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कौन है वो पहला 'बाहरी' शख्स, जिसे जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिली है

संविधान का आर्टिकल 370. इसके चलते जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला हुआ था. इसके तहत राज्य से बाहर के लोगों को जम्मू-कश्मीर की नागरिकता नहीं मिलती थी. अगस्त, 2019 में ये आर्टिकल रद्द कर दिया गया. और अब पहली बार राज्य से बाहर के एक शख्स को जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिली है.

नागरिकता पाने वाले शख्स का नाम नवीन चौधरी है. वह बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं. IAS अफसर हैं और लंबे वक्त से जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे हैं. फिलहाल वो कृषि विभाग में कमिश्नर सेक्रेटरी हैं.

सीएनएन न्यूज़ 18 से जुड़े पत्रकार मुफ़्ती इस्लाह का यह ट्वीट देखिए

कैसे मिला डोमिसाइल सर्टिफिकेट?

नवीन को नागरिकता जम्मू-कश्मीर ग्रांट डोमिसाइल सर्टिफिकेट (प्रोसिजर) रूल्स 2020 के नियम 5 के तहत मिली है. इस कानून को हाल में जम्मू-कश्मीर में लागू किया गया था, जिसके खिलाफ कई संगठनों ने विरोध भी किया था. उन्हें जम्मू जिले के बाहू तहसील के तहसीलदार रोहित शर्मा ने निवासी प्रमाणपत्र दिया.

जम्मू-कश्मीर में 18 मई से नए डोमिसाइल नियम लागू

जम्मू-कश्मीर में 18 मई को नया डोमिसाइल एक्ट लागू हो गया. इसी के साथ प्रदेश में स्थानीय नागरिक प्रमाण पत्र (पीआरसी) की जगह डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है. जम्मू-कश्मीर में किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए स्थानीय निवासी होना मुख्य पात्रता है. नए नियमों के मुताबिक, डोमिसाइल सर्टिफिकेट 15 दिनों में जारी किया जाएगा.

कौन हो सकता है डोमिसाइल का पात्र?

केंद्र सरकार के अधिकारी, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, पीएसयू, सरकारी बैंकों और केंद्र सरकार की स्वायत्त संस्थाओं के अधिकारी, संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त केंद्र सरकार की अनुसंधान संस्थाओं के अधिकारी, जो 10 साल जम्मू-कश्मीर में रह चुके हैं, उन्हें डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. यानी स्थानीय निवासी का दर्जा मिलेगा.

इसके अलावा, राहत और पुनर्वास आयुक्त के यहां पंजीकृत प्रवासियों और उनके बच्चों को भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिलेगा. रोजगार, व्यवसाय, प्रोफेशन या किसी अन्य कारोबारी कारण से जम्मू-कश्मीर से बाहर रह रहे राज्य के लोगों को भी स्थानीय निवासी माना जाएगा.

पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी, सफाई कर्मचारी और दूसरे राज्यों में शादी करने वाली महिलाओं के बच्चे भी डोमिसाइल के हकदार होंगे. इन सभी के लिए 15 वर्ष तक प्रदेश में रहने समेत अन्य श्रेणी की अनिवार्यता के नियम लागू होंगे.

डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए राशन कार्ड, अचल संपत्ति रिकॉर्ड, शिक्षा प्रमाण पत्र, बिजली बिल, सत्यापित लेबर कार्ड, नियोक्ता प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज जमा करने होंगे.


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