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सांस में दिक्कत के बाद भी पुलिसवाले को इलाज नहीं मिला, अफसरों ने परिवार पर ही दोष मढ़ दिया

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. इसमें एक महिला अपने भाई को अस्पताल में भर्ती करने करने की गुहार लगाती दिख रही है. ये वीडियो मुंबई के घाटकोपर वेस्ट से BJP विधायक राम कदम ने शेयर किया. लिखा,

‘एक पुलिस वाले को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. सरकार और BMC कहती है कि रिपोर्ट का इंतज़ार करो. रिपोर्ट 48 घंटे बाद आएगी, तब तक इस पुलिसवाले की जान भगवान भरोसे?’

वीडियो में क्या बोल रही है महिला?

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला घाटकोपर की रहने वाली हैं. 7 जून को उन्होंने वीडियो डालकर अपने भाई के इलाज के लिए अपील की. भाई मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल है. वीडियो में कॉन्स्टेबल ज़मीन पर लेटे दिख रहा है, उनकी बहन उनके बगल में ही बैठी हैं. वो कह रही हैं,

‘ये मेरे भाई हैं, मुंबई पुलिस दल में काम करते हैं. दो-ढाई महीने से लोगों की सेवा कर रहे हैं. चार दिन पहले इन्हें बुखार आने लगा, जिसके बाद हम इन्हें प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए. फैमिली डॉक्टर ने देखा कि कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं हैं, इसलिए ब्लड टेस्ट कर लेते हैं, उसमें टाइफाइड निकल आया. चार दिन से उसी का इलाज चल रहा है. कल दोपहर को लेकिन उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लग गई. हम उन्हें कई सारे अस्पताल लेकर गए, लेकिन किसी ने भी भर्ती नहीं किया. फिर हमने प्राइवेट लैब में कोविड-19 टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया, वो लोग रात में सैंपल लेकर गए, जिसकी रिपोर्ट कल आएगी.’

आगे महिला कहती हैं कि उनके भाई को सांस की दिक्कत बढ़ने लगी, लेकिन कोई भी अस्पताल उन्हें एडमिट करने के लिए तैयार नहीं है. कह रहे हैं कि जब तक कोविड-19 की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन्हें नहीं लिया जा सकता, ऐसा रूल आया है. कॉन्स्टेबल की बहन ने आगे कहा,

‘जिस भी अस्पताल में हम जा रहे हैं, वो 80 हज़ार-एक लाख जमा करने के लिए कहते हैं. हम लोगों की माली हालत ठीक नहीं है, इतने पैसे अचानक कहां से लाएंगे. फिर एडमिट करने के लिए भी तैयार नहीं हैं, जहां बिस्तर मौजूद हैं, वहां पैसे बहुत मांगे जा रहे हैं. कुछ जगह तो पलंग ही नहीं है. हम मरीज़ को घर पर कैसे संभालें? अगर इन्हें तकलीफ ज्यादा बढ़ गई, या इनकी ज़िंदगी का कोई नुकसान हो गया. तो हमें कौन मदद करेगा?’

मुंबई पुलिस क्या कहती है?

राम कदम के ट्वीट पर मुंबई पुलिस ने जवाब दिया. पूरे 22-23 घंटे बाद ट्वीट करके बताया कि जिस पुलिसवाले की बात की जा रही है, उसने खुद घर पर ही रहने की बात कही थी. पुलिस ने लिखा,

‘संबंधित पुलिस अधिकारी (जो बीमार है) से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क किया गया और उन्होंने हमें कन्फर्म किया कि उन्होंने खुद अपने सीनियर्स से कहा था कि वो घर पर रहना पसंद करेंगे. हमारी टीम उनसे संपर्क बनाए हुए है. वो इस वक्त अस्पताल में भर्ती हैं और रिकवर हो रहे हैं.’

वहीं ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन जॉइंट कमिश्नर नवल बजाज के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने हेल्प लाइन नंबर पर संपर्क नहीं किया था. उन्होंने कहा,

‘कोविड-19 की वजह से जब मुंबई में दो पुलिसवालों की मौत हुई, उसके बाद से ही हमने 9137777100 हेल्प लाइन नंबर की शुरुआत कर दी थी. 26 अप्रैल से ही. और ये चौबीसों घंटे चालू रहती है. ये नंबर पुलिसवालों की मदद के लिए ही शुरू किया गया था. इससे उन्हें जानकारी मिलती है कि कहां पलंग खाली हैं और कहां नहीं. इसके अलावा कोविड-19 से जुड़ी सभी दिक्कतें वो यहां बता सकते हैं. लेकिन उन्होंने (पीड़ित परिवार) इस पर कॉल नहीं किया.’

‘दी लल्लनटॉप’ ने भी नवल बजाज से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया. वहीं पीड़ित परिवार से भी प्रत्यक्ष तौर पर संपर्क नहीं हो पाया है.


वीडियो देखें: राजस्थान: प्राइवेट अस्पताल के स्टाफ ने मैसेज कर कहा- मुस्लिम मरीजों का इलाज न करें

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