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अजित पवार पहले भी सिग्नल दे रहे थे, शरद पवार ने अनदेखा कर बड़ी गलती की

23 नवंबर 2019 की सुबह. देशभर के अखबारों में छपी खबरें झूठी साबित हुई. 22 नवंबर की रात तक ये खबर चली कि महाराष्ट्र के सियासी समीकरण में ठहराव आ चुका है. एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने वाली थी. उद्धव ठाकरे खास कीवर्ड हो गए थे. महाराष्ट्र राज्य के नए चीफ़ मिनिस्टर.

लेकिन सुबह तक नज़ारे बदले हुए थे. सीएम पद की कुर्सी उद्धव ठाकरे से खिसककर देवेंद्र फडणवीस के पास पहुंच चुकी थी. लेकिन पूरे समीकरण में एक नया नाम उभर कर सामने आया. ये नाम था अजित पवार का. एनसीपी के साहेब शरद पवार के भतीजे. अजित पवार ने फडणवीस के साथ डिप्टी-सीएम पद की शपथ ले ली थी. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के घर पर. सुबह जब ये खबर फ्लैश हुुई तो चाचा पवार तक अपने भतीजे के इस दांव से हैरान रह गए थे.

लेकिन क्या अजित पवार का ये दांव हैरान करने वाला था?

इंडियन एक्सप्रेस में एक रिपोर्ट छपी है. पार्टी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अजित पवार ने बहुत पहले ही आंखों-आंखों में इशारे कर दिए थे. कि उनका दिल कांग्रेस और शिवसेना के साथ नहीं बल्कि बीजेपी के साथ है. 17 नवंबर को एनसीपी की एक हाई लेवल मीटिंग हुई. शरद पवार इस मीटिंग के चौधरी थे. इसी मीटिंग में अजित पवार ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने पर जोर दिया था.

एनसीपी के तीन और दिग्गज नेता सुनील तटकरे, धनंजय मुंडे और प्रफुल्ल पटेल ने भी अजित पवार के इस आइडिया को सपोर्ट किया था. तटकरे और धनंजय मुंडे अजित पवार के खेमे के माने जाते हैं. इस मीटिंग में एनसीपी के अधिकतर नेता बीजेपी के साथ गठबंधन का विरोध कर रहे थे, इसलिए शरद पवार ने अजित पवार की उस राय को नकार दिया. शरद पवार ने शिवसेना-कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की राय का समर्थन किया था.

Sharad Ajit Pawar
शरद पवार और अजित पवार. फोटो : पीटीआई

18 नवंबर को शरद पवार और अजित पवार दिल्ली पहुंचे. मीटिंग करने. लेकिन दिल्ली में दोनों की मंज़िल अलग-अलग थी. एनसीपी के नेता चाचा शरद पवार सोनिया गांधी से मिले. और एनसीपी के ही नेता भतीजे अजित पवार बीजेपी नेताओं मे मिलने पहुंचे.

अजित पवार कांग्रेस-एनसीपी वाली मीटिंग में मौजूद रहते थे. 22 नवंबर को हुई शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी वाली मीटिंग में भी अजित पवार ने हिस्सा लिया था. लेकिन पूरी मीटिंग के दौरान उन्होंने एक शब्द नहीं बोला. उस दिन की मीटिंग में अजित पवार बीच में ही निकल गए. लेकिन किसी ने उसपर ध्यान नहीं दिया था. क्योंकि शरद पवार भी उसी समय मीटिंग से निकले थे. और बाहर निकलकर ऐलान किया कि उद्धव ठाकरे शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के सीएम पद के कैंडिडेट होंगे.

लेकिन 23 नवंबर की सुबह वो ट्विटर पर उन बधाई संदेशों के रिप्लाई कर रहे थे जो उनके डिप्टी-सीएम बनने पर आई थीं. देवेंद्र फडणवीस के डिप्टी सीएम.


वीडियो : अजीत पवार का ट्वीट NCP का BJP से गठबंध, शरद पवार बोले- NCP शिवसेना और कांग्रेस के साथ

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