Submit your post

Follow Us

ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर अकाल तख्त ने कहा- हर सिख खालिस्तान चाहता है

अमृतसर का स्वर्ण मंदिर. 6 जून को यहां पर कुछ सिख कट्टरपंथियों ने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए. ये लोग ऑपरेशन ब्लू स्टार की 36वीं बरसी पर यहां इकट्ठा हुए थे. वहीं अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक सिख खालिस्तान चाहता है. यदि भारत सरकार खालिस्तान देती है तो वे ले लेंगे. बता दें कि पहले भी ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर इस तरह की नारेबाजी हुई है. कुछ कट्टरपंथी संगठन सिखों के अलग देश यानी खालिस्तान की मांग करते हैं.

क्या है ऑपरेशन ब्लू स्टार

1984 में कुछ हथियारबंद आतंकी स्वर्ण मंदिर में घुस गए थे. ये सिखों के लिए खालिस्तान देश की मांग कर रहे थे. इन्हें निकालने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को कार्रवाई करने को कहा था. इसे ऑपरेशन ब्लू स्टार नाम दिया गया था. यह ऑपरेशन 1 जून से 8 जून के बीच हुआ था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 300 से 400 लोगों की इस ऑपरेशन में मौत हुई, जबकि 90 सैनिक शहीद हुए. लेकिन चश्मदीदों और एक्सपर्ट्स की मानें तो करीब 1000 लोग इस ऑपरेशन में मारे गए और 250 जवान शहीद हुए. इस ऑपरेशन में स्वर्ण मंदिर को भी काफी नुकसान हुआ था. ऐसे में हर साल 6 जून को बरसी मनाई जाती है. इस ऑपरेशन के बारे तफसील से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

अभी क्या हुआ

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इमान सिंह मान की अगुवाई में करीब 100 लोग स्वर्ण मंदिर में आए. थे. इमान सिंह पूर्व सांसद सिमरजीत सिंह मान के बेटे हैं. सिमरनजीत सिंह शिरोमणि अकाली दल अमृतसर (SADA) के अध्यक्ष हैं. सिमरनजीत सिंह तरन तारन और संगरूर से सांसद रहे हैं.

स्वर्ण मंदिर में तैनात पुलिसकर्मी. (Photo: PTI)
स्वर्ण मंदिर में तैनात पुलिसकर्मी. (Photo: PTI)

इस दौरान सिख कट्टरपंथी संगठन दमदमी टकसाल के सदस्य भी मौजूद रहे. वहीं अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) ने ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार में मारे गए लोगों के परिवारों को सम्मानित किया. इसी दौरान खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए.

‘सरकार खालिस्तान देगी तो ले लेंगे’

बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सभी सिख खालिस्तान चाहते हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, उनसे खालिस्तान को लेकर नारेबाजी का सवाल किया गया था. इस पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा,

यदि नारे लगाए जाते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है. यदि सरकार हमें खालिस्तान देती है तो फिर हमें और क्या चाहिए? हम इसे ले लेंगे. प्रत्येक सिख खालिस्तान चाहता है.

SGPC के प्रेसीडेंट गोविंद सिंह लोगोंवाल भी इस दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ ही थे. उनसे जब इस बारे में पूछा गया तो पहले उन्होंने जवाब टाल दिया. हालांकि बाद में कहा कि अगर कोई देता है तो वे ले लेंगे.

कोरोना और पाबंदियों का दिखा असर

इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा. स्वर्ण मंदिर के सभी रास्तों में बैरिकेडिंग की गई थी. आमतौर पर हर साल ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार की बरसी पर एक लाख लोग स्वर्ण मंदिर आते हैं. लेकिन कोरोना वायरस और बंदिशों के चलते इस बार 1000 लोग ही आए.


Video: बेअंत सिंह की मौत की कहानी उनके पोते की ज़ुबानी:

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

'निसर्ग' चक्रवात क्या है और ये कितना ख़तरनाक है?

'निसर्ग' नाम का मतलब भी बता रहे हैं.

कोरोना काल में क्रिकेट खेलने वाले मनोज तिवारी ‘आउट’

दिल्ली में हार के बाद बीजेपी का पहला बड़ा फैसला.

1 जून से लॉकडाउन को लेकर क्या नियम हैं? जानिए इससे जुड़े सवालों के जवाब

सरकार ने कहा कि यह 'अनलॉक' करने का पहला कदम है.

3740 श्रमिक ट्रेनों में से 40 प्रतिशत ट्रेनें लेट रहीं, रेलवे ने बताई वजह

औसतन एक श्रमिक ट्रेन 8 घंटे लेट हुई.

कंटेनमेंट ज़ोन में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाया गया, बाकी इलाकों में छूट की गाइडलाइंस जानें

गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर चरणबद्ध छूट को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं.

मशहूर एस्ट्रोलॉजर बेजान दारूवाला नहीं रहे, कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी

बेटे ने कहा- निमोनिया और ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत.

लॉकडाउन-5 को लेकर किस तरह के प्रपोज़ल सामने आ रहे हैं?

कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 31 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ सकता है.

क्या जम्मू-कश्मीर में फिर से पुलवामा जैसा अटैक करने की तैयारी में थे आतंकी?

सिक्योरिटी फोर्स ने कैसे एक्शन लिया? कितना विस्फोटक मिला?

लद्दाख में भारत और चीन के बीच डोकलाम जैसे हालात हैं?

18 दिनों से भारत और चीन की फौज़ आमने-सामने हैं.

शादी और त्योहार से जुड़ी झारखंड की 5000 साल पुरानी इस चित्रकला को बड़ी पहचान मिली है

जानिए क्या खास है इस कला में.