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इमरान खान के बुलावे पर पाकिस्तान जाएंगे सिद्धू, सरकार से मांगी इजाज़त

नवजोत सिंह सिद्धू. पूर्व क्रिकेटर. कांग्रेस के नेता. पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री. उन्होंने पाकिस्तान जाने की इजाजत मांगी है. विदेश मंत्रालय से. विदेश मंत्री एस जयशंकर को लेटर लिखा है. इसके अलावा पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी लेटर लिखा है. गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती को लेकर करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं. 9 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए सिद्धू पाकिस्तान जाना चाहते हैं. क्योंकि पाकिस्तान ने उन्हें इनवाइट किया है.

सिद्धू ने विदेश मंत्रालय को लिखा,

‘9 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम में पाकिस्तान सरकार ने मुझे आमंत्रित किया है. एक सिख होने के नाते अपने महान गुरु बाबा नानक के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का सम्मान मिलना और अपनी जड़ों से जुड़ने का यह एक ऐतिहासिक मौका है. इस खास अवसर पर पाकिस्तान यात्रा की इजाजत दी जाए.

इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी लेटर लिखा है.

‘आपको ध्यान दिलाना चाहता हूं कि पाकिस्तान सरकार ने मुझे श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के कार्यक्रम में बुलाया है. इसलिए मुझे इस मौके पर पाकिस्तान जाने की इजाजत दी जाए.

क्यों लिखना पड़ा लेटर

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जो लोग करतारपुर जाने वाले भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी. भारत ने पाकिस्तान के साथ जो लिस्ट साझा की है उसमें केंद्रीय मंत्रियों, पंजाब सरकार के मंत्रियों के अलावा अन्य लोगों के नाम हैं. लेकिन इस लिस्ट में सिद्धू का नाम नहीं है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवीश कुमार से पूछा गया था कि क्या इस लिस्ट में सिद्धू का भी नाम है? उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने करतारपुर गलियारे के जरिए पाकिस्तान स्थित गुरद्वारा दरबार साहिब जाने वाले उद्धाटन जत्थे के संदर्भ में कहा था,

कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं होगा. जिन्हें पाकिस्तान आमंत्रित करना चाहता है, जो भविष्य में जाना चाहते हैं उन्हें सामान्य राजनीतिक मंजूरी लेनी होगी. जो विदेश की यात्रा के लिए जरूरी होती है.

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश पर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सीनेटर फैसल जावेद ने सिद्धू से संपर्क किया था. और उद्घाटन समारोह के लिए निमंत्रण भेजा था. पिछले साल अगस्त में, सिद्धू ने प्रधानमंत्री खान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया.

आस्था और इतिहास, दोनों के लिहाज से करतारपुर बहुत अहमियत रखता है. यहां का गुरुद्वारा दरबार साहिब सिखों के लिए दुनिया की सबसे पवित्र जगहों में से एक है. सिखों के इबादत की पहली जगह है ये. कहते हैं कि गुरु नानक देव ने ही करतारपुर को बसाया था. यहीं पर नानक की मिट्टी भी है. करतारपुर असल में गुरदासपुर का हिस्सा था. बंटवारे के समय सिखों को यकीन था कि करतारपुर उनके हिस्से में आएगा. मगर जब बंटवारा हुआ, तो ये जगह पाकिस्तान की हो गई. बरसों से भारत के सिख चाहते रहे कि उनको करतारपुर गुरुद्वारे तक जाने की सहूलियत दी जाए. अब उनकी मांग पूरी होने जा रही है. भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. वहीं पाकिस्तान में पीएम इमरान खान इसका उद्धाटन करेंगे. उन्होंने अपने दोस्त सिद्धू बो न्योता दिया है.


सौरभ द्विवेदी के सवाल और संबित पात्रा के जवाब

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