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डरावना! असम में तेल के कुएं से हफ्ते भर से गैस लीक हो रही, अब ब्लास्ट का ख़तरा

असम की राजधानी गुवाहाटी से करीब 490 किमी की दूरी पर है तिनसुकिया जिला. अरुणाचल यहां से 85 किमी है. इस लिहाज से तिनसुकिया राज्य का ख़ास व्यवसायिक केंद्र है. शहर में कई तालाब हैं, इसलिए असम में इसे ‘तालाबों का शहर’ भी कहते हैं. इन सबके अलावा तिनसुकिया में है पब्लिक सेक्टर कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) का एक तेल का कुआं. इसमें पिछले बुधवार यानी कि 27 मई को सुबह के साढ़े 10 बजे करीब तेज़ धमाका हुआ. धमाका होते ही कुएं के आस-पास से ज़बरदस्त गैस लीकेज शुरू हो गया.

पास में ही तमाम गांव बसे हैं. दिनभर में ही पूरा गांव खाली करा दिया गया. करीब 650 परिवारों के ढाई हज़ार लोगों को अलग जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया.

..लेकिन लीकेज नहीं रुका

एक हफ्ता होने को आ रहा है और कुएं से लगातार गैस लीक हो रही है. बीच-बीच में तेल का फव्वारा भी छूट रहा है. ऑयल कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं. उनसे लीकेज रोके नहीं रुक रहा. कह रहे हैं कि ग्लोबल एक्सपर्ट की मदद लेंगे. लेकिन कब?

कैसे हुआ लीकेज?

‘इंडिया टुडे’ से जुड़े रिपोर्टर मनोज दत्ता ने बताया –

“ऑयल कंपनियां क्रूड ऑयल खोजने के लिए ज़मीन के भीतर खुदाई करती हैं. लेकिन ज़मीन के भीतर क्रूड ऑयल से पहले होता है तमाम खतरनाक गैसों का स्टोर. कुएं के भीतर इन गैसों के प्रेशर को कंट्रोल करना ज़रूरी होता है. यही नहीं हुआ. गैस ने ऑयल पाइप फाड़ दिए और लीक होने लगी.”

10 किमी तक असर

यहां तमाम तालाब हैं. पूरे तालाबों में तेल-तेल हो चुका है. जंगल में तेल, पत्तियों पर तेल. तालाब में तेल मिल जाने से मछलियां मर रही हैं. पांच से 10 किमी की दूरी तक जो भी लोग बचे हैं, उनको आंखों में जलन हो रही. सांस लेने में दिक्कत आ रही है.

फिलहाल दिक्कत को दूर करने के लिए सिंगापुर से एक्सपर्ट बुलाए गए हैं. लेकिन ये लीकेज ठीक करने के लिए समय निकलता जा रहा है. अगर दो-तीन दिन में लीकेज ठीक नहीं हुआ, तो पाइप ब्लास्ट का भी खतरा पनपने लगेगा.


असम के इस जंगल को बचाने के लिए ट्विटर पर आंदोलन किसने चलाया है?

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