Submit your post

Follow Us

नवाज़ की नई फिल्म की डायरेक्टर अपनी ही फिल्म देखने से लोगों को क्यों रोक रही हैं?

नवाज़द्दीन सिद्दीकी और आथिया शेट्टी की कॉमेडी फिल्म ‘मोतीचूर चकनाचूर’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी है. नतीजा ये रहा कि पहले वीकएंड पर फिल्म ने 15 करोड़ कमाए हैं. क्रिटिक्स को भी फिल्म पसंद नहीं आई है. कुल मिलाकर फिल्म औसत से भी बुरे स्तर की कही जा रही है.

लेकिन अब इस फिल्म की डायरेक्टर देबमित्रा बिस्वाल खुद लोगों से इस फिल्म को न देखने की अपील कर रही हैं. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से एक बड़ा सा पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने लिखा है कि रिलीज हुई फिल्म वैसी नहीं है, जैसी वो चाहती थीं.

उनका पोस्ट आप नीचे देख सकते हैं:

Whatsapp Image 2019 11 19 At 12.27.37 Pm

देबमित्रा का कहना है कि फिल्म को उस तरीके से एडिट नहीं किया गया जैसा वो चाहती थीं. इसलिए थियेटर्स में रिलीज हुई फिल्म वैसी है ही नहीं जैसी वो बनाना चाहती थीं. फिल्म के कुछ दमदार सीन जो उन्होंने शूट किए थे, वो फिल्म से गायब हैं. उनका कहना है कि प्रोड्यूसर्स ने न सिर्फ फिल्म बल्कि उनका करियर भी बर्बाद कर दिया है. वो चाहती हैं कि प्रोड्यूसर्स डायरेक्टर के क्रेडिट से उनका नाम हटा दें. उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा कि अगर आप अपनी रिस्क पर फिल्म देखना चाहते हैं, तो ठीक है, लेकिन अगर आपका भेजा फ्राई होता है, तो उसके लिए वो जिम्मेदार नहीं होंगी. पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा-

अनुभव मोतीचूर की तरह बहुत मीठा रहा है, लेकिन जो बनकर तैयार हुआ है, वो पूरी तरह चकनाचूर है.

पुराना है डायरेक्टर-प्रोड्यूसर्स का झगड़ा

‘मोतीचूर चकनाचूर’ के रिलीज से पहले ही प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर आपस में भिड़ चुके हैं. डायरेक्टर देबमित्रा का कहना था कि प्रोड्यूसर्स ने उनके ड्यूज क्लियर नहीं किए हैं और फिल्म रिलीज करने की तैयारी में लग गए. देबमित्रा कोर्ट पहुंच गई और फिल्म की रिलीज पर स्टे लगवा दिया.

तब उनके वकील ध्रुती कपाड़िया ने कहा था कि देबमित्रा पांच साल से स्क्रिप्ट पर काम कर रही थीं. जब उन्होंने इसे प्रोड्यूसर्स को दिखाया तो कहानी पसंद आई. प्रोड्यूसर्स और देबमित्रा के बीच तीन फिल्में बनाने का एक कॉन्ट्रेक्ट हुआ. इनमें से ‘मोतीचूर चकनाचूर’ पहली फिल्म थी. पहली फिल्म के लिए देबमित्र को 11 लाख रुपए मिलने थे. जबकि मिले सिर्फ 6 लाख रुपए. इसके बाद उनके पास एक मेल आया. उसमें मेकर्स ने कॉन्ट्रेक्ट खत्म करने की बात लिखी थी. जब उन्होंने कॉल किया तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.

लेनदेन के बाद वो मामला निपट गया लेकिन अब विवाद शुरू हो चुका है. देखते हैं मेकर्स क्या कहते हैं. लेकिन फिल्म से जुड़ी एक और बुरी बात ये है सोमवार को फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई थी. इसके बाद फिल्म की कमाई और घटने के पूरा चांसेज हैं.


Video : मरजावां कलेक्शन से सिद्धार्थ मल्होत्रा ने नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की ‘मोतीचूर चकनाचूर’ को इतने मार्जिन से पछाड़ दिया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

PM Cares के पैसों से बने वेंटिलेटर पर सवाल उठे तो बनाने वाले ने राहुल गांधी को घेर लिया

कहा कि राहुल गांधी के सामने डेमो दिखा सकता हूं.

क्या गलवान में पीछे हटकर चीन 1962 वाली चाल दोहरा रहा है?

58 साल पहले भी ऐसा ही हुआ था. पहले चीन गलवान में पीछे हटा और कुछ दिन बाद भारत पर हमला कर दिया.

सरकार ने वो आदेश दिया है कि कंपनियां मास्क और सैनिटाइज़र के दाम में मनचाहा बदलाव कर सकती हैं

राज्यों ने शिकायत नहीं की, तो सरकार ने आदेश निकाल दिया

बुरी खबर! 'मेरे जीवनसाथी', 'काला सोना' जैसी फ़िल्में बनाने वाले प्रड्यूसर हरीश शाह नहीं रहे

कैंसर से जारी जंग आखिरकार हार गए.

दिल्ली की जेल में सजा काट रहे सिख दंगे के दोषी नेता की कोरोना से मौत हो गई

विधायक रह चुके इस नेता की कोरोना रिपोर्ट 26 जून को पॉज़िटिव आई थी.

श्रीलंका का ये क्रिकेटर हत्या के आरोप में गिरफ्तार

44 टेस्ट, 76 वनडे और 26 टी20 खेल चुका है.

लेह में दिए अपने भाषण में पीएम मोदी ने चीन का नाम लिए बिना क्या-क्या कहा?

जवानों पर, बॉर्डर के विकास पर, दुनिया की सोच पर बहुत कुछ बोला है.

ICMR ने एक महीने में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च करने का झूठा दावा किया है!

क्या वैक्सीन के ट्रायल में घपला हो रहा है?

भारत-चीन के तनाव के बीच पीएम मोदी ने लद्दाख़ पहुंचकर किससे बात की?

पहले राजनाथ सिंह जाने वाले थे, नहीं गए.

मलेरिया वाली जिस दवा को कोरोना में जान बचाने के लिए इस्तेमाल कर रहे, वो उल्टा काम कर रही है?

हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन पर चौंकाने वाली रिसर्च!