. लेकिन उल्लुओं के इस आयात-निर्यात के दौरान नियमों का सरे आम उल्लूंघन हो रहा है.

वोटिंग के दौरान की सांकेतिक इमेज (REUTERS/Danish Siddiqui)
वोटिंग के दौरान की सांकेतिक इमेज (REUTERS/Danish Siddiqui)

इस सब का पता पुलिस को तब लगा जब कलबुर्गी जिले में पुलिसकर्मियों ने 6 लोगों को उल्लू की तस्करी करते हुए पकड़ा. उन्होंने बताया कि क्यूं उल्लुओं को तेलंगाना ले जाया जा रहा था. उन्होंने ये भी बताया कि उल्लू की कीमत भी अच्छी मिल रही है. तीन से चार लाख रुपए प्रति उल्लू. इनके इतने महंगे होने का कारण है चुनाव और इकोनॉमिक्स.

तो अंत में इतना ही कहा जा सकता है –

बर्बाद गुलिस्तां करने को एक ही उल्लू काफी था,
हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा.

वैसे इसका एक उत्तर भी है –

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी….

शब्वा खैर… टेक केयर…


वीडियो देखें –

बच्चे की बलि वाली फेक मेसेज देखकर क्या बोलीं महिलाएं? –

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Owls shortage in Telangana state during election due to black magic

क्या चल रहा है?

बीजेपी ने यूपी में ओमप्रकाश राजभर को मना तो लिया, मगर किन शर्तों पर?

बीजेपी का ये कदम अब उस पर ही भारी पड़ रहा, अनुप्रिया ने कर दी है बगावत.

हम आपके हैं कौन, मैंने प्यार किया, हम साथ साथ हैं और प्रेम रतन धन पायो जैसी फ़िल्में बनाने वाले नहीं रहे

जानिए उनकी मृत्यु पर अनुपम खेर, माधुरी दीक्षित, सुभाष घई जैसे लोगों ने क्या कहा

कांग्रेस में शामिल होकर कीर्ति आजाद ने कहा 'बूथ लूटते थे कांग्रेसी'

तीन दिन पहले कांग्रेस में आए कीर्ति आजाद ने आते ही विवादित बयान दे डाला.

टिंडर पर बोली, 'जब दिल्ली पर परमाणु हमला होगा, राष्ट्रपति भवन उड़ेगा, तब पता चलेगा'

तीखी नोंक-झोंक हो गई तो लड़के से बोली 'तू जानता नहीं मैं कौन हूं.' लड़का पसीना-पसीना हो गया.

जिस ट्रेन में कल ब्लास्ट हुआ वहां चिट्ठी मिली, लिखा था: 'आरडीएक्स को मोदी के मंच पर लगाना है'

ट्रेन कालिंदी एक्सप्रेस. चिट्ठी जैश-ए-मोहम्मद की.

ट्रेन में पत्थरबाज कहकर बेल्ट से पीटा, 2 लाख का सामान छोड़कर 3 कश्मीरी ट्रेन से कूद गए

जान बचाने के लिए ट्रेन के रुकने का भी इंतज़ार नहीं किया.

ऑडी कार पर डंपर गिर गया, तीन लोग दबकर मर गए लेकिन ढाई साल का बच्चा सलामत रहा

कार पर से डंपर उठाने में एक घंटे से ज़्यादा का वक़्त लगा.

सौरव गांगुली भी गुस्से में, बोले, पाकिस्तान के साथ सारे खेल संबंध तोड़ लो

क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल सब बंद करने को कह रहे दादा.